संस्कृति-समाज

न्याय केवल कागज़ों पर कानून के समक्ष समानता है, लेकिन यह जमीनी हकीकत क्यों नहीं बनी ?

जेंडरिंग इक्वालिटी (भारत में महिला अधिकारों पर न्यायालय के निर्णय), जाति क्यों मायने रखती है (भारत में जातिगत भेदभाव पर… Read More

जन्मदिन विशेष: राज कपूर के आरके स्टूडियो को बिकने से क्यों रोका नहीं जा सका ?

रंगमंच और फिल्म अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के सबसे बड़े पुत्र राज कपूर का जन्म आज के ही… Read More

स्मृति शेष: जावेद अनीस जहां भी रहेगा, उसकी संवेदनाएं उत्पीड़ितों के हक़ में होगीं

जावेद अनीस ने इस बे-रहम दुनिया को अलविदा कह दिया है। यह लिखते हुए मुझे अब भी… Read More

जन्मशती वर्ष विशेष: विचारधारा और मनोरंजन के ‘संगम’ ने बनाया राजकपूर को कामयाब डायरेक्टर

राजकपूर, हिंदी सिनेमा के पहले शोमैन थे। जिनकी नीली आंखों में सतरंगी सपने थे। वो आम आदमी… Read More

पुण्यतिथि विशेष: मौजूदा दौर में और भी प्रासंगिक हुए डॉ. अंबेडकर

आज के दौर में जब सामाजिक-आर्थिक असमानता बढ़ रही है। लोकतंत्र और संविधान संकट में हैं। समाजवाद… Read More

पुस्तक समीक्षा : ‘झारखंड के चमकते सितारे’ एक उपयोगी दस्तावेज़ है

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के आरंभिक काल में ही झारखंड क्रांतिकारियों की भूमि रहा है। संताल हूल और… Read More