आनंद बाजार पत्रिका के पत्रकारों पर फिलहाल नहीं होगी सख्त कार्रवाई : हाई कोर्ट से सरकार

आनंदबाजार पत्रिका में ‘भगवा गुंडागर्दी’ शीर्षक को लेकर एफआईआर के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा है कि पत्रकारों पर याचिका की सुनवाई होने तक सख़्त कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि सरकार ने जोड़ा कि यह राहत उन्हें जांच एजेंसियों की ओर से जारी नोटिस का पालन करने की शर्त पर मिलेगी।

मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील एसएन मुखर्जी ने पत्रकारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मुद्दा कोर्ट के सामने उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसा मामला दर्ज किया गया, मानो पत्रकारों ने देशभर के सभी संन्यासियों का अपमान किया हो। उन्होंने यह भी बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके कार्यालय को गेरुआ रंग से रंग दिया गया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मुखर्जी से पूछा कि क्या वह भगवा उपद्रव जैसे अभिव्यक्ति से परिचित हैं। इस पर मुखर्जी ने कहा कि वह इससे परिचित हैं और उनके पिता भी भगवा ब्रिगेड का हिस्सा रहे थे। कोर्ट ने अखबार के पहले पेज का भी उल्लेख किया। इस पर मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि मामला राजनीतिक नहीं है बल्कि पत्रकारों से जुड़ा है।

राज्य की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने पत्रकारों को किसी विशेष संरक्षण दिए जाने का विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पत्रकार होने के कारण उन्हें कुछ भी करने की छूट दी जा सकती है।

इस पर मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों के लिए किसी विशेष अधिकार या विशेषाधिकार का दावा नहीं कर रहे हैं और उन्हें सामान्य नागरिक से अधिक संरक्षण नहीं चाहिए।

इसके बाद कोर्ट ने राज्य से पूछा कि याचिका पर सुनवाई होने तक पत्रकारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, इसका आश्वासन दिया जा सकता है या नहीं। एडिशनल एडवोकेट जनरल ने कहा कि यदि पत्रकार जांच एजेंसियों के नोटिस का पालन करते हैं तो उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।

राज्य ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्रकारों को किसी तरह की पूर्ण या व्यापक सुरक्षा नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने भी स्पष्ट किया कि पत्रकारों को जारी नोटिस का पालन करना होगा। कोर्ट ने कहा, “नोटिस का पालन करें, कोई कार्रवाई नहीं होगी। अगर कुछ होता है तो हमारे संज्ञान में लाएं।” मुखर्जी ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि मामले की सुनवाई से पहले पत्रकार नोटिस का पालन करेंगे।

जादवपुर यूनिवर्सिटी में कथित हिंसा से जुड़ी खबरों के बीच अख़बार ने “गेरुआ गुंडागर्दी” शीर्षक का इस्तेमाल किया था, जिसे लेकर मामला दर्ज किया गया है। अख़बार के पत्रकारों ने एफआईआर के संदर्भ में राहत पाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था।

(जनचौक ब्यूरो)

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