Thursday, February 9, 2023

वादे के बाद इंश्योरेंस कंपनियों के मोर्चे ने स्थगित की हड़ताल

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नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों में यूनियनों और संघों के संयुक्त मोर्चा ने 20 जून-2022 से प्रस्तावित अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल के आह्वान को स्थगित कर दिया है। ऐसा उसने GIPSA अध्यक्ष और उसके चीफ एक्जीक्यूटिव समेत सभी चार कंपनियों द्वारा आश्वासन और अपील प्राप्त करने के बाद किया है। यह फैसला संयुक्त मोर्चा के सदस्यों की बैठक के बाद लिया गया। आपको बता दें कि यह यूनियन 50000 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करती है। 

प्रबंधन द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद, GIPSA चीफ एक्जीक्यूटिव द्वारा 13 जून, 2022 को लिखित रूप में इसकी पुष्टि की गई कि वेतन संशोधन मुद्दा उचित स्तर पर सक्रिय रूप से विचाराधीन है और GIPSA प्रबंधन डीएफएस के अधिकारियों के साथ नियमित रूप से और गंभीरता से इस पर कार्य कर रहा है। आपको बता दें कि कर्मचारी व अधिकारी अपनी जायज मांगों को पूरा करने के लिए पिछले 3 वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

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नेताओं का कहना है कि इससे पहले, सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन का निस्तारण अन्य वित्तीय क्षेत्र अर्थात बैंकों और एलआईसी में वेतन संशोधन के पूरा होने के तुरंत बाद कर दिया जाता था। यह पहली बार है, सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के वेतन संशोधन को देय तिथि से लगभग 59 महीने बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं किया गया है। यूनियन के नेताओं ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों ने कोविड के समय में भी पॉलिसीधारकों/और नागरिकों को निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की थीं और इस प्रक्रिया में लगभग 250 कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने कार्यों को क्रियान्वित करते हुए अपने जीवन का बलिदान देना पड़ा था। सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के गठन के बाद से, उन्होंने विभिन्न मील के पत्थर स्थापित किए हैं और भारत सरकार को लाभांश व कर के रूप में हजारों करोड़ रुपये दिए हैं  तथा विभिन्न सामाजिक दायित्वों को भी पूरा किया है। 

संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक गिरीश खुराना का कहना था कि सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियां इस देश के आम आदमी के लिए काम कर रही हैं और इस देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को मामूली प्रीमियम पर, लाखों एजेंटों की सक्रिय भागीदारी के साथ सामान्य बीमा सेवाएं प्रदान कर रही हैं, साथ ही वित्तीय समावेशन की विभिन्न सरकारी योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना और ग्रामीण व फसल बीमा के लिए विभिन्न अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से कर रही हैं। सरकारी साधारण बीमा कंपनियां भारत में विभिन्न निजी कंपनियों की अनैतिक नीतियों के खिलाफ कड़ा संघर्ष कर रही हैं। 

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गिरीश खुराना की ओर से आयोजित बैठक में संयुक्त मोर्चा के सभी घटकों के बीच वर्तमान मुद्दे पर विस्तार से चर्चा किया गया। और 20 जून 2022 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने के लिए सभी संघों / संगठनों द्वारा सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की गई और अन्य संघर्ष कार्यक्रम को भी फिलहाल रोक दिया गया। हालाँकि इसके साथ ही नेताओं का कहना था कि संयुक्त मोर्चा के समस्त घटकों का नेतृत्व, यदि आवश्यक हो तो 30 जून 2022 के बाद किसी भी बड़े आन्दोलन के लिए तैयार है। 

इस मौके पर हुई बैठक में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक की नियमित व शीघ्र नियुक्ति करने, सार्वजनिक साधारण बीमा कम्पनियों में पूर्णकालिक निदेशकों की शीघ्र नियुक्ति करने समेत कई मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए।

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