पीएम मोदी की नई मंत्रिपरिषद: 19 मंत्रियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज

Estimated read time 1 min read

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण किए गए 71 मंत्रियों में से 28 (39 प्रतिशत) मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि दो मंत्रियों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा 307) से संबंधित मामले घोषित किए हैं।

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में शामिल 19 मंत्रियों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले शामिल हैं।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच ने प्रधानमंत्री सहित 2024 के लोकसभा चुनाव और वर्तमान राज्यसभा के 72 मंत्रियों में से 71 के स्व-शपथ पत्रों का विश्लेषण किया है। विश्लेषण किये गये 71 मंत्रियों में से 28 (39 प्रतिशत) मंत्रियों ने अपने विरुद्ध आपराधिक मामले घोषित किये हैं, जबकि दो मंत्रियों ने अपने विरुद्ध हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा 307) से संबंधित मामले घोषित किये हैं।

ये दोनों मंत्री भाजपा नेता शांतनु ठाकुर और सुकांत मजूमदार हैं जो क्रमशः पश्चिम बंगाल के बनगांव (एससी) और बालुरघाट निर्वाचन क्षेत्रों से विधायक हैं। ठाकुर के खिलाफ 23 मामले दर्ज हैं, जबकि मजूमदार के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं।

उन्नीस मंत्रियों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। गंभीर आपराधिक मामलों के मानदंड में ऐसे अपराध शामिल हैं जिनके लिए अधिकतम सजा 5 साल या उससे अधिक है; गैर-जमानती अपराध, चुनावी अपराध (उदाहरण के लिए IPC 171E या रिश्वतखोरी), राजकोष को नुकसान पहुंचाने से संबंधित अपराध; हमला, हत्या, अपहरण, बलात्कार से संबंधित अपराध, महिलाओं के खिलाफ अपराध, भ्रष्टाचार के मामले, आदि।

जिन पांच मंत्रियों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले हैं, वे हैं: भाजपा नेता करीमनगर निर्वाचन क्षेत्र से बंदी संजय कुमार, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार, केरल के त्रिशूर से सुरेश गोपी, ओडिशा के सुंदरगढ़ सीट से जुएल ओराम।

मोदी 3.0 मंत्रिमंडल के आठ मंत्रियों ने अपने खिलाफ घृणास्पद भाषण से संबंधित मामले घोषित किए हैं। आठ पर हेट स्पीच के मामले दर्ज हैं। जिन आठ मंत्रियों पर नफरत फैलाने वाले भाषण का आरोप लगाया गया है, इनमें अमित शाह, गिरिराज सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और कनिष्ठ मंत्री बंडी संजय कुमार, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार, शोभा करंदलाजे और नित्यानंद राय शामिल हैं।

अमित शाह और नित्यानंद राय समेत इनमें से कई मंत्रियों को उच्च न्यायालयों से राहत मिल चुकी है। शाह पर 2019 में कोंटाई में मामला दर्ज किया गया था, क्योंकि उन्होंने कहा था कि उस साल लोकसभा चुनाव में वोटों की गिनती होने पर ममता बनर्जी की सरकार गिर जाएगी और वह हिंसा भड़का सकती हैं।उस साल बंगाल में भाजपा की सीटों की संख्या दो से बढ़कर 18 हो गई थी, लेकिन तृणमूल की 22 सीटों से कम रही।

नित्यानंद राय पर 2018 में बिहार के अररिया में उपचुनाव प्रचार के दौरान यह कहने के लिए मामला दर्ज किया गया था, ‘अगर राजद उम्मीदवार सरफराज आलम अररिया से चुनाव जीतते हैं, तो यह क्षेत्र आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) का अड्डा बन जाएगा।’ आलम ने उपचुनाव जीता था।

गंभीर मामलों का सामना कर रहे मंत्रियों की संख्या 2019 में 29 प्रतिशत से घटकर इस साल 27 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, 2014 में यह आंकड़ा सिर्फ 17 प्रतिशत था।

नवनियुक्त मंत्रियों की अन्य टिप्पणियों के कारण उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई, जिसमें गिरिराज सिंह की 2019 के चुनावों के दौरान बिहार के बेगूसराय में की गई टिप्पणी भी शामिल है। उन्होंने वहां कहा था, ‘जो लोग वंदे मातरम नहीं कह सकते या मातृभूमि का सम्मान नहीं कर सकते, राष्ट्र उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। मेरे पूर्वज सिमरिया घाट पर मरे थे और उन्हें कब्र की जरूरत नहीं थी, लेकिन आपको तीन हाथ की जगह चाहिए। उन्होंने बेगूसराय जीता था।

करंदलाजे पर दो एफआईआर लंबित हैं। मार्च में उन्होंने कहा था कि कर्नाटक के बाहर के लोगों ने कथित तौर पर वहां अपराध किए हैं। 2020 में उन्होंने दावा किया था कि नई नागरिकता व्यवस्था का समर्थन करने के लिए केरल में लोगों को पानी नहीं दिया गया।

छह मंत्रियों के पास 100 करोड़ से अधिक संपत्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में शपथ लेने वाले छह मंत्रियों की संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, 71 में से 70 मंत्री करोड़पति हैं या उनके पास कम से कम 1 करोड़ रुपये की संपत्ति है। सबसे अधिक घोषित संपत्ति वाले छह लोगों में शामिल हैं- डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी के पास 5,705 करोड़ रुपये, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के पास 424 करोड़ रुपये, एचडी कुमारस्वामी के पास 217 करोड़ रुपये, अश्विनी वैष्णव के पास 144 करोड़ रुपये, राव इंद्रजीत सिंह के पास 121 करोड़ रुपये और पीयूष गोयल के पास 110 करोड़ रुपये की संपत्ति है।

गृह राज्य मंत्री बंदी कुमार संजय के खिलाफ 42 मामले दर्ज हैं, जिनमें कम से कम 30 ‘गंभीर आरोप’ हैं, जबकि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग के कनिष्ठ मंत्री शांतनु ठाकुर के खिलाफ 23 मामले दर्ज हैं, जिनमें 37 गंभीर आरोप हैं।शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं, जिनमें 30 गंभीर आरोप हैं।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं)

You May Also Like

More From Author

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments