बीच बहस

शिवराज काल बना दलितों आदिवासियों का काल

दलितों पर दमन व अत्याचार को लेकर मानों भाजपा शासित राज्यों में कोई प्रतिस्पर्धा चल रही हो। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश दलित लड़कियों और परिवारों के ख़िलाफ़ अपराध के नित नये रिकॉर्ड बन रहे हैं। तिस पर तुर्रा ये कि इन सूबों की सरकार प्रशासन के चुस्त दुरुस्त और अपराधियों में ख़ौफ़ के दावे करते नहीं थकती। जबकि पिछले एक सप्ताह में मध्य प्रदेश में दलित आदिवासी समुदाय के ख़िलाफ़ अपराध और हत्या के मामलों ने पूरे प्रदेश को सकते में डाल दिया है।   

मध्य प्रदेश के शाजापुर के ग्राम बिजाना में ज़मीनी विवाद को लेकर दबंगों ने दलित समुदाय के सिद्धनाथ (80) रेशम (75) और लीलाबाई का हाथ-पैर बांधकर पीटा। और उनकी खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाया, विरोध किया तो पेड़ से बांधकर पीटा।

हालांकि शाजापुर एसपी ने मामले को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा है कि शाजापुर जिले में दलित परिवार को ज़मीन संबंधी विवाद में बंधक बनाकर रखने के सोशल मीडिया पर वायरल हुये वीडियो के मामले की बारीकी से जांच करने पर मामला जानबूझकर असत्य वीडियो बनाने का पाया गया।

हालांकि पीड़ित को अपराधी बनाने की राज्य पुलिस कि करतूतें किसी से छुपी हुयी नहीं हैं।

भीम आर्मी, बहुजन समाज पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और कांग्रेस की तरफ से सरकार और पुलिस के ख़िलाफ़ धरना, प्रदर्शन करने के साथ ही ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हत्याकांड की जांच राज्य सरकार को सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुये आरोपितों को मिले राजनीतिक सरंक्षण, पुलिस के संदिग्ध व्यवहार और आदिवासी समुदाय में व्याप्त असुरक्षा की भावना को देखते हुए सीबीआई जांच को अत्यंत आवश्यक बताया है। 

इतना ही नहीं कांग्रेस ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यों की समिति तक बना दी है, जिसमें पूर्व मंत्री व विधायक सज्जनसिंह वर्मा को अध्यक्ष, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, जिला कांग्रेस देवास ग्रामीण अध्यक्ष अशोक पटेल, भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी, नेमावर से वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकेश सारण को सदस्य बनाया है। वहीं बीएसपी ने भी गवाहों की सुरक्षा की मांग की है।

क्या हुआ नेमावर में आदिवासी परिवार के साथ

बता दें कि नेमावर में रहने वाले कास्ते परिवार के पांच सदस्य ममताबाई पति मोहनलाल कास्ते (45) उनकी दो बेटी रूपाली (21), दीपाली (14) व परिवार के दो अन्य सदस्य ममताबाई की देवरानी के बच्चे पूजा पिता रवि ओसवाल (15) व भाई पवन ओसवाल (14) एक साथ 13 मई को लापता हो गए थे। मामले में नेमावर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज़ कर तलाश शुरू किया था। लेकिन उनके हाथ कुछ लग नहीं रहा था।

मृतक महिला ममता बाई की बड़ी बेटी भारती पीथमपुर में काम करती है। 17 मई को जब वह अपने घर वापस आई तो उसे घर में कोई नहीं मिला। इसके बाद उसने नेमावर थाने में पांचों की गुमशुदगी दर्ज कराई। भारती के भाई संतोष के साथ सुरेंद्र बार-बार थाने आता था। वह जताने की कोशिश कर रहा था कि परिवार का काफी क़रीबी है। पुलिस ने सुरेंद्र को शक़ के दायरे में रखकर पड़ताल किया तो रूपाली और सुरेंद्र की कॉल डिटेल मिली। मुखबिर ने दोनों के अफेयर होने की बात गांव वालों के हवाले से बताई। जांच के दौरान पुलिस ने नेमावर के हुकुम सिंह चौहान के खेत में हाली का काम करने वाले एक शख्स से पूछताछ की तो उसने खेत में दफ़न शवों की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हुकुमसिंह के 25 साल के पोते सुरेंद्र सिंह और उसके छोटे भाई भुरू को हिरासत में लिया। पुलिस की सख्ती के आगे दोनों ने गुनाह कबूल लिया।

