Friday, December 3, 2021

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किसान नेताओं ने कहा- 29 दिसंबर को वार्ता में सरकार स्पष्ट करे कानून वापसी की बात

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विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन का आज 33वां दिन है और किसान इन तीनों कानूनों को वापस लिए जाने की अपनी मांग पर कायम हैं। किसान संगठनों ने वार्ता के लिए सरकार के प्रस्ताव का जवाब देते हुए मंगलवार, 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे का समय दिया है। इस बीच छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कहा है कि 29 दिसंबर की वार्ता में सरकार को स्पष्ट करना होगा कि क्या वह इन कानूनों को वापस लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने का कानून बनाना चाहती है या नहीं। सरकार के इस जवाब पर ही किसान आंदोलन के आगे के कार्यक्रम तय किए जाएंगे।

कांग्रेस पार्टी के 136वें स्थापना दिवस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को किसानों की आवाज़ सुननी चाहिए। ये कहना कि ये राजनीतिक साजिश है ये एकदम गलत है। जिस तरह के लफ़्ज ये किसानों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं ये पाप है। किसानों से बात करनी चाहिए और कानून वापस लेने चाहिए।

चंडीगढ़ में कांग्रेस सेवादल के सदस्यों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के आवास के सामने कृषि कानूनों के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि राज्य में जब भी कांग्रेस की सरकार आएगी तो न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर किसानों से अनाज खरीदने को अपराध माना जाएगा। कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी वचनबद्ध है, जब कांग्रेस सरकार में आएगी तो हम कानून लाएंगे और न्यूनतम समर्थ मूल्य (MSP) से कम पर खरीदने को अपराध बनाएंगे।

वहीं, कमलनाथ के नेतृत्व में आज कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष हाथों में ट्रैक्टर के पुतले के साथ मौन धरना देकर किसानों का समर्थन किया।

केरल विधानसभा के विशेष सत्र के लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अनुमति दे दी है। अब महीने के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को सदन का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।

केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के मंत्रीमंडल ने केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर उन्हें ख़ारिज करने के लिए बीते 23 दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया था। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने पहले मना कर दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच गतिरोध शुरू हो गया था।

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए केरल के एक किसान संगठन ने उनके लिए 16 टन अनानास भेजे हैं। फल की इस खेप की कीमत और परिवहन का खर्चा पाइनएप्पल फार्मर्स एसोसिएशन द्वारा वहन किया जाएगा। संगठन के नेता जेम्स थोट्टूमेरील ने रविवार को यह जानकारी दी। कृषि मंत्री वीएस सुनील कुमार ने ‘पाइनएप्पल सिटी’ के नाम से मशहूर वाजाकुलम से बृहस्पतिवार की रात इस खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

थोट्टूमेरील ने बताया कि इस खेप के सोमवार शाम तक दिल्ली पहुंच जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि दिल्ली गुरुद्वारा के हरभजन सिंह के साथ केरल के सांसद डीन कुरियाकोस और केके रागेश फल के वितरण के लिए किसान नेताओं के साथ समन्वय करेंगे।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के बीच पंजाब में रिलाएंस जियो के मोबाइल टावर में तोड़-फोड़ जारी है और पंजाब में अब तक कुल 1,411 मोबाइल टावर तोड़े जा चुके हैं। अंबानी-अडानी के खिलाफ किसानों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। पंजाब में पिछले 24 घंटे में 176 से अधिक दूरसंचार टावरों को नुकसान पहुंचाया गया है।

इस से घबराकर पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से अपील जारी की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान में कहा, ‘मुख्यमंत्री ने कोविड महामारी के बीच दूरसंचार संपर्क व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया और किसानों से आंदोलन के दौरान उसी तरह का अनुशासन और जिम्मेदारी दिखाने को कहा, जिसे वह दिल्ली सीमा पर और पूर्व के विरोध-प्रदर्शन में दिखाते आए हैं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

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