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आई कैन नॉट ब्रीथ, प्लीज डोंट किल मी!

25 मई 2020 सोमवार को मिनियापोलिस के एक ‘कफ्स फूड’ ग्रॉसरी स्टोर से पुलिस के पास एक फोन कॉल आती है। एक काला आदमी (जॉर्ज फ्लॉयड) फर्जी चेक का इस्तेमाल कर रहा है।

बता दें कि जॉर्ज 10 डॉलर के बिल के भुगतान का प्रयास कर रहा था जबकि कंपनी को उस चेक के जाली होने का संदेह था और जैसा कि कंपनी नीति है उसने पुलिस को सूचित किया।

उस फोन कॉल के बाद संभावित फर्जीवाड़े की प्रतिक्रिया में पुलिस ग्रॉसरी स्टोर पर जॉर्ज फ्लॉयड को गिरफ्तार करने के लिए चल दी। पुलिस के 4 जवान जॉर्ज फ्लायड को पकड़ते हैं और उसका हाथ पीछे करके उसे हथकड़ी लगाते हैं। उसके बाद उसे सड़क पर गिराकर चारों जवान उसके ऊपर अपना घुटना टेककर काफी देर तक दबाए रखते हैं। एक पुलिसकर्मी Derek Michael Chauvin का घुटना जॉर्ज फ्लॉयड के गले पर होता है। जबकि जॉर्ज का मुंह और नाक सड़क पर रगड़ खा रहा होता है। जॉर्ज पूरी तरह से निहत्था और हाथ पीछे बँधे होने के चलते पहले से ही असहाय था।

जैसा कि वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक श्वेत पुलिसकर्मी एक 46 वर्षीय ब्लैक समुदाय के अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर अपना घुटना टिकाए बैठा है। जबकि जॉर्ज फ्लॉयड पीड़ा से कराहते हुए पुलिस कर्मी से कहता है – “ I can not breathe”, “Don’t kill me!”, “Please, I can’t breathe,”

(मैं सांस नहीं ले पा रहा हूँ, प्लीज मुझे मत मारो, मैं सांस नहीं ले पा रहा हूँ प्लीज।)

जॉर्ज फ्लायड आगे फिर गिड़गिड़ाता है- “मेरा पेट चोटिल हो गया है, मेरी गर्दन चोटिल हो गई है, सब कुछ चोटिल हो गया है।” (“My stomach hurts,”  “My neck hurts. Everything hurts.”)

थोड़ी देर बाद जॉर्ज फ्लॉयड पुलिसकर्मियों से आग्रह करते हुए कहता है – “मुझे कुछ पानी या कुछ भी दे दो प्लीज।”

जॉर्ज फ्लॉयड पूरी तरह शांत होने से पहले काफी देर तक चीखता रहा लेकिन मीनियापोलिस की नस्लवादी पुलिसकर्मी पूरी क्रूरता के साथ पांच मिनट तक उसके गर्दन पर घुटना टिकाए बैठे रहे। जबकि वहां सड़क पर खड़े लोग भी उनसे जॉर्ज फ्लॉयड को मुक्त करने की अपील करते सुने जा सकते हैं।

एक महिला की आवाज़ आती है – “उसकी नाक से खून बह रहा है।”

एक आदमी कहता है – “वह अपनी गिरफ्तारी का विरोध भी नहीं कर रहा है, बल्कि अब तो वह कोई रिस्पांड ही नहीं दे रहा है भाई।”

जॉर्ज फ्लॉयड के शांत होने के बाद पुलिस उसे अस्पताल ले गई जहां थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत हो गई।

श्वेत पुलिस की दलील

मिनियापोलिस की पुलिस अपने बचाव में दलील देती है कि आरोपी जॉर्ज फ्लॉयड अपनी गिरफ्तारी का विरोध का रहा था अतः उसे काबू में करने के लिए पुलिस को इस तरह से सख्ती और बल का इस्तेमाल करना पड़ा।

( जॉर्ज फ्लायड का हाथ बांधती पुलिस)

अब आप दूसरा वीडियो देखिये जो कि एक सीसीटीवी फुटेज है। उसमें जॉर्ज फ्लॉयड कहीं से भी गिरफ्तारी का विरोध करते नहीं दिख रहा है।

इससे पहले कि जॉर्ज फ्लॉयड को एक पुलिसकर्मी द्वारा जमीन पर पटककर घुटना गड़ाया गया और आखिरकार उसे मार दिया गया – जॉर्ज को एक दूसरे अधिकारी द्वारा हाथ पीछे करके हथकड़ी लगाया गया और जैसा कि नए प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि जॉर्ज फ्लॉयड पूरी तरह से पुलिस का सहयोग कर रहा था।

एक नजदीकी रेस्तरां, ड्रैगन वोक, के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में पूरा वाकया रिकार्ड हो गया है।  फुटेज में मीनियापोलिस पुलिस द्वारा जॉर्ज फ्लॉयड को बाहर निकलते हुए और फिर जॉर्ज के ‘कफ्स फूड’ से दूर ले जाते हुए दिखाई देता है।

(सीसीटीवी फुटेज)

ड्रैगन वोक के मालिक रशद वेस्ट द्वारा जारी किये गये सीसीटीवी वीडियो में दिख रहा है कि दो वाहन कर्बसाइड में पार्क किए गए हैं, और आखिर में 2 अधिकारी ज़र्ड को कार की ओर लेकर जाते हुए और सभी को बाहर निकलने के लिए कहते हुए दिख रहे हैं। एक आदमी और एक महिला पैसेंजर साइड से निकलते दिखते हैं, जबकि दूसरा पुलिस अधिकारी जॉर्ज को ड्राइवर साइड बाहर निकालते हुए दिखता है।

पुलिसकर्मी जॉर्ज को खड़ा करके किनारे से चलते हुए फुटपाथ पर ले जाते हैं। जहां वे उसे नीचे बैठा देते हैं। इस दरम्यान वह किसी भी तरह का प्रतिरोध करते हुए नहीं दिख रहा है।

चारों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस

हेनेपिन काउंटी के अटॉर्नी माइक मैनमैन के मुताबिक, जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर घुटना गड़ाकर उसकी हत्या करने वाले मिनियापोलिस के पुलिस अधिकारी, डेरेक चाउविन को गिरफ्तार कर लिया गया है और थर्ड डिग्री मर्डर तथा हत्या और मानवहत्या का चार्ज लगाया गया है।

मिनियोपोलिस के मेयर जैकब फ्रे (Jacob Frey) ने जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर घुटने टिकाने वाले तथा अन्य आरोपी अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने के लिए कहा था। जैकब फ्रे ने दोषी अधिकारियों को न्याय के समक्ष खड़ा किए जाने का आदेश देते हुए कहा “ये आपने किया, या मैंने किया, तो हम अब सलाखों के पीछे होंगे।”

डर्नेला फ्रेजर जिसने हत्या का वीडियो बनाया

17 वर्षीय डार्नेला फ्रेजर (Darnella Frazier) जॉर्ज की हत्या के वक़्त मौके पर मौजूद थीं। वो न सिर्फ चश्मदीद हैं बल्कि उन्होंने ही जॉर्ज की हत्या का वीडियो भी बनाया था। डार्नेला ने जॉर्ज की हत्या का 10 मिनट का वीडियो अपने फेसबुक वॉल पर डाला जो वायरल हो गया।

डार्नेला बताती हैं कि मिनियापोलिस पुलिस के हाथों जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या की प्रत्यक्षदर्शी होने के बाद से वो सदमे में हैं। फ्रेजर रोते हुए कहती हैं – “मैंने जॉर्ज को मरते हुए देखा है। और हर कोई मुझसे पूछ रहा है कि मैं कैसा महसूस कर रही हूँ। मुझे नहीं पता है कि कैसे महसूस करूँ क्योंकि ये बहुत दुखद है भाई।”

डार्नेला बताती हैं कि- “मैं अपने कजिन के साथ स्टोर के पास से चल रही थी जब उन्होंने जॉर्ज और मिनियापोलिस के बीच अंतःक्रिया होते देखा। उन्होंने उस व्यक्ति को मार दिया। मैं ठीक उस वक्त वहीं थी। मैं करीब पांच फीट की दूरी पर थी। ये सब बहुत भयावह हो रहा था।” उन्होंने ‘कप फूड’ स्टोर के ठीक सामने ही उसे मार डाला।

विरोध प्रदर्शन

26 मई 2020 को सबसे पहले लोगों ने ‘कप फूड’ स्टोर के सामने उस जगह पर एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन किया जहां पर मिनियापोलिस की पुलिस कस्टडी में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्यी हुई थी।

जबकि 29 मई शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर व्हाइट हाउस का घेराव किया और उसके सामने से रैली निकालकर अपने गुस्से और विरोध का इजहार किया। जिसके चलते व्हाइट हाउस के बाहर गंभीर रूप से झड़पें हुईं, और प्रदर्शनकारियों ने वाशिंगटन की सड़कों पर यूएस कैपिटल की ओर मार्च किया।

प्रोटेस्ट रैली के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस के भवन में ही थे, अतः प्रदर्शनकारियों को दर्जनों सीक्रेट सर्विस एजेंटों द्वारा सड़क के पार एक पार्क में बैरिकेड्स लगा कर रोक दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी लगातार “हमें मारना बंद करो” और जॉर्ज फ्लोयड के लिए न्याय की मांग करते रहे।

वाशिंगटन में कैपिटल बिल्डिंग के सामने प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल के फ्लैशलाइट जलाकर “नो जस्टिस, नो पीस”का नारा लगाया।

इसके बाद कैपिटल बिल्डिंग वाशिंगटन में प्रोटेस्टर्स ने ‘डोंट शूट, हैंडसअप’, ,डोंट शूट, हैंड्सअप’ के नारे लगाए।

तनावपूर्ण स्थिति के बीच विरोध-प्रदर्शन अमेरिका के कई शहरों में फैल गया। फिलहाल इस समय अमेरिका के मिनियापोलिस, सेंट पॉल, लॉस वेगास, सैन जोस, लुइसविले, न्यूयॉर्क, बेकर्सफील्ड, हॉस्टन, कोलंबस, वाशिंगटन डीसी, डेट्राएट, अटलांटा, सिनसिनाटी, कॉरलॉट, नॉक्सविले, मिलवॉकी, ऑस्टिन, ओकलैंड, डेनवर, डलास, शिकागो, बोस्टन, न्यू ओरलेंस, कनास सिटी, मेम्फिस जैसे शहरों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

न्यूयॉर्क में तो प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार की रात पुलिस वैन को पीछे धकेल दिया।

प्रदर्शनकारियों ने सैन जोस में साउथबाउंड हाईवे नंबर 101 को बंद कर दिया।

हैंपटन में शुक्रवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया।

फोर्ट ग्रीन ब्रुकलिन में भी भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वाशिंगटन में यातायात को ही जाम कर दिया गया।  https://twitter.com/QuickTake/status/1266538305560227841?s=19

हॉस्टन, टेक्सास में भी विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है।

ओकलैंड में महिलाओं, हॉर्स राइडरों की अगुवाई में प्रदर्शन और व्यापक हो गया है।

तालाहसेस में (Tallahassee) ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ काले लोगों का जीवन भी महत्व रखता है थीम के साथ विरोध-प्रदर्शन का दायरा व्यापक होता जा रहा है।

बोस्टन में कल रात प्रदर्शनकारियों का जनसमुद्र उमड़ आया।

मिनियापोलिस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र है।

पोर्टलैंड में प्रोटेस्ट अपने उफान पर है।

डेनवर में मरहूम जॉर्ज फ्लॉयड के लिए शांति सभा का आयोजन किया गया।

सैन जोस में कैलिफोर्निया हाइवे पर पैट्रोल ऑफिसर पर हमला किया गया। उनके वाहन को तोड़ दिया गया। हालांकि उनके चोटिल होने की ख़बर नहीं है।

दक्षिणपंथी गिरोह प्रोटेस्ट को हिंसक बनाने में लगा हुआ है

दक्षिणपंथी प्रोपोगंडा जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से उपजे विक्षोभ और विरोध-प्रदर्शन अंटिफा से जोड़कर लगातार एक स्वतःस्फूर्त प्रतिरोध और विक्षोभ को ‘लेफ्ट बनाम राइट’ का रंग दे रहा है।

चूँकि स्थानीय व्हाइट समुदाय के लोग मौके का फायदा उठाते हुए दुकानों को लूट रहे हैं। और लूटपाट तोड़-फोड़ आगजनी करते हुए वीडियो और सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हो रहे हैं। लेकिन मास्क लगाए होने के चलते केवल उनके शरीर का रंग दिख रहा है। श्वेत रंग के चलते श्वेत समुदाय ही अपराधी नजर आती है। अतः एंटीफा संगठन के लोगों को इस लूटपाट और हिंसा से जोड़कर इसे लेफ्ट संगठन को बदनाम किया जा रहा है। एक वीडियो में श्वेत लोगों को मास्क लगाकर दुकान लूटते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है।

