Tue. Oct 15th, 2019

जुमा के दिन प्रदर्शन के मसले पर गृहमंत्रालय का यूटर्न, माना नमाज के बाद हुई थी पत्थरबाजी

1 min read
सौरा में हुए विरोध प्रदर्शन का दृश्य।

नई दिल्ली। शुक्रवार की नमाज के बाद श्रीनगर के सौरा में प्रदर्शन की जिस घटना को गृहमंत्रालय खारिज कर रहा था। जिसके लिए उसने बीबीसी से लेकर अल जजीरा तक से न केवल स्पष्टीकरण मांगा था बल्कि उसके रॉ फूटेज भी उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे अब उसने खुद ही स्वीकार लिया है कि वहां एक घटना हुई थी। हालांकि उसने तरीका बिल्कुल दूसरा अपनाया है।
गृहमंत्रालय के प्रवक्ता के ट्विटर हैंडल से अब से तकरीबन एक घंटा पहले एक ट्वीट हुआ है। जिसमें कहा कहा गया है कि “श्रीनगर के सौरा इलाके में 9 अगस्त को मीडिया के हवाले से आयी स्टोरी की उस कथित घटना में स्थानीय मस्जिद से नमाज पढ़ कर लौट रहे लोगों की भीड़ में शरारती तत्व घुस गए थे। उन्होंने बड़े स्तर पर दंगा खड़ा करने के मकसद से शांत खड़े सुरक्षा बलों के जवानों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।”

एक दूसरे ट्वीट में इसी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रवक्ता ने कहा कि “सुरक्षा बलों के जवानों ने पूरे एहतियात से काम लिया और कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने की कोशिश की। यहां एक बार फिर इस बात को दोहराया जा रहा है कि अनुच्छेद 370 की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर में अभी तक एक भी बुलेट फायर नहीं की गयी है।”
इसके पहले गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस तरह की किसी घटना को खारिज कर दिया था। उसने कहा था कि एक रिपोर्ट जो मूल रूप से रायटर्स में प्रकाशित हुई थी और फिर डान में दिखी। उसने दावा किया है कि वहां एक विरोध-प्रदर्शन हुआ है जिसमें 10 हजार लोग शामिल थे।
यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और असत्य है। श्रीनगर और बारामुला में कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं और इनमें से किसी में एकत्रित होने वालों की संख्या 20 से ज्यादा नहीं थी।


इसके बाद बीबीसी ने न केवल इस प्रदर्शन का वीडियो जारी कर दिया था। बल्कि उसका कहना था कि प्रदर्शनकारियों के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग की गयी है। बाद में गृहमंत्रालय ने बीबीसी से उसकी रॉ फूटेज लाने का निर्देश दिया था।
उसके तुरंत बाद बीबीसी ने सार्वजनिक तौर पर बयान जारी कर अपनी रिपोर्ट पर कायम रहने की बात कही थी। उसने कहा था कि वह उसकी अपनी रिपोर्ट है और उस पर कायम है।

Donate to Janchowk
प्रिय पाठक, जनचौक चलता रहे और आपको इसी तरह से खबरें मिलती रहें। इसके लिए आप से आर्थिक मदद की दरकार है। नीचे दी गयी प्रक्रिया के जरिये 100, 200 और 500 से लेकर इच्छा मुताबिक कोई भी राशि देकर इस काम को कर सकते हैं-संपादक.

Donate Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *