Tuesday, October 26, 2021

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राजेश कुमार

झूठजीवी सरकार क्यों नहीं बोल पा रही है एक और झूठ?

यह झूठजीवी सरकार है। खम ठोक कर कह सकती थी कि उसने और उसकी किसी एजेंसी ने या उसकी पार्टी की अगुवाई वाली किसी राज्य सरकार ने भी कभी पेगासस स्पाईवेयर नहीं खरीदा। आखिर महाराष्ट्र के उसके पूर्व मुख्यमंत्री...

यह एआईएमआईएम और भाजपा की जुगलबंदी है!

तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव लड़ा था, असदुद्दीन ओवैसी के ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तहादुल मुसलमीन ने। अभी हाल ही में, पश्चिम बंगाल के चुनावों के साथ। 100-50 सीटें तो कतई नहीं, जितना वह उत्तर प्रदेश के चुनावों में लड़ने की...

भारत एक बार फिर बन गया है विपन्नों का देश

(कल एक संघी-साथी ने ‘135 करोड़ लोगों के फ्री टीकाकरण और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन’ देने की PM की महान घोषणा पर पूरे विश्व के पगलाये होने' का जिक्र किया था। किसी असली/फर्जी वर्ल्ड फोरम पर तारीफों...

मैलफंक्शन होता तो हुजूर! वीवीपैट से कभी बीजेपी के अलावा दूसरे दलों के वोट की भी पर्चियां निकलतीं

यह फिर हुआ कि ई.वी.एम. में आप तृणमूल कांग्रेस या वाम-कांग्रेस गठबंधन के लिये बटन दबा रहे हैं और वी.वी.पैट भाजपा के पक्ष में वोट दर्ज कर रहा है। 27 मार्च को पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान...

पाकिस्तान से आया है सच्चाई का प्रमाणपत्र!

फवाद चौधरी ने कहा है तो सच ही होगा। वह पाकिस्तान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हैं। पुलवामा हमले को फवाद ने पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली में इमरान खान की सरपरस्ती में पाकिस्तान की जीत बताया और अब तो...

पाटलिपुत्र की जंग: क्या यह चाणक्य की नई गुगली है!

बात उतनी ही नहीं है, जितनी कही गई है। आप चाहें तो कल रविवार की शाम लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद जारी वक्तव्य फिर से देख लीजिए। छोटा-सा वक्तव्य है। अजीब घालमेल है,...

पाटलिपुत्र की जंग: संयोग नहीं, प्रयोग है ओवैसी के ‘एम’ और देवेन्द्र प्रसाद यादव के ‘वाई’ का गठजोड़

यह संयोग नहीं, प्रयोग है कि बिहार विधानसभा के आगामी चुनावों के लिये असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) ने करीब डेढ़ दशक तक लोकसभा सदस्य और एचडी देवगौड़ा तथा आईके गुजराल सरकार में मंत्री रहे देवेन्द्र...

जनादेश को अनहुआ करने की युक्तियां

भाजपा ने गुजरात में राज्यसभा की चार में से तीन और मध्य प्रदेश में तीन में से दो सीटें जीत ली हैं। दोनों राज्यों में उसे विपक्षी खेमे में तोड़-फोड़ की हालिया आक्रामकता से एक-एक सीटों का फायदा हुआ...

पी से पीएम, पी से पाइड-पाईपर

कमाल के ‘कम्युनिकेटर’ हैं अपने प्रधानमंत्री। कम से कम 22 मार्च से तो कई बार राष्ट्र के नाम संबोधन कर ही चुके हैं। लेकिन मजदूरों तक बात पहुंची ही नहीं। 40-45 दिन में भी नहीं।  22 मार्च की सुबह 7.00...

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हाल-ए-यूपी: बढ़ती अराजकता, मनमानी करती पुलिस और रसूख के आगे पानी भरता प्रशासन!

भाजपा उनके नेताओं, प्रवक्ताओं और कुछ मीडिया संस्थानों ने योगी आदित्यनाथ की अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त फैसले...