Wednesday, December 8, 2021

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अरुंधति रॉय

हम जेब में लेकर नहीं घूम सकते हैं अपना दुश्मन: पेगासस पर अरुंधति रॉय

भारत में मौतों की मनहूसी का मौसम बड़ी तेज़ी से जासूसी के मौसम में बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर उतर गई है, और अपने पीछे छोड़ गई है अंदाज़न 40 लाख भारतीयों की मौतें।...

हम पर नरपिशाचों का राज है: स्टेन स्वामी की मौत पर अरुंधति

भारत के वंचितों की सेवा में अपनी जिंदगी के दशकों खर्च कर देने वाले 84 साल के जेसुइट पादरी फादर स्टेन स्वामी को कष्टदायक हिरासत में रखकर लोकतंत्र के इस सब्जबाग में आहिस्ता-आहिस्ता कत्ल कर दिया गया। इसके लिए...

हमें सरकार चाहिए!

हमें सरकार की जरूरत है। बहुत बुरी तरह से। जो हमारे पास है नहीं। सांस हमारे हाथ से निकलती जा रही है। हम मर रहे हैं। हमारे पास यह जानने का भी कोई सिस्टम नहीं है कि जो मदद...

“हम मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों के गवाह बन रहे हैं”

उत्तर प्रदेश में 2017 में सांप्रदायिक रूप से एक बहुत ही बंटे हुए चुनावी अभियान के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मैदान में उतरे तो हालात की उत्तेजना और बढ़ गई। एक सार्वजनिक मंच से उन्होंने राज्य...

जुझारू तरीके से लड़ा जाए और खूबसूरत तरीके से जीता जाए, नफरत के खिलाफ मुहब्बत की लड़ाई: अरुंधति

(कल पुणे में एलगार परिषद की बैठक आयोजित की गयी थी। जिसमें तमाम बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मानवाधिकार कर्मियों के साथ मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय ने भी हिस्सा लिया। इस मौक़े पर हिंदी में दिया गया उनका भाषण जिसका अनुवाद...

किताब को पाठ्यक्रम में बनाए रखने के लिए लड़ना मेरा कर्तव्य नहीं: अरुंधति रॉय

नई दिल्ली।(मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय की किताब 'वाकिंग विद द कॉमरेड्स' को तमिलनाडु के मनोमणियम सुंदरानर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला संघ से जुड़े संगठन विद्यार्थी परिषद के दबाव में लिया...

साजिशों की सत्ता और आजाद लोकतंत्र की गुलाम ज़िंदगियां

जब दीवाली करीब आ रही है, और हिंदू लोग अपने राज्य में (और उस नए भव्य मंदिर में, जो अयोध्या में उनके लिए बनाया जा रहा है) भगवान राम की सफल वापसी का उत्सव मनाने की तैयारियां कर रहे...

भारत के लिए शर्म का दिन

क्या ऐसा हो सकता है कि पांच अगस्त, 2020 का दिन वास्तव में वह नहीं है जो इसे समझा जा रहा हो? क्या शर्म लंगड़ाते हुए शोभा की चोटी तक पहुंच गई हो?5 अगस्त, 2019, एक साल पहले कड़े...

हम तंगदिल, क्रूर और कमजोर दिमाग के लोगों से शासित हैं : अपने दोस्त साई बाबा को लिखे खत में अरुंधति राय

(मशहूर लेखिका अरुंधति राय ने नागपुर सेंट्रल जेल में बंद प्रोफेसर जीएन साई बाबा को खत लिखा है जिसमें उन्होंने अपनी मुलाकातों के भावुक क्षणों का जिक्र किया है। साथ ही इस दौर में देश की सत्ता और उसकी...

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सरकार की तरफ से मिले मसौदा प्रस्ताव के कुछ बिंदुओं पर किसान मोर्चा मांगेगा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा को सरकार की तरफ से एक लिखित मसौदा प्रस्ताव मिला है जिस पर वह...