नई दिल्ली/लखनऊ। यूपी में कोरोना ने विस्फोटक रूप ले लिया है। अस्पताल में बेड नहीं हैं और श्मशानों पर लाशों की कतार लग गयी है। यहां तक कि सूबे के मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्री भी इसकी चपेट में आ गए हैं। इन्हीं सब हालातों के बीच कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने आज प्रदेश नेताओं के साथ आपात बैठक की।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी मंडलों के प्रभारी, विधायक और पूर्व सांसद मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि सूबे में अमानवीयता चरम पर है। अस्पताल की क्षमता बढ़ाने की जगह श्मशान घाट की क्षमता बढ़ायी जा रही है। उन्होंने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार आंकड़ों से नहीं लोगों की जिंदगियों से खेल रही है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस स्थिति में पूरी कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है। और जहां भी जैसी जरूरत पड़ेगी उसके कार्यकर्ता उसे तैयार मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का धर्म है कि जनता के सवालों के लिए लड़े और कांग्रेस इसके लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि यूपी में कोरोना की स्थिति भयावह हो चुकी है। हैरानी की बात ये है कि सरकार की तरफ से पूरी लापरवाही का आलम है। प्राइवेट्स लैब में जांच की अनुमति नहीं है। सरकारी लैब में जांच रिपोर्ट 7 दिन में आ रही है। भर्ती होने के लिए आपको सीएमओ की पर्ची चाहिए जो कि आसानी से मिलती ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि जांच के लिए लंबी वेटिंग है, एडमिट होने के लिए लंबी वेटिंग है। लिहाजा लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ तो आम लोग कोरोना से परेशान हैं, दूसरी तरफ सरकारी अव्यवस्थाओं के चलते उनको कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी के साथ उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए धन्यवाद दिया है। आपको बता दें कि इसके पहले उन्होंने निशंक को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए बोर्ड परीक्षाओं को तत्काल स्थगित करने की मांग की थी। और इस सिलसिले में उन्होंने छात्रों के अभिभावकों से बात करने की सलाह दी थी। बहरहाल सरकार ने आज बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला किया है।
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