Tuesday, December 7, 2021

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क्रूज ड्रग्स केस में 27 दिनों बाद आर्यन ख़ान समेत तीन लोगों को जमानत मिली

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पिछले तीन दिन से लगातार सुनवाई के बाद बाम्बे हाईकोर्ट ने ड्रग मामले में आर्यन ख़ान, मुनमुन धमेचा और अरबाज मर्चेंट को आज जमानत दे दिया है। हालांकि, उन्हें आज की रात जेल में ही बितानी पड़ेगी। बॉम्बे हाईकोर्ट में दोपहर 3 बजे शुरू हुई सुनवाई के बाद शाम को 4.45 पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को क्रूज में एनसीबी की रेड मारकर गिरफ्तार किये जाने के बाद पिछले 27 दिनों से तीनों जेल में हैं। इस दरम्यान निचली अदालत द्वारा दो बार उनकी जमानत याचिकाएं ख़ारिज की गईं।

आज सुनवाई के बाद आर्यन खान के वकील मुकुल रोहतगी ने मीडिया को बताया कि ‘आज हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद तीन आरोपियों को जमानत दिया है, जिसमें आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा का नाम शामिल है। हाईकोर्ट का फाइनल आदेश आने के बाद तीन आरोपी शुक्रवार या शनिवार को रिहा हो सकते हैं।’

इससे पहले जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान वकील मुकुल रोहतगी ने आर्यन खान का पक्ष रखते हुए कोर्ट से कहा- “गिरफ्तार हुए लोगों में सिर्फं आर्यन और अरबाज परिचित थे। ऐसे में साजिश की कोई आशंका ही नहीं है”।

मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में पूछा कि मानव और गाबा की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? जिन्होंने आर्यन को क्रूज पर न्योता दिया था।

एनसीबी वकील अनिल सिंह के तर्कों का खंडन करते हुये आर्यन खान की ओर से मुकुल रोहतगी ने हाईकोर्ट से कहा कि इसे साजिश के साथ जोड़ा गया है। मेरे ख़िलाफ़ कोई 27 ए नहीं लगाया गया है। क्रूज पर कुल 1300 लोग मौजूद थे और ऐसा कोई भी सबूत पेश नहीं किया गया है जो साबित करता है कि मैं अरबाज या आचित के अलावा किसी को जानता हूं। जिस साजिश के ख़िलाफ़ आरोप लगाया गया है.. यह सह-घटना नहीं है, साजिश है। आचित 14 दिन बाद 2.6 ग्राम गांजे के साथ मिला और वे कह रहे हैं कि ये इत्तेफाक नहीं है। साजिश के लिए सभी का एक तरह से सोचना ज़रूरी है, कोई कनेक्शन ज़रूरी है। मान लीजिए कि ताज होटल में कोई प्राइवेट रूम में इसका सेवन कर रहा है तो क्या पूरे होटल के लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस कथित साजिश को साबित करने का कोई भी सबूत है ही नहीं।

नॉर्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का पक्ष रखते हुये एएसजी अनिल सिंह ने कोर्ट में कहा, “ड्रग्स नहीं मिलने का मतलब ये नहीं है कि शख्स ने कोई गुनाह नहीं किया है। अगर किसी के पास ड्रग्स नहीं मिला है, तो भी वो उसके लिए जिम्मेदार हो सकता है”।

अनिल सिंह ने कोर्ट को बताया, “यह मानते हैं कि गिरफ्तारी के समय कोई अनियमितता थी, जिसे रिमांड आदेश के बाद ठीक कर दिया गया था।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह से कानूनी है। इसे साजिश साबित नहीं किया जा सकता।”

अनिल सिंह ने अपनी दलील देते हुये हाईकोर्ट को बताया कि आर्यन और अरबाज बचपन के दोस्त हैं। उन्होंने एक साथ यात्रा की और एक ही कमरे में रहने वाले थे। शुरू में कहा गया कि ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है, और फिर कहा गया कि कम मात्रा में मिला है। अरबाज के पास से ड्रग्स मिला है और आर्यन को इसकी जानकारी थी। दोनों क्रूज की यात्रा के दौरान इसका सेवन करने वाले थे। उन्होंने कहा भी था कि ये क्रूज यात्रा के लिए है… उन्होंने कहा था कि वो ‘ब्लास्ट’ करने जा रहे हैं। अनिल सिंह ने कहा, उनमें से एक को पता है कि दूसरे के पास ड्रग्स है और वह लेता है तो पहला पर्सन ‘कॉन्शियस पजेशन’ में है। अगर किसी ने क्राइम नहीं किया लेकिन कोशिश की तो ये भी क्राइम ही है। अनिल सिंह ने जस्टिस साम्ब्रे को दिखाए चैट्स।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट में वाद विवाद के दौरान एनसीबी की तरफ से एएसजी अनिल सिंह ने आरोप लगाया कि आर्यन ख़ान और अरबाज नियमित रूप से ड्रग्स लेते हैं। ये भी सामने आया है कि वह ड्रग पेडलर के संपर्क में हैं। आचित ड्रग पेडलर है, उसे क्रूज से नहीं पकड़ा गया। भारी मात्रा में हार्ड ड्रग्स ख़रीदी गई हैं।

एनसीबी की ओर से अनिल सिंह ने कहा कि मेरा तर्क ये है कि वो ड्रग पेडलर्स के साथ जुड़ा है और व्यावसायिक मात्रा भी थी। ऐसे में गिरफ्तारी किसी भी तरह से गैर कानूनी नहीं है। चार घंटे को देरी नहीं कहा जा सकता है। साजिश को साबित करना मुश्किल है, सिर्फ़ साजिशकर्ता ही जानता है कि उन्होंने ये कैसे किया। हमारे पास वाट्सऐप चैट्स हैं, जिन्हें हम सबूतों के तौर पर पेश करेंगे। इन सभी ने मिलकर साजिश की। एक गवाह ने शपथ पत्र पर लोगों के नाम बताए हैं, ऐसे में अगर जमानत दे दी जाती है तो सबूतों के साथ छेड़छाड़ होगी। वहीं मुनमुन धमेचा को भी मासूम दिखाने की कोशिश हो रही है। उसके पास ड्रग्स था, और उसने इस बात को कबूल भी किया है।’

अपनी बात के पक्ष में दलील देते हुए एनसीबी अधिवक्ता अनिल सिंह ने कहा, कि मजिस्ट्रेट कोर्ट  ने हमारी रिमांड एप्लीकेशन देखी थी और फिर हमें पुलिस कस्टडी दी थी। उन्होंने देखा था कि किन आधारों पर गिरफ्तारी हो रही है और उनमें कुछ भी गैर कानूनी नहीं। रिमांड के कुल तीन ऑर्डर थे, जिन्हें उन्होंने (आर्यन की ओर से) चैलेंज नहीं किया और अब वे कह रहे हैं कि गिरफ्तारी गैर कानूनी थी।’

एनसीबी का पक्ष रखते हुये अनिल सिंह ने कोर्ट से आगे कहा कि आर्यन ख़ान की ओर से तूफान सिंह के फैसला का उदाहरण दिया गया था, जो कि सिर्फ़ ट्रायल के वक्त लागू किया जा सकता है, बेल के वक्त नहीं। ड्रग्स नहीं मिलने का मतलब ये नहीं है कि शख्स ने कोई गुनाह नहीं किया है। अगर किसी के पास ड्रग्स नहीं मिला है, तो भी वो उसके लिए जिम्मेदार हो सकता है। अरेस्ट मेमो, आर्यन के पास कामर्शियल क्वांटिटी होने की बात साबित करता है। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 29 यह नहीं कहती है कि व्यक्ति का क़ब्ज़ा होना चाहिए। जब हम धारा 28 और 29 को लागू करते हैं तो व्यावसायिक मात्रा शुरू हो जाती है, उन्होंने व्यावसायिक मात्रा से निपटने का प्रयास किया।’

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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