Friday, December 2, 2022

शाहीन अंसारी

जयंती पर विशेष: जब अमेरिकी पैटन टैंकों पर भारी पड़ी अब्दुल हमीद की गन माउंटेड जीप

वीर अब्दुल हमीद का नाम लेते ही आज भी  भारतवासियों का सीना गर्व से ऊंचा हो जाता है। उनकी वीरता की कहानियां लोगों की ज़ुबान पर आ जाती हैं। कम्पनी क्वार्टर मास्टर हवलदार शहीद 1965 के भारत-पाक युद्ध में...

जयंती पर विशेष: हिन्दू-मुस्लिम एकता और आज़ादी के नायक- मौलाना मोहम्मद अली जौहर

दौर-ए-हयात आएगा क़ातिल क़ज़ा के बादहै इब्तिदा हमारी तिरी इंतिहा के बादमौलाना मोहम्मद अली जौहर को मोहम्मद अली के नाम से भी जाना जाता है, जो स्वतंत्रता के भावुक सेनानियों में थे। वह एक बहुमुखी प्रतिभा के व्यक्ति थे...

मौलाना आजाद: आजादी का वह सिपाही जिसने रखी देश में शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद

हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती हैबड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदामौलाना अबुल कलाम आज़ाद इस्लाम धर्म के प्रसिद्ध विद्वान, देशभक्त, सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जज़्बा रखने वाले महत्वपूर्ण शख्सियत थे। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम...

बेमिसाल थी अशफाकुल्ला और बिस्मिल की दोस्ती, खेल के मैदान से लेकर फांसी के फंदे तक रहा साथ

"कभी तो कामयाबी पर मेरा हिन्दोस्तां होगा। रिहा सैय्याद के हाथों से अपना आशियाँ होगा।।" अंग्रेजी शासन से देश को आज़ाद कराने के लिए हंसते−हंसते फांसी का फंदा चूम कर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अशफ़ाक़ुल्ला खान जंग−ए−आजादी के महानायक...

जयंती पर विशेष: आज़ादी की लड़ाई की मुकम्मल नींव थे बिस्मिल

"सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-क़ातिल में है" भारत की आज़ादी के आंदोलन में ये पंक्तियां क्रांतिकारियों का मशहूर नारा बनीं। 1921 में बिस्मिल अज़ीमाबादी द्वारा लिखी जोश-ओ-खरोश से लबरेज़ इन पंक्तियों ने जिस...

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डीयू कैंपस के पास कैंपेन कर रहे छात्र-छात्राओं पर परिषद के गुंडों का जानलेवा हमला

नई दिल्ली। जीएन साईबाबा की रिहाई के लिए अभियान चला रहे छात्र और छात्राओं पर दिल्ली विश्वविद्यालय के पास...