Subscribe for notification

विशाखापत्तनम की एक फ़ैक्ट्री में गैस लीक होने से बड़ा हासदा, 8 से ज्यादा की मौत और 800 अस्पताल में भर्ती

“आन्ध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना हो गयी। इसे भोपाल त्रासदी की तरह भयावह माना जा रहा है अभी सारे शहर में इधर-उधर लोग गिरे पड़े हैं कोई 800 लोग अभी तक अस्पताल पहुँच चुके हैं । आठ लोगों की मौत हो चुकी है। और 5000 से ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

यह हादसा बीती रात दो बजे आर आर वैन्कत्पुरम स्थित एलजी के पोलिमर कारखाने में गैस रिसने से हुआ, गैस का असर चार किलोमाटर के दायरे में है। शहर के अस्पतालों में एक एक बेड पर चार चार लोग है, आक्सीजन सिलेंडर की कमी हो गयी है। सन 1961 में बना यह प्लांट हिंदुस्तान पॉलिमर्स का था जिसका 1997 में दक्षिण कोरियाई कंपनी एलजी ने अधिग्रहण कर लिया था। लॉकडाउन की वजह से प्लांट काफी दिनों से बंद था। बुधवार को ही इसे दोबारा शुरू करने के लिए खोला गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गृहमंत्रालय के अधिकारियों से बात की है। साथ ही उन्होंने एडीएमए को ज़रूरी निर्देश दिए हैं।

पुलिस ने आसपास के पाँच गाँवों को ख़ाली करा दिया है और उन्हें मेघाद्री गेड्डा और दूसरे सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। कइयों ने आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ़ होने की शिकायत की है। ख़ासकर बुज़ुर्गों और छोटे बच्चों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।

जो गैस लीक हुई, वह पीवीसी यानी स्टाइरीन या ईथायिल बेंजीन कहलाती है। यह न्यूरो टॉक्सिन है। इसका केमिकल फॉर्मूला C6H5CH=CH2 होता है। यह सबसे लोकप्रिय ऑर्गनिक सॉल्वेंट बेंजीन से पैदा हुआ पानी की तरह बिना रंग वाला लिक्विड होता है। इसी से गैस निकलती है। यह दम घोंट देने वाली गैस है। यह सांसों के जरिए शरीर में चली जाए तो 10 मिनट में ही असर दिखाना शुरू कर देती है। प्लांट में एक गैस चैम्बर और उसी के ठीक पास न्यूट्रिलाइजर चैम्बर है। जब 5 हजार टन की कैपेसिटी वाले टैंक से गैस लीक हुई तो न्यूट्रिलाइजर चैम्बर के जरिए उसे कंट्रोल करने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे।

यह गैस पॉलिस्टाइरीन प्लास्टिक, फाइबर ग्लास, रबर और पाइप बनाने के प्लांट में इस्तेमाल होती है। दुनिया के सबसे ज्यादा उत्पादित होने वाले 50  रसायनों में से एक  स्टायरिन प्लास्टिक, फोम और फिल्म के रूप में तैयार होता है। फिलहाल सुंदर शहर विशाखापत्तनम में मौत नाच रही है।

(स्तंभकार पंकज चतुर्वेदी से कुछ इनपुट लिए गए हैं।)

This post was last modified on May 7, 2020 1:32 pm

Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi

Leave a Comment
Disqus Comments Loading...
Share
Published by

Recent Posts

एमएसपी पर खरीद की गारंटी नहीं तो बढ़ोत्तरी का क्या मतलब है सरकार!

नई दिल्ली। किसानों के आंदोलन से घबराई केंद्र सरकार ने गेहूं समेत छह फसलों के…

6 mins ago

बिहार की सियासत में ओवैसी बना रहे हैं नया ‘माय’ समीकरण

बिहार में एक नया समीकरण जन्म ले रहा है। लालू यादव के ‘माय’ यानी मुस्लिम-यादव…

12 hours ago

जनता से ज्यादा सरकारों के करीब रहे हैं हरिवंश

मौजूदा वक्त में जब देश के तमाम संवैधानिक संस्थान और उनमें शीर्ष पदों पर बैठे…

13 hours ago

भुखमरी से लड़ने के लिए बने कानून को मटियामेट करने की तैयारी

मोदी सरकार द्वारा कल रविवार को राज्यसभा में पास करवाए गए किसान विधेयकों के एक…

14 hours ago

दक्खिन की तरफ बढ़ते हरिवंश!

हिंदी पत्रकारिता में हरिवंश उत्तर से चले थे। अब दक्खिन पहुंच गए हैं। पर इस…

15 hours ago

अब की दशहरे पर किसान किसका पुतला जलायेंगे?

देश को शर्मसार करती कई तस्वीरें सामने हैं।  एक तस्वीर उस अन्नदाता प्रीतम सिंह की…

15 hours ago