लखनऊ। भाकपा (माले) ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जंतर मंतर पर 23 दिनों तक अनशन करने वाली नेहा बोरा पर रांची (झारखंड) में छात्र-युवाओं के विधानसभा मार्च के दौरान एक व्यक्ति द्वारा स्याही से हमला करने की कड़ी निंदा की है।
पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमला संघ-भाजपा की परियोजना का हिस्सा है। वे छात्रों और जेन-जी को हतोत्साहित करना और डराना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि छात्र-युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपरलिक व नई शिक्षा नीति जैसे प्रश्नों पर संघर्ष में आगे बढ़ें और सरकार से जवाबदेही की मांग करें। वे नहीं चाहते कि धर्मेंद्र प्रधान के बाद शाह और मोदी का नंबर आये।
माले नेता ने कहा कि संघ-भाजपा को गलतफहमी है कि जिन छात्र-युवाओं ने दिल्ली में पैलेट गन व पुलिस की लाठियों का सामना किया, वे स्याही से डर जाएंगे। इसलिए व ऐसी शर्मनाक व नफरती हरकतों से बाज आएं। उन्होंने मांग की कि झारखंड सरकार ऐसे तत्वों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करे।
(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)