Monday, February 6, 2023

यूपी फिर हुआ शर्मसार! ललितपुर और हरदोई में 8 साल की बच्चियों से रेप

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उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। दूसरी और हरदोई, ललितपुर, बांदा और मऊ में बलात्कार की ताजा घटनायें सामने आई हैं, जिससे लगता है कि बलात्कारियों के मन में कानून का कोई भय नहीं है। बीते साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में आए। 2 जनवरी, 2022 को प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) के मुताबिक, देश भर से लगभग 31 हजार शिकायतें मिलीं। इसमें 15 हजार से ज्यादा सिर्फ यूपी की हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्रियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सपा प्रमुख और सदन में नेता विपक्ष अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सवालों के बाण चलाये तो नेता सदन ने भी उनका ज़ोरदार ढंग से जवाब दिया। कल गोरखपुर में हुई दुष्कर्म की घटना पर अखिलेश ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जब सदन में कल राज्यपाल का अभिभाषण चल रहा था तो आपके गृह जनपद में एक बेटी हैवानियत का शिकार हो रही थी। अखिलेश के इन आरोपों को ग़लत बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले चुनाव में महिलाओं ने भाजपा को बढ़चढ़ कर वोट दिया, यह इस बात का सबूत है कि वह भाजपा सरकार में अपने को सुरक्षित महसूस करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जीरो टोलरेंस की नीति के अंतर्गत अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है।

ललितपुर में एक बार फिर मानवता की शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। अब यहां पर एक 8 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने वाला युवक उसी गांव का रहने वाला है। मामले में पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं पीड़ित बच्ची का मेडिकल भी करवाया गया है। उसका ईलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस के अनुसार मामले में गहनता से जांच की जा रही है।

गांव का ही एक युवक बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल में ले गया। जहां बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया। इसके बाद आरोपी बच्ची को वहीं छोड़कर फरार भी हो गया। बच्ची बदहवास हाल में परिजनों के पास पहुंची और पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

वारदात 23 मई की शाम की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसी के साथ बच्ची का मेडिकल करवाया जा रहा है। पुलिस गहनता से मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि बच्ची का इलाज अस्पताल में जारी है।

 ललितपुर के बाद हरदोई में 8 साल की मासूम को बनाया हवस का शिकार

आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है । कासिमपुर थाने में इस घटना पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। बच्ची की मां का आरोप है कि युवक उसे घर से ले गया और उसके साथ गलत काम किया। कासिमपुर थाना इलाके में 8 साल की मासूम बच्ची का आरोपी उसके घर से ले गया। उसके साथ बलात्कार किया। घटना के दौरान उसके चीखने के बाद वह उसे छोड़कर भाग गया।

पुलिस को दी तहरीर में महिला ने बताया है कि उसकी बच्ची जो कि 8 साल की है घर के अंदर सो रही थी। इसी बीच आरोपी युवक आया और बालिका को घर से ले गया। उसने गांव से बाहर ले जाकर बालिका के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया। बालिका के द्वारा चीखने चिल्लाने पर उसे छोड़ कर भाग गया।

बाँदा के शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है, जिसमें चाचा ने नाबालिग भतीजी से बलात्कार किया, फिर खेत में फेंक कर फरार हो गया। दुष्कर्म के बाद नाबालिग बेसुध हो गई। इसके बाद चाचा लड़की को मरणासन्न हालत में खेत में फेंक कर फरार हो गया । खेत से निकल रहे राहगीरों ने जब इस घटनाक्रम को देखा तो पूरे मामले की सूचना नाबालिग किशोरी के परिजनों को दी । मौके पहुंचे परिजनों ने नाबालिग किशोरी को आनन-फानन में बांदा जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है और हालत गंभीर बनी हुई है ।

यूपी के मऊ जिले में नाबालिग के साथ एक साल पहले हुए गैंगरेप के एक मामले में जिला न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है । जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है । जानकारी के अनुसार पीड़ित नाबालिग की मां ने कोर्ट में मामला दर्ज करवाने की अपील की थी जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया ।

महिला ने कोर्ट में दी शिकायत में बताया कि मेरी बेटी और मैं 23 अक्टूबर 2021 को दवा लेने के लिए मऊ आए थे । दवा लेने के बाद घोसी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे । इसी दौरान एक बुजुर्ग ने उन्हें लड़की की बीमारी ठीक करने के लिए मौलाना हमीदुल हक को दिखाने को कहा । उसने कहा कि वे बड़े हकीम हैं और हर बीमारी का इलाज उनके पास है । इसके बाद महिला करीमुद्दीनपुर ‌में मौलाना के घर पर चली गई। वहां पर पहले से तीन लोग और मौजूद थे। महिला ने बताया कि बेटी को एक कमरे में मौलाना ले गए और मुझे बाहर ही बैठा दिया। कुछ देर में बच्ची के चिल्लाने की आवाज आई लेकिन महिला को कमरे में नहीं जाने दिया गया । कुछ देर बाद दरवाजा खोला और किसी को कुछ न बोलने पर जान से मारने की धमकी देकर रवाना कर दिया गया।

विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महिला अपराध को नियंत्रित करने में सरकार नाकाम साबित हुई है। अखिलेश ने कहा कि सरकार नई बनी है, लेकिन सदन के नेता पुराने हैं। जो सरकार जीरो टॉलरेंस की बात कर रही हो, वहां महिलाएं सुरक्षित नहीं। गोरखपुर में बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ, सिद्धार्थनगर में महिला को पुलिस ने मार दिया। सरकार क्या कर रही है? क्या थाने ऐसे अराजकता का केंद्र बन जाएंगे? अखिलेश ने कहा कि इतनी घटनाएं हो रही हैं, फिर जीरो टॉलरेंस की बात समझ में नहीं आती है । 1090 और डायल 112 के आंकड़े क्या कह रहे हैं ।

