Tuesday, October 19, 2021

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कानपुर: बदमाशों के साथ मुठभेड़ में एक सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत

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बीती रात उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बड़ी घटना सामने आ रही है जिसमें सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की ख़बर है। 

बता दें कि हिस्ट्री शीटर विकास दुबे के अपने घर में छुपे होने की सूचना पर यूपी पुलिस की एक टीम कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में दबिश देने पहुंची थी। बदमाशों को इसकी भनक लग गई। बिठूर और चौबेपुर पुलिस की घेराबंदी होने के बाद खुद को फंसता देख बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस जब तक कुछ समझ पाती या मोर्चा संभालती सात पुलिसकर्मियों के गोली लगने से पुलिस टीम बैकफुट पर आ गई। और बदमाश पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलीबारी करते हुए भाग निकले। 

घटनास्थल पर गोली लगने से घायल बिठूर के एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, “देर रात चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव निवासी विकास दुबे के घर पुलिस टीम दबिश देने गई थी। बिठूर व चौबेपुर पुलिस ने छापेमारी करके विकास के घर को चौतरफा घेर लिया और पुलिस दरवाजा तोड़कर बदमाशों को पकड़ने का प्रयास कर ही रही थी कि विकास के घर में मौजूद उसके साथी बदमाशों जिनकी संख्या 8-10 थी ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम के लोग जब तक कुछ समझ पाते बदमाशों की गोलियों का निशाना बन गए। गोली मेरी जांघ और हाथ पर लग गई। इसके बाद अपराधी मौके से भाग निकले”।

8 पुलिसकर्मियों की मौत, चार सिपाहियों की हालत नाजुक़
 
बदमाशों से मुठभेड़ में मरे 8 पुलिसकर्मियों के नाम हैं-

1-देवेंद्र कुमार मिश्र, सीओ बिल्हौर
2-महेश यादव, एसओ शिवराजपुर 
3-अनूप कुमार, चौकी इंचार्ज मंधना
4-नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर 
5-सुल्तान सिंह कांस्टेबल थाना चौबेपुर 
6-राहुल, कांस्टेबल बिठूर 
7-जितेंद्र, कांस्टेबल बिठूर 
8-बब्लू, कांस्टेबल बिठूर

जबकि बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान घायल पुलिसकर्मियों को रीजेंसी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। जहां चार सिपाहियों की हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नाजुक हालत वाले दो सिपाहियों के पेट में गोली लगी हैं।

इसके अलावा नेटवर्क 18 के रिपोर्टर ने खबर दी है इस मुठभेड़ में तीन बदमाशों की भी मौत हुई है। हालांकि प्रशासन की तरफ से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है।

कानपुर में गुरुवार देर रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक जय नारायन सिंह ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस फायरिंग में चार और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस फायरिंग के बाद एसएसपी, तीन एसपी और एक दर्जन से अधिक थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।

कौन है हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे

विकास के ऊपर 60 से से ज्यादा मामले दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी वो मुख्य आरोपी है। इसके अलावा कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास की जेल के भीतर से साजिश रचने का आरोप है। साल 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दूबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपित है। साल 2018 में विकास दुबे नें अपने चचेरे भाई अनुराग पर जानलेवा हमला करवाया था। 

बताया जाता है कि  हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की यूपी के चारों राजनीतिक पार्टियों में मजबूत रसूख है। जिसके चलते उस पर हाथ डालने से यूपी पुलिस कतराती रहती थी। जेल में रहने केदौरान शिवराजपुर से नगर पंचयात का चुनाव जीत गया। बसपा सरकार के एक कद्दावर नेता से इसकी करीबी जगजाहिर है।

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