Sunday, May 29, 2022

Dalit

नये रेडिकल विकल्प की तलाश में है बहुजन राजनीति

डा. अंबेडकर दलित राजनीति के जनक माने जाते हैं। उन्होंने ही गोलमेज कांफ्रेंसों में दलितों को राजनीतिक अधिकार दिए जाने की मांग उठाई तथा गांधी जी के कड़े विरोध के बावजूद दलितों को हिंदुओं से अलग अल्पसंख्यक वर्ग का...

सत्ता के निशाने पर क्यों हैं दलित प्रोफेसर

इन दिनों दलित प्रोफेसर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र व राज्य सरकारों के निशाने पर हैं। सरकार, सत्ताधारी पार्टी और संगठन तथा प्रशासन का संरक्षण प्राप्त भगवा जमात भी इन प्रोफेसरान पर जानलेवा हमला कर रही है। आखिर दिल्ली...

गार्डों की मौजूदगी में लखनऊ विश्वविद्यालय के दलित प्रोफेसर रविकांत पर फिर हमला

नई दिल्ली/लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के दलित प्रोफेसर रविकांत चंदन पर फिर हमला हुआ है। आज दोपहर जब वह प्रॉक्टर आफिस के सामने से गुजर रहे थे तभी एक छात्र नेता ने गालियां देते हुए उनके ऊपर हमला बोल दिया।...

दिल्ली विवि के दलित आचार्य ने पीएम से लगायी सुरक्षा की गुहार

दिल्ली विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ. रतन लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्हें एके 56 रायफलधारी दो अंगरक्षक मुहैया कराये जाने,  यदि यह संभव नहीं है तो उचित प्राधिकारी को निर्देश देकर उनके लिए एके 56 रायफल...

बस्तर का बहिष्कृत भारत-3: धर्मान्तरण बनाम घर वापसी

छत्तीसगढ़ के दक्षिण में स्थित बस्तर संभाग में आज “धर्मान्तरण बनाम घर वापसी” का मुद्दा काफी गरमाया हुआ है। देश भर के हिंदू संगठनों का मानना है कि बड़ी संख्या में दलित, आदिवासी, गरीब और दूर-दराज इलाकों में रहने...

जिग्नेश को जमानत, असम पुलिस को मिली फटकार

बरपेटा/अहमदाबाद। शुक्रवार को चर्चित विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी को बरपेटा सेशन कोर्ट ने एक हज़ार रुपये के मुचलके पर ज़मानत दे दी है। बरपेटा सेशन कोर्ट के न्यायाधीश ने पुलिस को झूठी प्राथमिकी दर्ज करने और कोर्ट...

 अब जिग्नेश मेवानी भाजपा के निशाने पर

कांग्रेस समर्थित गुजरात के निर्दलीय विधायक और चर्चित दलित कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवानी को 20 अप्रैल की आधी रात को असम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें गुजरात के बनासकंठा जिले के पालनपुर...

भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के विरुध्द संघर्ष के सर्वश्रेष्ठ अगुआ हैं आंबेडकर

डॉ. भीमराव आंबेडकर एक बहुजन राजनीतिक नेता और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी होने के साथ-साथ, भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार भी थे। आंबेडकर का जन्म एक गरीब अस्पृश्य परिवार में हुआ था। आंबेडकर ने अपना सारा जीवन हिंदू धर्म की...

जयंती पर विशेष:अबूझ क्यों हैं आम्बेडकर बहुतेरों के लिए 

आम्बेडकर कम्युनिस्टों के लिए ही नहीं बल्कि बहुतेरे दलितों के लिए भी अबूझ हैं।हाल कुछ उस कथा जैसी है जिसमें किसी हाथी को नेत्रहीन लोग उतना ही बूझ पाए जितना वे हाथी को स्पर्श कर सके। जिसने सूंड़ स्पर्श...

ज्योतिबा के जन्मदिन पर विशेष: निरक्षरता है सारी विपत्तियों की जड़

सारी विपत्तियों का आविर्भाव निरक्षरता से हज्योतिबा फुले ने अपनी पुस्तक 'गुलामगिरी' (स्लेवरी) में स्पष्ट लिखा है कि वे अपने देश से अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंकना चाहते थे l ज्योतिबा के छात्र जीवन से ही अंग्रेजी हुकूमत के...
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दूसरी बरसी पर विशेष: एमपी वीरेंद्र कुमार ने कभी नहीं किया विचारधारा से समझौता

केरल के सबसे बड़े मीडिया समूह मातृभूमि प्रकाशन के प्रबंध निदेशक, लोकप्रिय विधायक, सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री...
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