Thursday, December 9, 2021

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गोपाल अग्रवाल

राजनीति की पवित्रता

सिविल सोसाइटी की अहमियत राजनीतिक दलों से ऊपर है। अन्य देशों में इसे प्रेशर ग्रुप के नाम से लोकतंत्र का सबसे प्रभावशाली टूल माना गया है। राजनीतिक दल अपनी नीतियां घोषित करते हैं तथा सरकार मिलने पर उन नीतियों...

समाजवादियों के पास है सुचारू व्यवस्था

अर्थव्यवस्था के सभी अनुमान ढलान की ओर हैं। वर्तमान सत्ता-पार्टी अफवाहों की विशेषज्ञ है। व्यवस्था संभालना इनको नहीं आता। पशुपालन, खेती, उद्योग, चिकित्सा तथा भूख की समस्या से अनभिज्ञ है। यही कारण है कि जीडीपी गिर रही है। जिस जीएसटी को ये...

नफरत और घृणा के ध्वजाधारियों के अंत की शुरुआत

नागरिक के दैनिक जीवन की बेहतरी के लिए योजनाओं की रूपरेखा व पढ़ाई-दवाई पर कोई राजनीतिक दल ठोस समयबद्ध कार्य योजना प्रस्तुत नहीं कर रहा है। टेलीविजन पर प्रायोजित वाकयुद्ध का अभिनय एक दूसरे वर्ग के अज्ञानी लोगों के मन...

चुनावों में रणनीति के मोर्चे पर विपक्ष खा रहा है मात

असम चुनाव परिणाम के बाद धीरे-धीरे परिकल्पनाओं की परतें खुल रही हैं। कांग्रेस का आरोप है कि असम जातीय परिषद तथा रायजोर दल ने चुनाव में भाजपा की मदद की क्योंकि इन दोनों दलों का गठन सीएए के विरुद्ध...

अभी बात पश्चिमी बंगाल की, उत्तरप्रदेश की बाद में करेंगे

अभी बात पश्चिमी बंगाल की, उत्तर प्रदेश की बाद में करेंगे। वामपंथियों के किले के ध्वस्त होने पर टीले जितना भी न बच पाने के कारण ढूँढेंगे। वर्ष 1972, पं. बंगाल में राजनीतिक उठापटक व बारम्बार के मध्यावधि चुनाव व...

मौतों के पीछे लीची नहीं, असल वजह है कुपोषण

बिहार लीची की खेती के लिए मशहूर है। मुजफ्फरपुर की लीची देश विदेश में लोकप्रिय है। गर्मियों में वहां लीची के साथ बच्चों की अकाल मृत्यु भी आती है। किंवदंती है कि लीची की कुछ नस्लें जहरीली हैं जिनको...

रोजगार के मामले में प्रयागराज के बाद मेरठ फिसड्डी

बात चौंकाने वाली है, किन्तु भारत सरकार के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (National Sample Survey Office) की रिपोर्ट बताती है कि बेरोजगारी की दर में मेरठ 8.5% के हिसाब से देश में दूसरे नम्बर पर है। पहला स्थान 8.9% की दर पर प्रयागराज...

टोपी का रंग और उसकी राजनीति

'विधान मंडल पहनावे अथवा भाषाओं को परिभाषित, निर्देशित अथवा  उपहासित करने का सभाकक्ष नहीं है।’ सत्तर के दशक की बात है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक बड़े नेता नवागन्तुक सदस्यों के बोलने-बैठने के आचरण के विषय में भाषण कर...

राजनीति की धमनियों में है युवा खून की दरकार

यदि कोई बीमार है, पचास तरह की बीमारियां हैं, जुकाम से लेकर सारे शरीर में दर्द, दिल भी खराब, जिगर भी कमजोर, किडनी भी ठीक काम नहीं कर रही, तो क्या करेंगे? जाहिर है डॉक्टर ही देखेगा। डॉक्टर अकेले...

छोटे उद्योगों को अर्थव्यवस्था के आकाश में ऊंचा उड़ने का हौसला देने की जरूरत

गंगा किनारे एक करोड़ दीयों में इतना प्रकाश नहीं कि भटके पथिक को रास्ता दिखा दें परंतु गांव की झोपड़ी का दीया भटकों को रात गुजारने की आस देता है। भारत की जीडीपी का दीया एमएसएमई है। कुल चार करोड़...

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राजधानी के प्रदूषण को कम करने में दो बच्चों ने निभायी अहम भूमिका

दिल्ली के दो किशोर भाइयों के प्रयास से देश की राजधानी में प्रदूषण का मुद्दा गरमा गया है। सरकार...