प्रफुल्ल कोलख्यान

तर्कसंगत होने की स्वतंत्रता और विचार लोकतंत्र के कायम और जारी रहने को सुनिश्चित करता है

जीवन में आस्था और विश्वास का अपना महत्व है। आस्था और विश्वास मन को शांत और समृद्ध… Read More

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: महिला दिवस रिवाज नहीं, इतिहास की गहरी घाटियों से आती हुई आवाज है

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ‎है। आज महिला दिवस की प्रेरणा और परिस्थिति को याद करने का दिन… Read More

लोकतंत्र में मतदाताओं को भरोसा की तलाश है, तो चुनावी भरोसा हो सकता है फिजिटली फिट!

भरोसा बचाना और भरोसा के काबिल बने रहना जीवन सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। बहुत कुछ खोकर… Read More

‘बड़ों के वर्चस्व’ का इनकार और ‘छोटों के सर्वस्व’ के स्वीकार का मार्मिक और न्याय ‎‎संगत आश्वासन है लोकतंत्र ‎

‎मतदान के लिए मन बनाते समय आम नागरिकों को किसानी अर्थव्यवस्था से जुड़ी ‎समस्याओं, सुरसा के मुंह… Read More

लोकतंत्र में ‘व्यावहारिक अड़चनों’ ‎को दूर करने का उपाय है चुनाव

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी दान (Electoral Bonds) के संदर्भ में एक बहुत संवेदनशील निर्णय सुनाया था। न… Read More

आदर्श का औपचारिक बनकर रह जाना भावात्मक और बौद्धिक दुर्गति की कथा लिखता है

केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रेस वार्ता में राजनीतिक दलों एवं प्रचारकों से अनुरोध और अपील किया है… Read More