मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, दंगाइयों ने  घरों में लगाई आग

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मणिपुर की राजधानी इंफाल में 22 मई को फिर हिंसा भड़क गई। जिसके बाद सुरक्षा बलों की  चौकसी और कर्फ्यू को बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री नोंगथोम्बम बीरेन सिंह ने कहा कि दोबारा भड़की हिंसा को काबू में करने के लिए हिंसा के जिम्मेदार एक पूर्व-विधायक को सुबह 10 बजे एक बैरल बंदूकों से लैस दो लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया। पूर्व विधायक सड़क के किनारे दुकानदारों और ज्यादातर महिलाओं, को न्यू चेकॉन इलाका खाली करने की धमकी दे रहे थे। 

अधिकारियों के मुताबिक धमकी की खबर फैलते ही भीड़ वहां पहुंच गई और पिछली बार हिंसा में पलायन किए लोगों के खाली पड़े घरों में आग लगा दी। सेना और अर्धसैनिक बल के जवानों ने हालात को काबू में किया। 12 घंटे से भी कम समय में यह दूसरी ऐसी घटना थी। रविवार की रात, इंफाल पश्चिम जिले में दोनाली बंदूक लिए एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें तीन लोग मामूली रूप से घायल हो गए। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। अर्धसैनिक बल 22 मई, 2023 को इंफाल के न्यू लम्बुलेन इलाके में उस जगह पहुंचे, जहां उपद्रवियों ने खाली घरों में आग लगा दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “पिछले 10 दिनों में मणिपुर में धीरे-धीरे शांति लौट रही थी। लेकिन कल हुई मामूली झड़प के बाद आज एक और घटना इंफाल के बीचो-बीच हुई। एक पूर्व विधायक और कुछ हथियारबंद लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।” उन्होंने ये भी कहा कि पूर्व विधायक हथियारबंद लोगों को भड़काने का काम कर रहे थे।

उन्होंने लोगों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी वाली सरकार की शांति-निर्माण प्रक्रिया पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “जब भी आपको कोई संदेह हो, तो कृपया पुलिस और इमरजेंसी नंबरों पर संपर्क करें।” 

एक रक्षा बयान में कहा गया है कि चुंगखोमांग किपगेन नामक एक व्यक्ति को इंफाल पश्चिम जिले से 12 बोर की एक बन्दूक और सात कारतूस के साथ पकड़ा गया था, जो रविवार रात गांव मोइदांगपोक में गोलीबारी की घटना में शामिल पाया गया था। हिंसा में तीन घायलों को इलाज के लिए क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल भेज दिया गया है।

सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने सोमवार सुबह न्यू चेकोन इलाके में सड़क के किनारे दुकानदारों को धमकी देने के बाद दो सिंगल-बैरल 12-बोर बंदूकों के साथ तीन संदिग्ध उपद्रवियों को भी पकड़ा। हिंसा के बाद से राज्य सरकार ने इम्फाल में कर्फ्यू में छूट के समय में तीन घंटे कम कर दिया है। घटना से पहले ये छूट सुबह 5 बजे से शाम 4 बजे तक थी।

शिलांग में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने कहा कि उनकी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने मणिपुर में शांति के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। मणिपुर में एनपीपी के सात विधायक हैं। उन्होंने कहा कि, “हम अलग-अलग समुदायों और इलाकों तक पहुंचेंगे ताकि हम मणिपुर में शांति वापस ला सकें।”

श्री संगमा ने कहा कि मणिपुर में अलग-अलग समुदायों के मुद्दों को बातचीत और विश्वास-निर्माण उपायों के जरिये सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि” मुद्दों को हल करने के लिए मणिपुर सरकार और केंद्र को बहुत कुछ करना होगा।”

मणिपुर में मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के कदम का विरोध करने के लिए ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के बाद 3 मई को आदिवासी कुकी और गैर-आदिवासी मेइती समुदायों के बीच जातीय हिंसा छिड़ गई। राज्य के 16 जिलों में से 11 पर हिंसा का व्यापक असर देखा गया। जिनमें से छह जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। हिंसा में 71 लोग मारे गए और 35,000 लोग बेघर हो गए।

अधिकारियों ने कहा कि मोबाइल फोन इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं को तीन मई से निलंबित कर दिया गया है। सड़क परिवहन बंद होने के कारण जरूरी चीजें जैसे ईंधन और जीवन रक्षक दवाओं की कमी हो गई है।

( कुमुद प्रसाद जनचौक की सब ए़डिटर हैं।)

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