नई दिल्ली/वाराणसी। सर्व सेवा संघ को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। लम्बे समय से सर्व सेवा संघ प्रकरण में चल रही उहापोह की स्थिति समाप्त हुई। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर रेलवे को तगड़ा झटका देते हुए सुनवाई तक सर्व सेवा संघ के भवनों पर विध्वंस की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने सर्व सेवा संघ की याचिका को सुना। सुप्रीम कोर्ट में सर्व सेवा संघ का पक्ष रखने के लिये वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण खड़े हुए। उन्होंने कहा कि जेपी, विनोबा, प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबू, लालबहादुर शास्त्री आदि की कोशिशों से बनी हुई ऐतिहासिक महत्व की संस्था पर वर्तमान सत्ता और प्रशासन जो कर रहा है वो विधिक स्तर पर तो हमलोग यहां न्यायालय में लड़ेंगे ही मगर असल मुद्दा है विचारधारा। गांधी की विचारधारा को चोट पहुंचाने की ये कोशिश वस्तुतः देश के उस ढांचे पर प्रहार है जिसे आजादी की लड़ाई के दौरान हमारे पुरखों ने बनाया है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पत्र की प्रति सर्व सेवा संघ की ओर से रेलवे, डीएम और कमिश्नर वाराणसी को दिया गया।
बनारस में राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ पर खबर आते ही करतल ध्वनि से स्वागत किया गया। सर्व सेवा संघ में आंदोलन के 48वें दिन उपवास का कार्यक्रम रखा गया। समन्वयक रामधीरज की अगुवाई में 50 से ज्यादा लोगो ने दिन भर उपवास पर रहकर सत्ता के मनमानेपन के खिलाफ चल रहे इस ‘ सविनय अवज्ञा सत्याग्रह’ में एकजुटता प्रदर्शित किया।

उपवास स्थल पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई की खबर आते ही बनारस भर से सामाजिक राजनैतिक लोग जुटने लगे। उपवास स्थल पर हुई जनसभा में कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्रा और प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि सर्व सेवा संघ के विचार और आत्मा पर आरएसएस की कुदृष्टि है और इमारत पर भारतीय जनता पार्टी की है।
रामनगर से दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन तक रेलवे लाइन बिछाते हुए फ्रेट कॉरिडोर का आज प्रधानमंत्री जी उद्घाटन कर रहे हैं। बैरवन मोहन सराय में ट्रांसपोर्ट नगर में गांव की जमीन का अधिग्रहण किसानों को बर्बर तरीके से मार-पीट कर किया जा रहा है। यहां राजघाट में भी जो कवायद हो रही है उसके पीछे असल मामला जमीन हथियाना है और अपने पूंजीपति मित्रों को गिफ्ट देना है।

आम आदमी पार्टी की ओर से देवकांत वर्मा और मेयर प्रत्याशी रही शारदा टंडन ने कहा कि सर्व सेवा संघ एक ऐतिहासिक जगह है। वरिष्ठ गांधीजनों ने पीएम मोदी के बनारस आगमन पर उनसे मिलने का समय मांगा था लेकिन न तो पीएम कार्यालय ने और न प्रशासन ने मिलने का कोई समय दिया।
शाम 4 बजे तक इंतजार के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित चिट्ठी जागृति राही ने पढ़कर सुनाया। सर्व सेवा संघ पर सरकार और प्रशासन की तरफ से हो रही कार्यवाही से असहमति जाहिर करती हुई इस चिट्ठी का जनसभा ने सर्व सेवा संघ बचाओ, गांधी-जेपी की विरासत बचाओ आदि नारों से समर्थन किया।
सभास्थल पर इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया गया कि बीएचयू के वे छात्र जो सर्व सेवा संघ आंदोलन को समर्थन देने के लिए आज राजघाट आ रहे थे, उन्हें पुलिस ने हॉस्टलों में नजरबंद कर लिया। ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का अतिक्रमण है। आपातकाल की बरसी मना रहे मोदी जी, छात्रों के सवाल को दबाकर क्या सन्देश देना चाहते हैं? हम प्रशासन से मांग करते है कि छात्रों को तत्काल छोड़ा जाए।

इसके बाद शाम 5 बजे जुलूस के रूप में परिसर से निकलकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन मां गंगा को सुपुर्द कर दिया गया। मां गंगा से आग्रह किया गया कि आप ही पीएम जो अपने आप को आपका पुत्र कहते हैं, उनको यह पत्र पहुंचा दीजिए और उनसे इस मामले में न्यायोचित कार्यवाही करने को कहें। प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र कार्यक्रम संयोजक राम धीरज ने गंगा जी में प्रवाहित कर याचना की।
(जनचौक की रिपोर्ट।)
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