प्रताप भानु मेहता

प्रताप भानु मेहता का लेख: विपक्ष के पास BJP से मुकाबले के लिए सटीक भाषा और विचार क्यों नहीं है?

विपक्ष अभी भी एक असरदार आलोचना के लिए सटीक भाषा और अवसर की तलाश में जूझ रहा… Read More

प्रताप भानु मेहता का लेख: दिल्ली अध्यादेश संघीय लोकतंत्र के लिए अशुभ और निर्लज्जता की पराकाष्ठा

दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण करने के लिए लाया गया भारत सरकार का अध्यादेश हद दर्जे… Read More

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के साथ ही खुल गया है यूएपीए का ब्लैक बॉक्स

आसिफ तन्हा, देवांगना कलीता और नताशा नरवाल की जमानत के जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस जे भंभानी… Read More

यूपी शासन मॉडल को चुनौती देना भारतीय लोकतंत्र के लिए जरूरी

उत्तर प्रदेश की जनसंख्या ब्राजील के बराबर है और यहां लोकसभा की 80 सीटें हैं। लेकिन भारतीय… Read More

न्यायिक बर्बरता के दौर में पहुंच गया है सुप्रीम कोर्ट!

राजनीति शास्त्र की भाषा में एक बात कही जाती है- लोकतांत्रिक बर्बरता। लोकतांत्रिक बर्बरता अमूमन न्यायिक बर्बरता… Read More