Wednesday, October 27, 2021

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अमरीकी हमले में ईरानी कुद्स फोर्स के मुखिया जनरल कासिम सुलेमानी की मौत

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अमरीका ने ईरान की कुद्स फोर्स के मुखिया जनरल कासिम सुलेमानी को एक हमले में मार दिया है। बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमरीका ने उन पर हवाई हमला किया। इस हमले में कताइब हिज़बुल्लाह के कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस भी मारे गए।

अमरीकी रक्षा विभाग की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर विदेश में रह रहे अमरीकी सैन्यकर्मियों की रक्षा के लिए क़ासिम सुलेमानी को मारने का कदम उठाया गया। अमरीका ने उन्हें आतंकवादी घोषित कर रखा था। हालांकि माना जा रहा है कि अमरीका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर इस हमले को अंजाम दिया गया है।

अमरीका ने अपने बयान में कहा है कि सुलेमानी बीते 27 दिसंबर समेत, कई महीनों से इराक़ स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमलों को अंजाम देने में शामिल रहे हैं। इसके अलावा बीते हफ़्ते अमरीकी दूतावास पर हुए हमले को भी उन्होंने अपनी स्वीकृति दी थी।

अमरीकी मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि जनरल सुलेमानी और ईरान समर्थित मिलिशिया के अधिकारी दो कारों से बगदाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ जा रहे थे। उसी वक्त एक कार्गो इलाके में अमरीकी ड्रोन ने उन पर हमला किया।

जनरल सुलेमानी ईरान के लिए एक ख़ास शख़्सियत थे। उनकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी क़ुद्स फोर्स सीधे देश के सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली ख़ामेनेई को रिपोर्ट करती है। सुलेमानी की गिनती अमरीका के बड़े दुश्मनों में होती थी। अमरीका के कट्टर प्रतिद्वंद्वी ईरान के लिए वह कितने अहम थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पश्चिम एशिया के किसी भी मिशन को वही अंजाम देते थे।

उन्हें ईरान में इज्जत की नजर से देखा जाता था। उनकी पहचान एक वीर योद्धा की थी। उनकी मौत पर ईरान में गम की लहर है। सुलेमानी को ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह अली ख़ामनेई ने ‘अमर शहीद’ का ख़िताब दिया है।

बगदाद को इस्लामिक स्टेट से बचाने के लिए उनके ही नेतृत्व में ईरान समर्थक पॉप्युलर मोबिलाइजेशन फोर्स का गठन हुआ था। उन्होंने ईराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट का मुकाबला करने के लिए कुर्द लड़ाकों और शिया मिलिशिया को एकजुट करने का काम किया था। ईराक में ईरान के समर्थन से तैयार पॉप्युलर मोबिलाइजेशन फोर्स को कासिम ने ही तैयार किया था।

जनरल सुलेमानी की पहचान एक योद्धा की ही नहीं थी बल्कि वह ईरान के लिए एक बड़े रणनीतिकार भी थे। उन्होंने यमन से लेकर सीरिया तक और इराक़ से लेकर दूसरे मुल्कों तक रिश्तों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। इसका मकसद इन देशों में ईरान के असर को बढ़ाना था।

जनरल सुलेमानी की मौत को ईरान के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इससे ईरान और इसकी समर्थित मिडिल ईस्ट ताक़तें अब इसराइल और अमरीका के ख़िलाफ़ हमलावर हो सकती हैं।

ईरान ने सुलेमानी की जगह इस्माइल कानी को नया कमांडर बनाया है। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने अपनी सरकारी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर लिखा है कि कि जनरल कासिम सुलेमानी की शहादत के बाद, मैं ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी को इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की कुद्स फोर्स का कमांडर नियुक्त करता हूं।

इस बीच रूस ईरान के समर्थन में आ गया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमरीका के इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा। सुलेमानी की हत्या एक खतरनाक कदम है। उधर, फ्रांस ने भी रूस के बयान को दोहराते हुए कहा है कि ईरानी जनरल की हत्या के बाद दुनिया अब और खतरनाक हो गई है। वहीं, चीन ने अमरीका और ईरान दोनों से संयम बरतने की अपील की है।

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