सरकार के सुपारी किलर ‘इंडिया टुडे’ ने ‘न्यूजलॉन्ड्री’ को चुप कराने के लिये मांगा 2 करोड़ रुपये का हर्जाना

Estimated read time 1 min read

10 सितंबर, 2021 को न्यूजलॉन्ड्री के दफ़्तर पर आयकर विभाग ने छापा मारा था तब आयकर विभाग के हाथ कुछ नहीं लगा तो आयकर विभाग के लोगों ने छापेमारी की ख़बरों का खंडन करते हुये कहा था कि “यह ‘सर्वे’ है, ‘छापा’ नहीं। आयकर विभाग ने कहा था कि इसके अधिकारी इन दोनों वेबसाइटों के दफ़्तरों पर सर्वे करने के लिए गए हुए हैं।

बहरहाल केंद्र सरकार के आयकर विभाग ने जब न्यूजलॉन्ड्री का कुछ न बिगाड़ पाया तो आरएसएस भाजपा की चरण वंदना में रत इंडिया टुडे ने अपने आका की शान में गुस्ताखी करने वाले न्यूजलॉन्ड्री को ‘कॉपीराइट उल्लंघन’ का आरोप लगाकर 2 करोड़ की मानहानि को नोटिस भेज दिया है। मुक़दमे की प्रति शिकायतकर्ता के वकील हृषिकेश बरुआ ने बीते सोमवार (25 अक्टूबर) को रात 10:41 बजे भेजी थी।

इंडिया टुडे ने कॉपीराइट उल्लंघन और मानहानि का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र न्यूज मीडिया कंपनी न्यूजलॉन्ड्री के खिलाफ केस दायर कर दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इससे पहले 10 अक्टूबर को इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत किए जाने पर यूट्यूब ने इसके (न्यूजलॉन्ड्री) चैनल को फ्रीज यानी स्थगित कर दिया था।

इस तरह से केंद्र की नरेंद्र मोदी और इंडिया टुडे ग्रुप स्वतंत्र लघु मीडिया संस्थानों का साझा शिकार पर एक साथ हैं।

न्यूजलॉन्ड्री के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिनंदन सेखरी ने ट्वीट में कॉपीराइट उल्लंघन से इंकार करते हुए कहा था कि दरअसल यह शिकायत न्यूजलॉन्ड्री को उसका काम, मीडिया की आलोचना और उससे सवाल पूछने से रोकने के लिए की गई है। उन्होंने आगे कहा, ‘जो मुकदमा दायर किया गया है, उसे देखते हुए यह बेहद चिंताजनक है कि ये वो लोग हैं जिन्हें इस देश में प्रमुख समाचार चैनल माना जाता है। यह प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति उनकी समझ और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। उनकी पत्रकारिता के बारे में जितना कम कहा जाए उतना अच्छा है’।

सेखरी ने कहा कि इंडिया टुडे ने कई आपत्तियां उठाई हैं, ‘जैसे कि हम उनके एंकरों का मजाक क्यों उड़ा रहे हैं, उनकी रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से लेकर हमारी कमेंट्री के लिए फुटेज का उपयोग करने तक चैनल ने आपत्ति दर्ज़ कराई है’।
सेखरी के मुताबिक़ ये शिक़ायत कई सैकड़ों पेज की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘हमने उनके एंकर के ख़िलाफ़ ऐसा क्यों बोला, हमने उनके एंकर का मुंह बंद करके क्यों दिखाया, वगैरह, वगरैह’।

सेखरी ने कहा, ‘यह काफी परेशान करने वाली बात है कि इस तरह के लोग ऐसा कर रहे हैं, जिन्हें प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खड़ा होना चाहिए’। सेखरी का आरोप है कि यूट्यूब से शिक़ायत करने से पहले इंडिया टुडे ग्रुप ने न्यूजलॉन्ड्री से संपर्क नहीं किया था। न्यूजलॉन्ड्री का दावा है कि उन्हें अपना काम करने से रोकने के लिए उन्हें टार्गेट किया जा रहा है।

स्वतंत्र पत्रकार ह्रदयेश जोशी ने ट्वीट करके बताया है कि 3 साल पहले के मेरे इस लेख पर इंडिया टुडे ग्रुप को अब एहसास हुआ है और उन्होंने मुक़दमा किया है। जिसने भी बस्तर में आदिवासियों, वहां तैनात जवानों और स्थानीय पत्रकारों की समस्या को देखा है उसके लिये राहुल कंवल का ये प्रोग्राम एक भद्दा मज़ाक था। एक ट्रेनी रिपोर्टर भी यह बात कह सकता है।
(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

+ There are no comments

Add yours

You May Also Like

More From Author