एंजेला स्टैंटन (Angela Stanton) नामक महिला लगातार अपने ट्विटर एकाउंट पर भड़काऊ बयान और वीडियो पोस्ट कर रही है। वो एक ट्वीट में लिखती हैं-“मिनियोपोलिस में ब्लैक कम्युनिटी दंगों को शुरू करने और उनके श्वेत समुदायों को नष्ट करने के लिए श्वेत एंटीफा सदस्यों को बुला रही है। मैं बता रही हूं कि ये श्वेत उदारवादी हमारे मित्र नहीं हैं।”

गुस्साए समाज के विरोध-प्रदर्शन को एंटीफा पर केंद्रित करके प्रदर्शन को लेफ्ट बनाम राइट का राजनीतिक रंग दिया जा रहा। ब्रेंडा लेंटन नामक श्वेत महिला के घर में हुई आगजनी को सोशल मीडिया में एंटीफा के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

श्वेत समुदाय के मन में काले अमेरिकियों के प्रति कितनी नफ़रत है उसका एक वीडियो कल डेनवर में देखने को मिला जब प्रदर्शनकारियों में से एक पर एक ह्वाइट महिला ने क्रूरता पूर्व कार चढ़ाने की कोशिश की और भाग गई।

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस हिंसक प्रतिक्रिया

प्रतिरोध कई कारणों से हिंसा और हिंसा से दंगा की शक्ल में तब्दील किया जा रहा है। जिसके चलते पीड़ित समुदाय को ही अपराधी बनाने का एक अवसर बनाया जा रहा है। दक्षिणपंथी, नस्लवादी पुलिस मशीनरी और श्वेत समुदाय की पुलिस प्रदर्शनकारियों पर पेपर स्प्रे, लाठी चार्ज औऱ आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल कर रही है।

पोर्टलैंड में प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से पीटती पुलिस

पेपर स्प्रे और लाठीचार्ज का लाइव वीडियो देखिए

पुलिस की क्रूरता का एक और वीडियो

न्यूयार्क में प्रदर्शकारियों को बल पूर्वक हटाने के गवर्नर के आदेश का पालन करती पुलिस

ओकलैंड में पुलिस बर्बरता के बाद सड़कों पर भागते प्रदर्शनकारी

एनवाईपीडी वाहन आग के हवाले कर दिया गया

फोर्ट ग्रीन ब्रुकलिन में जलती हुई इमारतें

कई शहरों में लगाया गया कर्फ्यू

अमेरिका के कई शहरों में बिगड़ते हालात के मद्देनज़र कर्फ्यू लगा दिया गया है।जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन केम्प (Brian Kemp) ने जॉर्जिया में कर्फ्यू की घोषणा करते हुए लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए 500 नेशनल गॉर्ड की तैनाती की है।

मिनियासोटा के गवर्नर टिम वाल्ज (Tim Walz) ने शुक्रवार रात एक आदेश पर साइन करते हुए मिनियापोलिस और सेंटपॉल में कर्फ्यू लगा दिया है।

नागरिक समाज की प्रतिक्रिया

महिला मार्च का प्रतिनिधित्व करने वाली सोशल एक्टिविस्ट तमिका मैलोरी कहती हैं- “अमेरिका ने काले लोगों को लूटा है। अमेरिका ने मूल अमेरिकियों को लूटा है जब वो पहले पहल यहां आए, तुमने सिर्फ लूटा ही है। हमने ये तुमसे ही सीखा है। हमने तुमसे हिंसा सीखी है। यदि तुम हमसे अच्छे की उम्मीद करते हो तो मूर्खों पहले तुम बेहतर व्यवहार करो।”

मशहूर अमेरिकी सिंगर टेलर स्विफ्ट ने जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है- आप अपने पूरे राष्ट्रपति शासन के दौरान श्वेत वर्चस्ववाद और नस्लवाद की आग को हवा देते रहे।

प्रतिक्रिया देते हुए अगले चुनाव में राष्ट्रपति ट्रंप को उखाड़ फेंकने का आह्वान करती हैं।

विरोध प्रदर्शन की लाइव रिपोर्टिंग के दौरान सीएनन के पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया

शुक्रवार को प्रोटेस्ट के लाइव टेलीवजन रिपोर्टिंग के दौरान सीएनएन के पत्रकार ओमर जिमनेज़ और उनके साथी क्रू मेंबर को मिनियापोलिस की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। जो कि ‘प्रेस की आजादी’ की वकालत करने वाले अमेरिका के पहले संविधान संशोधन का जबर्दस्त उल्लंघन था। मीडिया में इसकी तीखी आलोचना होने के बाद मिनिसोटा के गवर्नर द्वारा इस कृत्य के लिए माफी मांगी गई। और एक घंटा जेल में रखने के बाद सीएनएन के पत्रकारों को रिहा कर दिया गया।

गिरफ्तारी के वक्त लाइव टेलीविजन में दिख रहा है कि सीएए के रिपोर्टर ओमर मिनरेज पुलिस को अपनी पहचान बताते हुए कह रहे हैं कि वो रिपोर्टर है प्रोटेस्टर नहीं। बावजूद इसके पुलिस जहां कहेगी वहां जाने के लिए तैयार हैं। जहां भेजना चाहते हो भेज दो लेकिन बताना कहां भेजना चाहते हो। उनकी टीम के अलावा बिल किरकोस एक निर्माता, लिवोनेल मेंडेज, एक कैमरा ऑपरेटर का हाथ पीछे बांध दिया जाता है। कैमरा सड़क पर रखवा दिया जाता है जो कि उस दौरान भी चालू रहता है, जिसके जरिए न्यूयॉर्क में बैठा सीएनएन का एंकर देखकर चौंक जाता है और कहता है कि उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लोग लाइव देख रहे थे। वो चौंक गए कि इस तरह का कांड भी हो सकता है। जब उनको पता चला कि उनके सहकर्मी को गिरफ्तार किया गया है।

किसी भी तानाशाह देश में विरोध-प्रदर्शनों और दंगों को कवर करने के दौरान पत्रकारों को गिरफ्तार करना सामान्य बात है। लेकिन अमेरिकी में ये कम दिखाई देता है जहां न्यूज गैदरिंग को संविधान के पहले संशोधन द्वारा सुरक्षित किया गया है। 

वहीं शुक्रवार को सीएनएन का अटलांटा स्थित हेड ऑफिस भी प्रदर्शनकारियों की जद में आ गया।

“लूटिंग स्टार्ट, शूटिंग स्टार्ट”- राष्ट्रपति ट्रंप की हिंसक प्रतिक्रिया

शुक्रवार को जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार के प्रति गहरी संवेदना और हार्दिक सहानुभूति व्यक्त करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ने 29 मई रात्रि 11.50 पर ट्वीट करके लिखा कि – लूट, गोली मारने को बढ़ावा देती है। यही कारण है कि मिनियोपोलीस में बुधवार की रात एक व्यक्ति मारा गया। या देखो लुइसविले में 7 लोगों को गोली मारी गई। मैं नहीं चाहता कि ये सब घटित हो। वहीं वाशिंगटन पोस्ट से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने लूटिंग स्टार्ट, शूटिंग स्टार्ट मुहावरों को बहुत एक्यूरेट बताया।  

इससे पहले अपनी प्रेस कान्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटेस्टर को ठग और अंटिफा जैसे उग्रवादी लेफ्ट संगठनों की साजिश बताया था।

‘ट्रंप नस्लवाद को ऑक्सीजन देते हैं’- पूर्व राष्ट्रपतियों की प्रतिक्रिया

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या पर दुख प्रकट करते हुए कहते हैं – “ जब मैंने वीडियो देखा तो रो दिया। इसने मुझे तोड़ दिया। ‘knee on the neck’ एक रूपक है कि कैसे सिस्टम काले लोगों को नीचा दिखाता है, लोग मदद के लिए चीखते रहते हैं और ये अनसुना कर देते हैं। ये सच में बहुत त्रासद है।”

वहीं पूर्व उप राष्ट्रपति ‘जो बिडेन’ (Joe Biden) जॉर्ड फ्लॉयड की हत्या पर कहते हैं- “एक बार फिर हमारे सामने वही शब्द है- आई कैन नाट ब्रीथ। बर्बर कृत्य। ये काले अमेरिकियों के नागरिक अधिकारों और मानवाधिकारों का नकार है। उनके जीवन का नकार है। “

राष्ट्रपति ट्रंप के ‘लूटिंग स्टार्ट, शूटिंग स्टार्ट’ बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जो बिडेन कहते हैं- “ यह बयान राष्ट्रपति की गरिमा के अनुकूल नहीं है।”

हम खुले घाव वाला देश हैं। हम में से कोई भी पीछे नहीं हट सकता। हम में से कोई भी चुप नहीं हो सकता। हम में से कोई भी अब उन शब्दों को नहीं सुन सकता है – “मैं साँस नहीं ले सकता”। ये राष्ट्रीय आपदा है। हमें जॉर्ज फ्लॉयड के लिए न्याय चाहिए।