आरोपी।

फिर मंगलवार 29 जून की शाम को पुलिस ने खाई पार क्षेत्र में वार्ड-14 के पास स्थित हुकुम सिंह के खेत पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से खुदाई कराई तो एक एक कर पांचों सदस्यों के अस्थिपंजर बरामद हुए। शवों को ज़मीन में 10 फीट नीचे गाड़ा गया था और ऊपर से शवों पर नमक और यूरिया डाला गया था जिसके कारण कि शव जल्दी गल जाएं। सभी शवों को निकालने के बाद उन्हें इंदौर भेजा गया है। शवों की अभी पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इसमें अभी समय लगेगा।

एसपी  डॉ. शिवदयाल सिंह के मुताबिक सुरेंद्र और रूपाली का प्रेम प्रसंग था। इस बीच सुरेंद्र की शादी कहीं और तय हो गई, लेकिन रूपाली इसमें अड़चन बन रही थी। दोनों में विवाद भी हुआ था। रूपाली को रास्ते से हटाने के लिए सुरेंद्र ने ही हत्याकांड को अंजाम दिया। सुरेंद्र और उसके साथियों ने पहले रस्सी से सभी का गला दबाया और फिर रॉड से सिर पर वार किए, जिससे सभी की मौत हो गई। सुरेंद्र के खेत में ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए गड्‌ढा खोदा गया था। 13 मई को पांचों की हत्या करने के बाद सुरेंद्र ने शव इसी गड्ढे में दफना दिए थे।

आरोपी।

देवास जिले के नेमावर में हुए एक ही परिवार के पांच लोगों के हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में सुरेंद्र राजपूत, उसके छोटे भाई वीरेंद्र राजपूत, विवेक तिवारी, राजकुमार, मनोज कोरकू, करण कोरकू और राकेश निमौर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि हत्या का मुख्य कारण परिवार की एक युवती का अपने प्रेमी पर शादी का दबाव बनाना व उसकी मंगेतर के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करना था। पुलिस के मुताबिक जब युवती ने ऐसा किया तो आरोपी ने उसके पूरे परिवार की हत्या की साजिश रची और 13 मई को सबसे पहले आरोपी सुरेन्द्र सिंह राजपूत ने प्रेमिका को शादी की बात करने के बहाने से मिलने बुलाया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं इसके बाद आरोपियों ने लड़की के परिवार के सदस्यों को एक-एक बुलाया और उनकी भी हत्या करते हुए उनके शवों को गड्ढे में दफनाते गए।

पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें सुरेंद्र सिंह राजपूत, उसका भाई वीरेंद्रसिंह राजपूत, विवेक तिवारी, राजकुमार, मनोज कोरकू, करण कोरकू के साथ ही युवती के मोबाइल का उपयोग करने वाले राकेश निमोरे जिला खंडवा शामिल हैं। आरोपी राकेश ही अलग-अलग स्थानों से युवती के मोबाइल से सोशल मीडिया पर परिवार की सलामती के संदेश पोस्ट करता था, इसी से पुलिस गुमराह होती रही और खुलासा डेढ़ माह के बाद हो पाया।

29 मई मंगलवार शाम को जब पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से खेत में खुदाई करके शव निकाले थे तब तीनों युवतियों के शव निर्वस्त्र मिले थे। ऐसे में उनके साथ दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही थी लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में ऐसा कुछ नहीं बताया है। कपड़े उतारने का मकसद नमक, यूरिया के माध्यम से शवों को जल्दी गलाने का हो सकता है।

हिंदू संगठन का पदाधिकारी है हत्यारोपी

मध्य प्रदेश के देवास जिले के नेमावर में आदिवासी परिवार के 5 लोगों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सुरेंद्र केसरिया हिन्दू संगठन का पदाधिकारी है। इस मामले में पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर कंकाल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे अफेयर की बात सामने आ रही है। खेत में काम करने वाले एक मजदूर ने यह खुलासा किया था।

आदिवासी परिवार के 5 लोगों की हत्या को सामने लाने वाले IND24 के पत्रकार राकेश यादव के खिलाफ़ अपराधियों ने “हिंदू जागरण मंच” के नाम पर नेमावर थाने में FIR की मांग की है।

वहीं सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा है कि- नेमावर हत्याकांड जघन्यतम है। आरोपियों को पकड़ लिया गया है। प्रयास किया जाएगा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में उनके विरूद्ध मुकादमा चले ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके। उन्होंने कहा नेमावर की घटना से मैं अत्यंत आहत हूं। जिन्होंने यह अपराध किया है वे नराधम हैं, उन्हें बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि उन्हें कठोरतम सजा दिलाई जाये। सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूर्ण रूप से खड़ी है। सीएम ने बताया कि पीड़ित परिवार को 41 लाख 25 हजार रूपये की सहायता दी गई है। आगे भी हरसंभव मदद दी जाएगी।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

This post was last modified on July 2, 2021 3:39 pm

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