प्रफुल्ल कोलख्यान

टरकाव और टकराव की राजनीति के बीच कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीति का मर्म

राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हैं। लोग जुट रहे हैं। पत्रकार चिंता में हैं। देश… Read More

लोकतंत्र के चित्त में चौसर की बिसात बिछ गई है! हम एक असंभव दौर से गुजर रहे हैं!

पूरे देश में अभाव और अकाल का कोलाहल है। आंदोलन है। हाहाकार है। मोटरी-गठरी संभालते हुए, जनता… Read More

सामाजिक अन्याय और आर्थिक अन्याय के द्वंद्व विकार और सामाजिक लोकतंत्र की व्यथा कथा

अभी-अभी अयोध्या के भव्य और दिव्य मंदिर में रामलला की प्रण-प्रतिष्ठा का आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ है।… Read More

गिरोही चरित, छल-छलावा-छर्रा का खन-खन और छम-छम के माहौल में लोकतंत्र बेदम

अभी-अभी देश में इतने धूमधाम से धीर, उदात्त ललितचरित के आदर्श- मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा हुई… Read More

लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक सत्ता-हवस और कॉर्पोरेटी धन-हवस का इलाज मतपेटी में है

यह मान लेना चाहिए कि किसानी की समस्याओं को ठीक से समझने के प्रति हमारी राज्य-व्यवस्था कभी… Read More

खेल-खेल में, क्या खेल हुआ! लोकतंत्र क्या, फेल हुआ!

नौवीं बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने हैं। बिहार विधान सभा के अंदर सरकार में विश्वासमत के प्रति… Read More

रोजी-रोजगार विमुख लाभार्थी योजना कल्याणकारी नहीं है, न सेंगोल ही संवैधानिक न्याय का प्रतीक है

सत्रहवीं लोक सभा का अवसान हो चुका है। याद करें तो, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई जा… Read More

भारत जोड़ो न्याय यात्रा और बुलडोजर न्याय के साए में होने वाले आम चुनाव का महत्व ?

सामने है-2024 का आम चुनाव। चुनावी माहौल में चल रही है भारत जोड़ो न्याय यात्रा। अचरज की… Read More