उपमहाद्वीप में 1947 के बंटवारे ने बहुत कुछ विभाजित कर दिया था लेकिन कुछ ऐसी चीजें बची… Read More
संस्कृति-समाज
बहुत पुराने किलों-महलों में रहने वाले लोग महज हाड-मांस के चलते-फिरते बाशिंदे भर नहीं होते बल्कि तवारीख… Read More
भारत में जेल साहित्य दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, यह अच्छी बात भी है और बुरी भी।… Read More
इन दिनों रंगकर्म के क्षेत्र में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) इंदौर इकाई की प्रस्तुति “धीरेन्द्र मजूमदार… Read More
इनको देखा तो ये ख्याल आया कि हम इन म्यूजियमों को क्यों देखें? म्यूजियम बीते समय यानी… Read More
गोरख से व्यक्तिगत रूप से अंतरंग होने का मुझे मौका नहीं मिला। लेकिन उनके गीत और कविताएं… Read More
राजकुमारी सोफिया दिलीप सिंह को कौन नहीं जानता? बतौर ‘राजकुमारी’ नहीं बल्कि भारतीय स्वतंत्रता के लिए अपने… Read More
साल 1936 में लखनऊ में अज़ीम उपन्यासकार प्रेमचंद की सदारत में एक बड़े जलसे के साथ ‘प्रगतिशील… Read More
बेशक 1947 में देश का खूनी बंटवारा हुआ था और दो मुल्क हिंदुस्तान और पाकिस्तान वजूद में… Read More
बाबाओं की सबसे ज्यादा शक्तियाँ और चमत्कार भारत में ही पाये जाते हैं। लेकिन मजेदार बात यह… Read More