पंजाब में बीते हफ्ते से चल रहे ‘ऑपरेशन अमृतपाल सिंह खालसा’ की बाबत एक सवाल यह भी सुलग रहा था कि सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस पर खामोश क्यों हैं? मुख्यमंत्री ने कड़े तेवरों के साथ अपनी चुप्पी तोड़ी है।
वह वीडियो के जरिए मुखातिब हुए और कहा कि पंजाब को अफगानिस्तान नहीं बनने देंगे। पंजाब विरोधी ताकतों को ध्वस्त किया जाएगा और सूबे को और ज्यादा प्रगतिशील, अमन,सद्भाव तथा खुशहाली की राह पर लाने की हर संभव कोशिश की जाएगी। कतिपय लोग अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए राज्य को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। इस कवायद को नाकाम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तथाकथित धर्म प्रचारक यह कर रहे हैं, उनका पंजाब और पंजाबियत से कोई लेना-देना नहीं। वे महज राज्य की अमन-शांति को भंग करना चाहते हैं। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब और यहां के लोगों के दुश्मन नेताओं को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
अपने संक्षिप्त संबोधन में मुख्यमंत्री ने अमृतपाल सिंह खालसा का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों-इशारों में कहा कि दूसरे परिवारों के बेटों को हथियार उठाने का उपदेश देना बहुत आसान है, लेकिन ऐसे प्रचारक जब कड़वी हकीकतों का सामना करते हैं तो इन बातों से भागते हैं। मान ने कहा कि पंजाबियों को ऐसे कथित प्रचारकों से किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उनकी यहां के लोगों के साथ कोई जज्बाती लगाव नहीं है।
मान ने कहा कि ऐसे लोगों का एकमात्र मकसद अपने दंगाई विचारों के जरिए पंजाब में आम नागरिकों के लिए मुसीबतें खड़ी करना है। राज्य सरकार हर कीमत पर पंजाब में शांति, सद्भावना और भाईचारे की विरासत को बरकरार रखने के लिए वचनबद्ध है। युवाओं को मजहब के नाम पर चलाई जा रही फिरकापरस्त फैक्ट्रियों का कच्चा माल नहीं बनने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज शिक्षा का युग है और विश्व भर में ज्ञान व अनुभव वाले लोग पहचाने जाते हैं। जिन हाथों में किताबें, मैडल और लैपटॉप होने चाहिए उन हाथों में हथियार थमा कर उन्हें उजाड़ने की साजिश रची जा रही है।
पंजाब के लोगों को किसी भी सूरत में सांप्रदायिक आधार पर नहीं बांटा जा सकता। पंजाबी अमन पसंद है और ऐसी किसी भी कोशिश के खिलाफ खड़े होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भी ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी जो सूबे में माहौल बिगाड़ने की साजिश करेंगे।
(अमरीक सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और पंजाब में रहते हैं।)
+ There are no comments
Add yours