हमें अपने राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक के साथ न्याय करने के लिए, एक राष्ट्र के रूप में प्रतिबद्ध होना चाहिए।

हमारे सिस्टम का बुनियाद नस्लवादी है। ये समय है जब हमें अपने असहज सच को पीछे मुड़कर देखना चाहिए। इसने हमारे पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। यह समय हमें अपने गहरे खुले जख्मों को देखने का है । हमें सच में पुलिस व्यवस्था में बहुत सुधार की ज़रूरत है। एक खराब पुलिस जनता के प्रति जवाबदेह नहीं होती है। हमें एक अमेरिकी नागरिक और मानव के तौर पर ब्लैक कम्यूनिटी के साथ खड़े होने की ज़रूरत है।

हर दिन डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस में बिताते हैं, वे हमारे देश के मूल्यों और आदर्शों को अवमूल्यित करते हैं। वह राष्ट्रपति बनने के लिए पूरी तरह से अयोग्य हैं।

जैसा कि आप जानते हैं 400 साल से भी पहले काला आदमी, काली औरत, काले बच्चे, इन सभी का उत्पीड़न हमारे देश का मूल पाप था। जो आज भी हमारे देश की नसों में बह रहा है। कभी कभी हम इसे मैनेज करके इसके पार निकल जाते हैं। जिंदगी के रोज के हजारों कामों में उलझकर हम इसे एक किनारे धकिया देते हैं लेकिन हमेशा रहता है। और जब डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेता मिल जाते हैं तो ये फिर से पूरी क्रूरता के साथ उभर आता है।

जो बिडेन कहते हैं- “आप कट्टरता को नहीं हरा सकते; यह केवल छिपता है। और जब नेता इसे ऑक्सीजन देते हैं – जैसा कि डोनाल्ड ट्रम्प ने किया है – यह गरजते हुए वापस आता है।

हम सभी का नैतिक दायित्व है कि हम खड़े हों, बोलें और लोगों को जवाबदेही सुनिश्चित करें।”

पूंजीवाद का संकट और ट्रंप की नस्लवादी राजनीति का उभार

पूँजीवादी संकट में घिरी दुनिया के कई देशों में दक्षिणपंथी, नस्लीय राष्ट्रवादी विचारधारात्मक राजनीति का उभार हुआ और वह राजनीतिक सत्ता का केंद्र बनी। पूँजीवाद के पिता यानि यूएसए भी इससे अछूता न रहा और ‘अमेरिकन फर्स्ट’ औऱ ‘अमेरिका फॉर अमेरिकन’ और ‘अमेरिका को फिर से महान बनाना है’ जैसे नस्लीय राष्ट्रवादी नारों के साथ सत्ता में आए। उनके सत्ता में आने के बाद से अफ्रीकी मूल के काले अमेरिकी नागरिकों के साथ अत्याचार का एक नया अध्याय शुरु हुआ।

जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद राषट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो पुलिसकर्मियो से कह रहे हैं- “If you are arresting someone, please don’t be too nice. Don’t protect their heads.” (यदि आप लोग किसी को गिरफ्तार करते हो तो कृपया उसके साथ बहुत नरमी से न पेश आएं। उसके सिर को न बचाएं।”)

जॉर्ज फ्लॉयड का एक पुराना वीडियो ट्विटर पर बहुत शेयर किया जा रहा है जिसमें वो नौजवान पीढ़ियों के बारे में बात करते हुए कह रहे हैं उन्हें कहिए अपने घरों को वापस लौटें और इसमें उस तरह से बदलाव करें जैसा कि वो इसे देखना चाहते हैं।”

इस बीच, मुख्य दोषी  Derek Michael Chauvin के खिलाफ़ शुक्रवार को दर्ज कराए गए केस में ज़ॉर्ज फ्लॉयड के शव की ऑटोप्सी के हवाले से कहा गया है कि- “मिस्टर फ्लॉयड की अपनी शारीरिक स्थिति पहले से कुछ ऐसी थी कि उसमें कोरोनरी आर्टरी बीमारी थी। उच्च रक्तचाप के साथ हार्ट की बीमारी थी। इन सबके साझा प्रभाव के साथ पुलिस की बाधा, उनकी चिन्हित स्वास्थ्य की स्थिति और उनके सिस्टम में किसी संभावित जहरीले पदार्थ की मौजूदगी ने शायद उनकी मौत में योगदान दिया”।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on May 31, 2020 1:17 pm

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