नई दिल्ली। तमिलनाडु के विलुपुरम जिले में एक दलित युवक मॉब लिंचिंग का शिकार हो गया और लोगों ने उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब वह खुले में पेसाब कर रहा था। इसी बात पर आस-पास के लोगों ने घेर कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। लोगों ने इतना पीटा कि 24 वर्षीय तिंदिवानम की मौत हो गयी। कराई गांव का रहने वाला यह युवक एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। इस मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
टाइम्स आफ इंडिया की खबर के मुताबिक पुलिस ने बताया कि आर थिवन्नई ने मामले को लेकर पुलिस में शिकायत की थी। उसका कहना था कि उसको अपने भाई के मोबाइल से फोन आया जिसमें उसने बताया कि जिले के बुथुरमलाई के पास कुछ लोग घेरकर उसकी पिटाई कर रहे हैं।
उसका कहना है कि वह अपने रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंची और पाया कि के राजा और उसकी पत्नी आर गौरी के नेतृत्व में एक भीड़ उसके भाई की बर्बर तरीके से पिटाई कर रही है। उसने बताया कि भीड़ लगातार उसे गालियां दे रही थी और उसके सिर और सीने में पैरों और पत्थरों से मार रही है। पत्थरों से हमले के चलते उसे गंभीर चोट आ गयी थी।
उसका कहना है कि बाद में पुलिस की टुकड़ी मौके पर पहुंची और उसे भीड़ के चंगुल से बचाया। उसे अस्पताल में इसलिए नहीं भर्ती कराया जा सका क्योंकि उसके परिजनों के पास पर्याप्त पैसा नहीं था। इसलिए उन लोगों ने उसे घर ले जाने का फैसला किया।
बाद में घर पहुंचने पर उसकी हालत खराब हो गयी। 108 एंबुलेंस की सेवा के लिए फोन करने पर एक मेडिकल टीम मौके पर पहुंची लेकिन जांच में पता चला कि युवक की मौत हो गयी है।
बाद में शिकायत पर पेरियाथचुर पुलिस ने राजा और गौरी समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ सेक्शन 147, 148, 294, 302, और एससी-एसटी एक्ट के तहत धाराएं लगायी गयी हैं।
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