चुनाव से पहले गुजरात कांग्रेस के सामने एक और आफत

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अहमदाबाद। गुजरात प्रदेश कांग्रेस को वास्तु दोष छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा है भरत सोलंकी ने अध्यक्ष पद संभालते ही यज्ञ कराया था। पहले शंकर सिंह वाघेला की बगावत फिर अहमद पटेल को राज्य सभा चुनाव में बीजेपी और बागियों से चुनौती। अब 28 से 30 वर्षीय 1 बच्चे की मां आसमां (बदला हुआ नाम ) के साथ लालच देकर रिश्ता बनाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता के शादी के प्रस्ताव पर महिला ने उनके सामने अपना धर्म बदलने की शर्त रख दी।

बताया जा रहा है कि महिला की राजनैतिक महत्वकांक्षा का फायदा उठाते हुए इस नेता ने टिकट देने का वादा कर आसमां से और नजदीकियां बढ़ा ली। क्योंकि केवल अहमद पटेल ही नहीं बल्कि टिकट बांटने में इस नेता की भी बड़ी भूमिका होगी। इस नेता की पहचान वरिष्ठ पत्रकार ने प्रशांत दयाल ने अपने ब्लॉग meranews में कुछ इस प्रकार से बताई है “नेता ने दो शादी की थी पहली पत्नी मित्र थी जिसकी शादी के बाद रहस्यमयी तरीके से मृत्यु हो गई थी। मृत्यु कैसे हुई तहकीकात हुई ही नहीं इस नेता को नींद में चलने की बीमारी है।”

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो इस पोलिटिकल काउच को लेकर अहमदाबाद से दिल्ली तक घमासान चल रहा है परन्तु पार्टी नेता को पद से नहीं हटाएगी। जन चौक ने कांग्रेस पार्टी का पक्ष जानने के लिए जीपीसीसी अध्यक्ष भरत सोलंकी से कई बार टेलीफोन पर संपर्क किया परन्तु कोई उत्तर नहीं मिला। इससे पहले संवाददाता सम्मेलन के समय राहुल गाँधी की मौजूदगी में मीडिया ने सोलंकी से इस प्रकरण के बारे में पूछा था लेकिन वह कैमरा हटा कर आगे बढ़ गए थे। सोलंकी से बात न हो पाने के कारण जनचौक ने प्रदेश महासचिव लालजी देसाई से बात की देसाई ने जनचौक को बताया कि चुनाव के समय इस प्रकार की खबर का बाहर आना प्रश्न खड़ा करता है। पार्टी नेता गपशप में इसकी चर्चा करते हैं परन्तु किसी मीटिंग या फोरम में कोई चर्चा नहीं हुई है। पार्टी की तरफ से किसी जांच अथवा कार्रवाई की संभावना नहीं है। कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है इसके पीछे बीजेपी का हाथ है जो चुनाव के समय पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल करना चाहती है।

जनचौक ने इस पोलिटिकल काउच स्टोरी पर संबंधित महिला आसमां से बात की तो उसने मीडिया पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया में ये स्टोरी किसी बड़े नेता को गिराने और महिला को बदनाम करने के लिए चल रहा है। कोई महिला किसी बड़े नेता से मिल ले या बात कर ले तो इसका गलत मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। बातचीत में आसमां ने कहा कि कोई लड़की किसी बड़े नेता के साथ हो या बातचीत करे तो बिना सुबूत के किसी को महिला का नाम जोड़ने का क्या हक बनता है? लोकल ख़बरों और सूत्रों की मानें तो महिला को बड़े नेता ने टिकट का वादा किया था जिस कारण पार्टी के दूसरे गुटों ने इस खबर को बाहर लीक कर दिया।

जनचौक की पड़ताल में कांग्रेस के एक विधायक की खबर बाहर निकल कर आई जो कुछ भरोसेमंद महिला कार्यकर्ताओं से बॉम्बे होटल इलाके से कम उम्र गरीब लड़कियां को अपने पास बुलाता है। इस मामले में जनचौक ने कांग्रेस पार्टी की महिला काउंसलर से बात की तो उन्होंने इसकी पुष्टि की और बताया कि “हाँ इसमें सच्चाई है।”(जन चौक के पास महिला काउंसिलर से टेलीफोनिक बातचीत का ऑडियो मौजूद है)। बॉम्बे होटल इलाका दानीलीमड़ा विधानसभा में आता है ये इलाका बेहद गरीब है। न ही व्यवस्थित सड़कें हैं और न ही पीने का साफ़ पानी की व्यवस्था, शहर का कचरा भी इसी इलाके में डम्प किया जाता है जिसके कारण इस क्षेत्र में पानी और हवा दोनों दूषित हैं।

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता ने इसे कांग्रेस पार्टी का आंतरिक मामला बताया है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी को खुद ही इसका जवाब देना चाहिए यह राजनैतिक नहीं व्यक्तिगत मामला है। इसलिए बीजेपी का कमेंट करना ठीक नहीं।

आम आदमी पार्टी, गुजरात महिला विंग प्रमुख ने नालियाकांड के बाद कांग्रेस के पोलिटिकल काउच की खबर पर दुःख जताया। पार्टी नेता वंदना बेन पटेल ने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस ने नालिया कांड जैसी घटना में बीजेपी का साथ दिया था उसी क़र्ज को उतारने के लिए वो अब कांग्रेस पार्टी के पोलिटिकल काउच पर खामोश है। कांग्रेस और भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं को आम आदमी पार्टी से जुड़ जाना चाहिए जहां महिलाओं का पूरा सम्मान है। हमारी पार्टी भ्रष्टाचारी तथा चरित्रहीन व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करती। जबकि बीजेपी और कांग्रेस में ऐसे लोगों को संरक्षण दिया जाता है।

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