गर्मी प्रचंड है-इतनी प्रचंड कि कहीं ट्रैक्टर के बोनट पर रोटियां सेंकने तो कहीं रेत में पापड़… Read More
बादल सरोज
पहले आम चुनाव के बाद 1977, 84 और 89 को छोड़कर इस बार का चुनाव भारत के… Read More
सिर्फ श्याम रंगीला ही परेशान नहीं है- नामी स्टैंडअप कॉमेडियन्स की टी आर पी गिरने की आशंकाएं… Read More
यूं तो मोदी हर रोज अपनी चुनावी सभाओं में कुछ न कुछ ऐसी लम्बी फेंकते ही रहते… Read More
3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस था। पर कुछ गुणी और सुधी मित्रों की ऐसी टिप्पणियां… Read More
अभी नौतपा शुरू नहीं हुआ है – तब तक तो लू भी चलना शुरू नहीं हुआ था,… Read More
सामान्यतः होता यह है कि जब चुनाव चल रहे होते हैं तब गुंडे– जिन्हें न जाने क्यों… Read More
सूरत में जो हादसा हुआ है वह किसी भी सभी समाज और परिपक्व लोकतंत्र पर एक… Read More
मतदान की शुरुआत होने में जब महज पांच दिन बचे थे तब कहीं जाकर मौजूदा सत्ता पार्टी… Read More
जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं, जैसे-जैसे पांव के नीचे की जमीन खिसकने का अहसास बढ़ता… Read More