विष्णु राजगढ़िया

पुस्तक समीक्षा : ‘झारखंड के चमकते सितारे’ एक उपयोगी दस्तावेज़ है

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के आरंभिक काल में ही झारखंड क्रांतिकारियों की भूमि रहा है। संताल हूल और… Read More

पुस्तक समीक्षा: ‘गूँगी रुलाई का कोरस’ यानी संगीत के बहाने समाज की चीर-फाड़

रणेंद्र का ताजा उपन्यास ‘गूंगी रुलाई का कोरस’ चर्चा में है। राजकमल प्रकाशन से आया यह उपन्यास… Read More