दरअसल देश और प्रदेश के आंकड़े देखें तो महिला अपराधों में यूपी सबसे आगे है। प्रदेश सरकार आंकड़े नहीं मान रही है। प्रयागराज में पूरा का पूरा परिवार खत्म हो गया अपराधी अभी तक नहीं पकड़े गए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि प्रयागराज में ये पहली घटना नहीं है और भी घटनाएं हो चुकी हैं। सरकार जितनी संवेदनशील होनी चाहिए उतनी है ही नहीं। नेता सदन को कहना पड़ा कि आप लोग दलाली छोड़ दो तो अधिकारी सुधर जाएंगे। 5 साल तक दलाली चलती रही लेकिन नेता सदन को पता नहीं चला। मुझे अच्छा लगा नेता सदन ने सच बोला। सरकार और प्रशासन अपराधियों के साथ खड़ा हो जाएगा तो न्याय कैसे मिलेगा। पुलिस दबिश करने जाती है कि दबंगई करने जाती है?

तमाम आरोपों पर पलटवार करते हुए सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यूपी में अपराध किसी भी तरह का हो, वह क्षम्य नहीं है ।खासतौर पर महिला संबंधी अपराध में सरकार कठोरता से कार्रवाई कर रही है. ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। यहां अपराधियों के बारे में ये नहीं कहा जाता कि ‘लड़के हैं गलती कर देते हैं। नेता प्रतिपक्ष ये जानते हैं और स्वीकार करते हैं कि कार्रवाई हुई है। गुंडागर्दी जिनका पेशा बन चुका था, उन पर कार्रवाई हुई। बेहतर कानून व्यवस्था पर ही जनता ने दोबारा सरकार बनाई है। आधी आबादी के समर्थन को मैं सेल्यूट करता हूं ।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों पर कार्रवाई जारी रखेगी। एंटी रोमियो स्क्वायड के साथ ही 218 पॉस्को कोर्ट भी सरकार ने बनाए । चुनाव के दौरान भी पहले व्यापक हिंसा होती थी। यूपी विधानसभा 2022 के चुनाव में भी कुछ लोगों ने हरकत की थी । कुछ लोगों ने गर्मी दिखाने की बात की और गर्मी शांत हो गई । पहले की सरकार में 700 से ज्यादा अधिक दंगे हुए थे । 2017 से 22 के बीच में कोई दंगा नहीं हुआ । अखिलेश पर तंज कसते हुए योगी ने कहा कुछ लोग कानून व्यवस्था पर उंगली उठा रहे थे, ऐसे लोगों को जनता ने किसी लायक नहीं छोड़ा। उन्होंने ये भी कहा कि 2017 में जब हमारी सरकार आयी तो आजमगढ़ में जहरीली शराब कांड हुआ था, उसमें साफ तौर पर सपा नेताओं के खिलाफ सुबूत सामने आए। योगी ने ये भी कहा कि उनके नाम लेंगे तो तकलीफ होगी। इस पर अखिलेश ने कहा कि 2017 के बाद वालों के नाम भी लिए जाने चाहिए।

गौरतलब है कि नेशनल कमीशन फॉर वुमन के आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के करीब 31 हजार मामले दर्ज किए गए। 2014 के बाद इतने ज्‍यादा मामले कभी देखने को नहीं मिले। इन 31000 केसों में से करीब 50 प्रतिशत मामले अकेले उत्‍तर प्रदेश में दर्ज किए गए। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 की तुलना में 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध करीब 30 प्रतिशत ज्‍यादा दर्ज किए गए।

2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े कुल 23, 722 केस दर्ज किए गए, जबकि 2021 में यही संख्‍या बढ़कर 30,684 तक पहुंच गई। इनमें सबसे 11,013 केस ‘राइट लिव विद डिग्निटी’ से जुड़े रहे तो 6633 डोमेस्टिक वॉयलेंस और 4589 केस दहेज से जुड़े रहे। इन अपराधों की लिस्‍ट में उत्‍तर प्रदेश सबसे ऊपर रहा। 2021 में दर्ज की गईं कुल 30,684 शिकायतों में आधे से भी ज्‍यादा- 15,828 उत्‍तर प्रदेश से सामने आईं। इसके बाद दिल्‍ली का नंबर आता है जहां पर 3336 शिकायतें आईं, महाराष्‍ट्र 1504, हरियाणा 1460 और बिहार में 1456 मामले सामने आए।

इन आंकड़ों को देखने पर यह भी पता चलता है कि न केवल उत्‍तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ आधे से ज्‍यादा केस दर्ज किए गए बल्कि यूपी और अन्‍य राज्‍यों से आए मामलों की संख्‍या का भी अंतर देखिए। जहां यूपी में 15,828 शिकायतें आईं तो वहीं दूसरे नंबर पर रही दिल्‍ली में 3336 मामले ही आए। तीसरे नंबर पर रहे महाराष्‍ट्र से 1504 मामले आए। इससे समझा जा सकता है कि यूपी में महिलाओं के खिलाफ मामले अन्‍य राज्‍यों की तुलना में कितने ज्‍यादा रहे।

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ये दावा करते हैं कि उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ घरेलू अपराध को कम किया और महिलाओं को सम्‍मान दिलाया है। लेकिन एनसीडब्ल्यू के आंकड़े जो कहानी बता रहे हैं वो सीएम योगी के दावे से एकदम उलट हैं।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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