Thursday, October 21, 2021

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मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय को 2022 का सेंट लुईस लिटरेरी अवॉर्ड

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नई दिल्ली। जानी-मानी लेखिका अरुंधति रॉय को 2022 के सेंट लुईस लिटरेरी अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। वह यह पुरस्कार 28 अप्रैल, 2022 को शेल्डन कंसर्ट हॉल एंड आर्ट गैलरीज में हासिल करेंगी और फिर उसके बाद सेंट लुईस यूनिवर्सिटी में आयोजित एक गोष्ठी में अपने काम पर वहां मौजूद लोगों के साथ बातचीत करेंगी।

अरुंधति सबसे पहले अपने उपन्यास ‘द गॉड आफ स्माल थिंग्स’ के लिए मशहूर हुई थीं। इसके लिए उन्हें 1997 के बुकर पुरस्कार से नवाजा गया था। उनका एक और उपन्यास ‘द मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पिनेस’ है। जिसका हिंदी में ‘अपार खुशियों का खजाना’ के नाम से अनुवाद हो चुका है। यह किताब 2017 के बुकर पुरस्कारों के लिए संभावितों की सूची में शामिल थी। इसके अलावा नेशनल बुक क्रिटिक सर्किल अवार्ड के फाइनल में भी इसको जगह मिली थी।

पिछली सोमवार को पुरस्कार के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एडवर्ड इबुर ने कहा था कि “किसी और बात से पहले अरुंधति रॉय अद्भुत लेखिका हैं जिनके काम ने सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों पर भीषण प्रभाव डाला है। निबंध लेखक, उपन्यासकार और स्क्रीनराइटर के तौर पर लिखे गए उनके लेखों के जरिये जो चीज सामने आती है वह एक ऐसी आवाज है जो बेहद ईमानदार होने के साथ प्रभावी है।”

उन्होंने कहा कि “पिछले 30 सालों से रॉय साहित्यिक ब्रह्मांड का चमकता हुआ सितारा हैं। और यह हम लोगों का सौभाग्य है कि वह 50 से ज्यादा सालों में एसएलयू के सेंट लुईस लिटरेरी अवार्ड हासिल करने वाले अदुभत लेखकों की कतार में शामिल हो रही हैं।”
रॉय के बाद एक और बुकर नामित ज़ैदी स्मिथ को सेंट लुईस सम्मान मिलेगा जो वह 4 नवंबर को शेल्डन में हासिल करेंगे। बताया गया है कि आयोजन में कोई भी हिस्सा ले सकता है। वह बगैर शुल्क के है लेकिन उसके लिए पहले ही अपनी सीट बुक करानी होगी।

स्मिथ को अपने उपन्यासों ‘ह्वाइट टीथ’, ‘आन ब्यूटी’ और ‘स्विंग टाइम’ के लिए जाना जाता है।
सेंट लुईस लिटरेरी अवार्ड अंग्रेजी भाषा के किसी लेखक को 1967 से पुरस्कृत करता आ रहा है। इसकी शुरुआत हेनरी स्टील कामगर से हुई थी। पिछले सौ सालों के विजेताओं में दुनिया के एक से एक नामचीन लोग शामिल हैं। जिसमें यूडोरा वेल्टी, टेनीज विलियम्स, चिनुआ अचेबे से लेकर सलमान रुश्दी तक के नाम शामिल हैं। सेंट लुईस यूनिवर्सिटी लाइब्रेरीज एसोसिएट्स की ओर से दिए जाने वाले इस अवार्ड की पूर्व शर्त यह है कि विजेता को उसे सेंट लुईस में जाकर हासिल करना होगा। हालांकि 2020 के विजेता माइकेल सैबन कोरोना वायरस की महामारी के चलते ऐसा नहीं कर सके थे और उन्हें वीडियो के जरिए ही उसे हासिल करना पड़ा था।

पुरस्कार एक जीवित लेखक और उसके समृद्ध काम के साथ उसको पहचान दिलाने का काम करता है जिसके जरिये उसने मानवीय परिस्थितियों में हमारी दृष्टि को गहरा करने और हमारी संवेदना की संभावनाओं का विस्तार करने की साहित्यिक विरासत को समृद्ध किया है।
अभी तक अरुंधति को लेनन फाउंडेशन का प्राइज फॉर कल्चरल फ्रीडम (2002); सिडनी पीस प्राइज (2004); नेशनल कौंसिल ऑफ टीचर ऑफ इंग्लिश की तरफ से द जॉर्ज ऑरवेल अवार्ड (2004); और अलहदा लेखन के लिए नॉर्मन मेलर प्राइज (2011) पुरस्कार मिल चुका है।

सेंट लुईस की साइट पर एवार्ड के साथ मिलने वाली राशि के बारे में लिखा गया है कि विजेता को 15 हजार डॉलर मिलेंगे।

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