संस्कृति-समाज

जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे पत्रकार अमरीक की कलम से एक प्रकाशन संस्थान का सफ़रनामा

(यह पोस्ट ‘आधार प्रकाशन’ के कर्ता-धर्ता और चर्चित साहित्यिक पत्रिका ‘पल प्रतिपल के संपादक देश निर्मोही की… Read More

पुस्‍तक समीक्षा: लोकतंत्र के सही मायने बताती कवितायें

पंकज चौधरी का कुछ अरसा पहले प्रकाशित काव्य संग्रह ‘किस-किस से लड़ोगे’ समकालीन कविता की महत्वपूर्ण उपलब्धि… Read More

अपनी छात्र राजनीति की कर्मभूमि इलाहाबाद में भी याद किए गए वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय

प्रयागराज। अंजुमन-ए-रूहें-अदब में आयोजित कार्यक्रम में दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडे की याद में पुस्तक का विमोचन… Read More

प्रलेस का राज्य सम्मेलन: साम्प्रदायिकता और कॉरपोरेट, दोनों ही ख़तरों से लेखक लेंगे लोहा

देश बुरे समय के दौर से गुजर रहा है। न्यायपालिका तंत्र के कारण कई लोग बिना अपराध… Read More

सांस्कृतिक वर्चस्ववाद के ख़िलाफ़ विद्रोह है मराठी नाटक गोधड़ी, संविधान दिवस पर होगा मंचन

दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र का गौरव भारत ने अहिंसा से हासिल कर विश्व को शांति का… Read More