Subscribe for notification

पुलिस कस्टडी में क्रूरता के शिकार मजदूर अधिकार कार्यकर्ता शिव कुमार की रिहाई के आदेश

मजदूर अधिकार संगठन के अध्यक्ष और मजदूर अधिकार कार्यकर्ता शिव कुमार को उनके खिलाफ दर्ज तीनों मामलों में सोनीपत जिले (हरियाणा) की एक स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई है। इससे पहले दो अन्य मामलों में उन्हें कल यानी बुधवार 3 मार्च को जमानत दी गई थी, तीसरे मामले में भी उन्हें आज जमानत मिल गई है।

बता दें कि शिव कुमार मज़दूर अधिनायक संगठन के अध्यक्ष हैं और उन्हें 16 जनवरी को नौदीप कौर की गिरफ्तारी के अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि हरियाणा पुलिस ने कोर्ट में उनकी गिरफ्तारी 23 जनवरी को दिखाई थी।

इससे पहले शिव कुमार की साथी और मजदूर अधिकार संगठन मंच की कार्यकर्ता नौदीप कौर को 26 फरवरी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके तीसरे केस में जमानत दी थी जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था और उन्हें करनाल जेल से रिहा कर दिया गया।  गौरतलब है कि धमकी से जुड़े दो मामलों में नौदीप कौर को जमानत मिल चुकी है। ये केस 28 दिसंबर और 12 जनवरी से संबंधित थे।

बता दें कि सोनीपत के कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री कर्मचारियों के उत्पीड़न के खिलाफ उनके विरोध के बाद शिव कुमार और नौदीप कौर दोनों को 12 जनवरी को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हरियाणा पुलिस ने दोनों को 12 जनवरी की घटना के संबंध में दायर तीन एफआईआर में नामजद किया था, जिसमें उन पर हत्या के प्रयास, चोरी और जबरन वसूली के आरोप लगाए गए थे।

पुलिस ने अमानवीयता की हद तक किया था टॉर्चर

मजदूर अधिकार कार्यकर्ता शिव कुमार को हरियाणा पुलिस ने क्रूरता की हद तक टॉर्चर किया था। महीने बाद भी क्रूरता के सबूत उनके शरीर पर मौजूद हैं। बता दें कि नौदीप कौर के साथी शिव कुमार को राजकीय चिकित्सा कॉलेज और हॉस्पिटल (GMCH) चंडीगढ़ ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर कल मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट दाखिल किया था। मेडिकल रिपोर्ट में 24 वर्षीय शिव कुमार के शरीर में कई गंभीर चोटें और सूजन पाया गया था। उनके बायें हाथ और दायें पैर पर फ्रैक्चर पाया गया  जो कि किसी ठोस वस्तु से मारे जाने से हुई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि ये चोटें दो सप्ताह पुरानी हैं।

मेडिकल रिपोर्ट में हाथों और पैरों में फ्रैक्चर, टूटे हुए नाख़ून और पोस्ट ट्रॉमैटिक डिसऑर्डर (किसी अप्रिय घटना के बाद लगने वाला सदमा) जैसी बातें कही गई हैं। शिव कुमार की मेडिकल रिपोर्ट में दाएं और बाएं पैर में चोट, लंगड़ा कर चलना, दाएं पैर में सूजन, बाएं पैर में सूजन, बाएं पैर के अंगूठे में कालापन, बाएं अंगूठे और तर्जनी में कालापन, कलाई में सूजन, बाएं जांघ पर कालापन पाया गया था। गौरतलब बात ये है कि शिव कुमार के शरीर पर ये चोटें गिरफ़्तारी के एक महीने बाद तक भी मौजूद हैं।

बता दें कि शिव कुमार के पिता राजबीर ने हाईकोर्ट को बताया था कि पुलिस ने उनके बेटे को पुलिस कस्टडी में निर्दयता पूर्वक टॉर्चर किया है। इसके बाद 19 फरवरी को हाईकोर्ट ने सोनीपत जेल के एसपी को निर्देश दिया था कि वो शिव कुमार का मेडिकल इक्जामिन कराने के लिए GMCH लेकर जायें। हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों से मेडिकल परीक्षण के लिए कहा था।

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on March 4, 2021 7:08 pm

Share