Monday, October 25, 2021

Add News

आम आदमी की ताक़त बढ़ाने में यकीन रखते थे राजीव गांधी: मणिशंकर अय्यर

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

लखनऊ। पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय गांधी की 30 वीं पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस ने ‘आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी की भूमिका’ पर वेबिनार आयोजित किया। मुख्य अतिथि के बतौर संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मन्त्री मणि शंकर अय्यर ने कहा कि राजीव लोकतंत्र में आम आदमी की निर्णायक भागीदारी को मजबूत करने में यक़ीन रखते थे। पंचायती राज का उनका सपना इसकी मिसाल है। राजीव गांधी धर्म निरपेक्षता और समाजवाद के संवैधानिक मूल्यों को जीने वाले राजनेता थे। असम, पंजाब और मिजोरम की समस्याओं को उन्होंने जिस साहस और सूझबूझ से हल किया वैसा दूसरा उदाहरण नहीं मिलता। उनके लिए देश हित पार्टी हित से बड़ा था। 

मणिशंकर अय्यर ने कहा कि 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि शाह बानो मामले में राजीव गांधी सही थे। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी धर्म निरपेक्षता जैसे मूल्यों को कभी भी चुनावी नफा नुकसान के नज़रिए से नहीं देखते थे।

पूर्व पेट्रोलियम और पंचायती राज मन्त्री ने कहा कि 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने बोफोर्स मामले में राजीव गांधी पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था। लेकिन एक साजिश के तहत मीडिया का एक हिस्सा शाहबानो और बोफोर्स पर राजीव गांधी के खिलाफ़ अभियान चलाता रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव हमेशा फिलिस्तीन के मसले पर मजबूती से उसके साथ खड़े रहते थे। 

पूर्व अफ़सरशाह, पूर्व सूचना आयुक्त और ‘माई इयर्स विथ राजीव’ पुस्तक के लेखक वजाहत हबीबुल्लाह ने कहा कि राजीव गांधी बुनियादी तौर पर ज़्यादा से ज़्यादा विचारों को सुनने और हर निर्णय में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से राय लेने में यक़ीन रखते थे। उनकी आंखें हमेशा बेहतर लोगों की तलाश में रहती थीं। सैम पित्रोदा इसकी सबसे अच्छी नज़ीर हैं। हबीबुल्लाह ने कहा कि पंचायती राज और नवोदय विद्यालय का विचार उन्हें ऐसे ही बहसों से मिला था। राजीव अक्सर लोगों को बोलने के लिए उकसाते थे ताकि कोई नया विचार आए। 

अपनी पुस्तक के हवाले से हबीबुल्लाह ने कहा कि बाबरी मस्जिद ताला प्रकरण में उन्हें अंधेरे में रखा गया जो उन्हें बदनाम करने और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया षड्यंत्र था जिसमें पार्टी के अंदर और बाहर के लोग शामिल थे।

हबीबुल्लाह ने कहा कि राजीव भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर भी प्रयासरत रहते थे। जिसके तहत उन्होंने न्यूक्लीयर निरस्त्रीकरण के लिए दुनिया के कई देशों को तैयार किया और संयुक्त राष्ट्र में इसके खिलाफ़ भाषण दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को लेकर वो इतना गंभीर रहते थे कि एक तरफ बच्चों के लिए नवोदय विद्यालय लाये तो दूसरी तरफ उम्र दराज़ लोगों के लिए प्रौढ़ शिक्षा का अभियान चलाया।

वेबिनार को प्रोफेशनल कांग्रेस के अनीस अंसारी, राजीव गांधी स्टडी सर्किल के प्रोफेसर सतीश राय, वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी शर्मा, प्रोफेसर विनोद चंद्रा व अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।

वेबिनार का संचालन अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने किया।

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

तो पंजाब में कांग्रेस को ‘स्थाई ग्रहण’ लग गया है?

पंजाब के सियासी गलियारों में शिद्दत से पूछा जा रहा है कि आखिर इस सूबे में कांग्रेस को कौन-सा...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -