Tuesday, September 27, 2022

पीएम मोदी का बेहद करीबी है अश्लील वीडियो लीक विवाद से घिरी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का मालिक

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मोहाली स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में लड़कियों के कथित आपत्तिजनक वीडियो लीक होने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। हजारों स्टूडेंट मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच एक ऐसी सनसनीखेज जानकारी सूत्रों के हवाले से आ रही है, जिससे इसके तार देश की शीर्षस्थ राजनीति से जुड़ते जा रहे हैं। वर्ष 2012 में स्थापित, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले एक सिख उद्यमी सतनाम सिंह संधू हैं जो इसके चांसलर भी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी हैं।

राजनीति के गलियारों में चर्चा को मानें तो सतनाम सिंह संधू चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट के भी दावेदार हैं लेकिन अभी तक बिना किसी पार्टी में शामिल हुए भाजपा संगठन के तमाम कार्यक्रमों और आयोजनों के पीछे इनकी सक्रिय भूमिका रहती है। विवाद ज्यादा न फैले और माहौल शांत हो जाए इसलिए इस पूरे प्रकरण को रफा-दफा करने की उच्चस्तरीय कोशिशें शुरू हो गयी हैं। 

स्मृति ईरानी के साथ सतनाम सिंह।

सतनाम सिंह संधू चंडीगढ़ वेलफेयर ट्रस्ट (सीडब्ल्यूटी) और न्यू इंडिया डेवलपमेंट (एनआईडी) फाउंडेशन, चंडीगढ़ में सामुदायिक कल्याण परियोजनाओं पर काम करने वाले दो गैर सरकारी संगठन, के संरक्षक भी हैं।

कभी किसान रहे संधू ने 2001 में शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा और मोहाली के लांडरां में चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज (सीजीसी) की स्थापना की। वह कभी किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुए। वीडियो में गड़बड़ी के एक दिन पहले, संधू ने चंडीगढ़ में एक मेगा-स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करके मोदी का 72 वां जन्मदिन मनाया, जिसका उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने किया और इसमें केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता स्मृति ईरानी भी शामिल हुईं। सीडब्ल्यूटी और एनआईडी फाउंडेशन शिविर के मुख्य आयोजक थे।

संधू की मोदी के प्रति भक्ति या समर्पण कभी गुप्त नहीं रही। उन्होंने सिख अनिवासी भारतीयों और पंजाबी समुदाय के प्रमुख सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था, जो इस साल अप्रैल में दिल्ली में “सद्भावना कार्यक्रम” के तहत प्रधान मंत्री से मिला था। संधू ने मोदी से मुलाकात के बाद कहा था कि हमारे पीएम मोदी ने सिखों के लिए सद्भावना कार्यक्रम आयोजित करके और हमारे साथ समय बिताकर बहुत बड़ा दिल दिखाया है।

फिरोजपुर के एक छोटे से गांव से एशिया के सबसे तेजी से बढ़ते निजी विश्वविद्यालयों में से एक, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक संधू और रशपाल सिंह धालीवाल के लिए यह एक उल्कापिंड रहा है।

पीएम मोदी के साथ सतनाम के नेतृत्व में गया प्रतिनिधिमंडल

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक युवा निजी संस्थान है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है। एक ऐसे घटनाक्रम में, जिसने अकादमिक क्षेत्र में कई लोगों को चौंका दिया था, दशक पुराने विश्वविद्यालय ने इस साल की शुरुआत में जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी और एनआईआरएफ रैंकिंग में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था, और पंजाब में अच्छी तरह से स्थापित पुराने विश्वविद्यालयों की तुलना में उच्च स्थान पर रखा गया था। यह सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली QS वर्ल्ड रैंकिंग 2023 में अपनी शुरुआत करने वाले देश के सबसे कम उम्र के विश्वविद्यालयों में से एक बन गया।

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर आरएस बावा के अनुसार, वर्तमान में विश्वविद्यालय में नामांकित 54 देशों के अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित लगभग 30,000 छात्र हैं।

आरोपी छात्रा द्वारा कथित तौर पर अन्य कई लड़कियों का नहाते हुए वीडियो बनाकर शेयर करने का मामला शनिवार, 17 सितंबर को सामने आया जिसके बाद छात्र-छात्राओं का विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। हंगामे के बीच कुछ लड़कियां बेहोश हो गईं जिसके बाद अफवाह फैली की लड़कियों ने आत्महत्या का प्रयास किया है। हालांकि मोहाली पुलिस और यूनिवर्सिटी ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया है और दावा किया है कि किसी भी स्टूडेंट ने ना ही आत्महत्या की कोशिश की है और न ही किसी की मौत हुई है।

पुलिस के अनुसार तीन से चार छात्राओं ने आरोपी छात्रा को कॉमन वॉशरूम में देखा, जहां वह अपने मोबाइल से बाथरूम के दरवाजे के नीचे से फोटो ले रही थी। उन्होंने फिर वार्डन को मामले की सूचना दी और बाद में पुलिस को सूचित किया। आरोपी छात्रा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में एमबीए की पढ़ाई करती है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में आरोपी छात्रा हॉस्टल वार्डन के सामने स्वीकार करती सुनी जा सकती है कि उसने वीडियो बनाए थे और शिमला में मौजूद किसी लड़के के साथ शेयर किया था।

राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के साथ सतनाम सिंह

पुलिस ने आरोपी छात्रा को भारतीय दंड संहिता की धारा 66ई (निजता का उल्लंघन – फोटो को कैप्चर करना, प्रसारित करना) और 354 सी के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। उसके मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। साथ ही पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद हिमाचल प्रदेश के शिमला से उस लड़के को गिरफ्तार कर लिया है।

विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार एक्शन मोड में है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अफवाहों से बचने की अपील की और कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू की गई है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की घटना सुनकर दुख हुआ… हमारी बेटियां हमारी शान हैं… घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं.. जो भी दोषी होगा सख्त कार्रवाई करेंगे… मैं लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं… मैं आप सब से अपील करता हूं कि अफवाहों से बचें… ।”

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा सहित विपक्षी नेताओं ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने एक बयान में बताया है कि अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को तुरंत दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले से सख्ती से और बिना किसी ढिलाई के निपटने के लिए लिखा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि पीड़ित लड़कियों की उचित काउंसिंलिंग की जानी चाहिए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिये।

पंजाब पुलिस ने सन्नी मेहता नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है । पुलिस के अनुसार आरोपी लड़की ने इस युवक को ही एमएमएस भेजा था । पंजाब पुलिस की तरफ से सीनियर आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में पूरे मामले पर एक एसआईटी का गठन भी किया गया है ।

प्रदर्शन करती चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की छात्राएं।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइसचांसलर आरएस बावा ने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अलग-अलग छात्राओं के एमएमएस वीडियो बनाए जाने की खबरें पूरी तरह से फर्जी और निराधार हैं। बावा ने कहा कि इस मामले में तमाम फोन और अन्य संबंधित उपकरणों को पुलिस के हवाले किया जा चुका है । ताकि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता के साथ जांच कर सके। यूनिवर्सिटी ने यह बयान उस समय जारी किया है जब ऐसा कहा जा रहा था कि छात्राओं के फोन में 60 से ज्यादा ऐसे आपत्तिजनक वीडियो पाए गए हैं ।

छात्र इस पूरे मामले को लेकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं ।विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे मामले को लेकर एक जारी बयान में कहा है कि इस घटना में सिर्फ एक लड़की शामिल है ।

शिमला पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि ये युवक आरोपी लड़की का ब्वॉयफ्रेंड है। लड़की पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। अब तक दो आरोपी हत्थे चढ़ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि फारेंसिक रिपोर्ट के बाद मामला और ज्यादा साफ हो सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं पर गहन मंथन चल रहा है।

मामले ने तूल तब पकड़ा जब मोहाली की निजी यूनिवर्सिटी में ये बात फैली कि हॉस्टल में रही एक छात्रा ने अन्य छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाकर शिमला में बैठे दोस्त को भेजे हैं। उसने इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जैसे ही छात्राओं को पता चला तो यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया। पूरी रात यूनिवर्सिटी में इंसाफ दो के नारे गूंजते रहे। दिन चढ़ते चढ़ते मामला सुर्खियों में छा गया। दोपहर बाद फिर से छात्राएं कैंपस में आ गईं और वी वांट जस्टिस के नारे लगाए।

कुछ छात्राओं को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गेट फांदते भी देखा गया। विवि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दो दिन की छुट्टी का फरमान जारी करके तालाबंदी कर ली थी पर फिर भी छात्राएं नहीं मानीं और सड़क पर उतर आई हैं। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरकर विवि प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रही हैं। छात्र-छात्राएं कथित वीडियो वायरल होने के मामले में जांच की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इस साल जून में जारी, क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भारत के सिर्फ 41 शैक्षणिक संस्थान शामिल थे और, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में प्रवेश किया। यह पंजाब से सर्वोच्च रैंक वाला संस्थान था, और इसे राज्य के स्वामित्व वाली पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) से ऊपर रखा गया था। सीयू को जहां 800-1000 ब्रैकेट में रखा गया था, वहीं पीयू को 1201-1400 ब्रैकेट में रखा गया था।

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में भी अच्छा प्रदर्शन किया, जो 2021 में 77 वें समग्र रैंक से 2022 में 48 वें स्थान पर पहुंच गया। यह पंजाब का सर्वोच्च रैंक वाला निजी विश्वविद्यालय था, और बाद में रखा गया था। सरकार द्वारा संचालित संस्थान जैसे IIT रोपड़ (35), PU (41), और IISER मोहाली (47)। यह पंजाब में अन्य अच्छी तरह से स्थापित, पुराने निजी संस्थानों की तुलना में उच्च स्थान पर है जिनमें थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, पटियाला; लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू), फगवाड़ा, और यहां तक कि सरकार द्वारा संचालित दो जीएनडीयू, अमृतसर और एनआईटी जालंधर – शामिल है।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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