सुभाष चंद्र कुशवाहा

प्रेमचंद: किसान-मजदूर और पिछड़े-दलितों के प्रतिनिधि रचनाकार 

आज महान कथा सम्राट और उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद का 143वां जन्मदिन है। महज 56 वर्ष की उम्र… Read More

न्यायपालिका में SC,ST और OBC के समुचित प्रतिनिधित्व के बिना कानून का राज संभव नहीं 

विभिन्न जातियों और सम्प्रदायों में बंटे समाज में कानून का शासन, ऐसी न्यायिक व्यवस्था के द्वारा ही… Read More

वर्ण-जाति और वर्ग की घोर असमानता की खाई में समान नागरिक संहिता की मंशा क्या है?

समान नागरिक संहिता (यूनिफार्म सिविल कोड यानी यूसीसी) की चर्चा को चुनाव पूर्व गर्मा दिया गया है।… Read More

राहुल गांधी और उनके संघर्षों को कैसे देखें?

भारतीय राजनीति में कांग्रेस और नेहरू खानदान की प्रासंगिकता के साथ-साथ, उनकी कमियां और बहुत सारी कमजोरियां… Read More

विचारहीनता, अवसरवाद, परिवारवाद और व्यक्तिवाद ने बहुजन राजनीति को भोथरा बना दिया

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार की जमीन पर, सदियों से सताए दलित और पिछड़ों की राजनैतिक ऊर्जा… Read More

‘भील विद्रोहः संघर्ष के सवा सौ सवाल’ यानि जुल्म और प्रतिकार का पहला दस्तावेज

(देश में भीलों की अलग-अलग रूपों में चर्चा होती रही है। इस बात में कोई शक नहीं… Read More