Thursday, January 20, 2022

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नकुलनाथ और अगस्ता वेस्टलैंड के प्रमुख आरोपियों के नाम पैंडोरा पेपर्स में शामिल

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पैंडोरा पेपर्स में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ के एनआरआई बेटे नकुलनाथ का नाम सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर स्कैंडल के आरोपी राजीव सक्सेना का भी नाम इसमें शामिल है। प्रभावशाली व्यक्तियों की छिपाई गई संपत्ति का खुलासा करने वाले ‘पैंडोरा पेपर्स’ में भारत से उद्योगपति अनिल अंबानी, हीरा व्यापारी नीरव मोदी, क्रिकेटर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर, अभिनेता जैकी श्रॉफ, बायोकॉन की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ के पति, दिवंगत कांग्रेस नेता सतीश शर्मा आदि के नाम शामिल हैं।

वर्ष 2013 में यूपीए सरकार के समय अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला सामने आया था।इसमें कई भारतीय राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों पर अगस्ता वेस्टलैंड से मोटी घूस लेने का आरोप है।इस मामले में बकुलनाथ का नाम राजीव सक्सेना की पूछताछ में सामने आया था, जो कि इस समय जमानत पर हैं। सक्सेना ने दिल्ली स्थित वकील गौतम खेतान के कथित सहयोग से इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज के खाले में अगस्ता वेस्टलैंड से 12.40 मिलियन यूरो राशि प्राप्त की थी। इस पैसे का इस्तेमाल अन्य बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने में किया गया था।

नवंबर 2020 की इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सक्सेना ने पूछताछ के दौरान कहा था कि हमें (उन्हें और सह-आरोपी सुषेन मोहन गुप्ता) कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ के लिए जॉन डॉचेर्टी द्वारा प्रबंधित कंपनी प्रिस्टिन रिवर इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से ब्रिज फंडिंग प्राप्त हुई थी।इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज के पैसे इस्तेमाल प्रिस्टिन रिवर इन्वेस्टमेंट से लोन चुकाने के लिए किया गया था।

अब पैंडोरा पेपर्स के जरिये पता चला है कि स्विस नागरिक डॉचेर्टी एक ऑफशोर कंपनी के जरिये बकुलनाथ से जुड़े हुए हैं, जिसका गठन फरवरी 2018 में ट्राइडेंट ट्रस्ट द्वारा किया गया था।ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स नामक टैक्स हैवेंस में स्पेक्टर कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड कंपनी में डॉचर्टी प्रथम निदेशक हैं और इसमें बकुलनाथ बेनिफिशियल ओनर हैं, जिसमें उनका दुबई का पता दिया गया है।वहीं एक अन्य ऑफशोर कंपनी सेलब्रूक लिमिटेड को स्पेक्टर कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड का शेयरहोल्डर दर्शाया गया है।

इसके अलावा अगस्ता वेस्टलैंड मामले में आरोपी राजीव सक्सेना ने भी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में एक ट्रस्ट बना रखा है, जिसका नाम तनय होल्डिंग्स लिमिटेड है। साल 2014 में गठित इस कंपनी में उनकी निजी संपत्ति के शेयर्स लगे थे।सक्सेना ने मैट्रिक्स इंटरनेशनल लिमिटेड नाम से एक और कंपनी बना रखी थी। हालांकि अगस्ता वेस्टलैंड स्कैंडल सामने आने और अपनी गिरफ्तारी से एक महीने पहले उन्होंने गोपनीय तरीके से इन दोनों कंपनियों को बंद करने का निर्देश दिया था।

इसके आलावा दस्तावेजों से पता चलता है कि दिल्ली स्थित वकील और अगस्ता वेस्टलैंड मामले में दिसंबर 2016 में पूर्व भारतीय वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के साथ गिरफ्तार किए गए गौतम खेतान भी टैक्स हैवेंस में स्थित कंपनियों से जुड़े हुए हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, खेतान ने लंदन स्थित रेस्टोरेंट मालिक आदित्य खन्ना और नई दिल्ली में हयात होटल तथा काठमांडू में याक एंड येती होटल के मालिक राधे श्याम सराफ के लिए ऑफशोर ट्रस्ट गठित करने में प्रोटेक्टर (संरक्षक) की भूमिका निभाई थी।

खन्ना का नाम तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह से जुड़े तेल के बदले भोजन इराक स्कैंडल’ में वोल्कर रिपोर्ट में सामने आ चुका है।उन्होंने सराफ के लिए जो ट्रस्ट गठित किया था, उसका नाम वरुनिशा ट्रस्ट है। वहीं आदित्य खन्ना के लिए उन्होंने ग्लेशियर ट्रस्ट गठित करने में मदद की।

अगस्ता वेस्टलैंड स्कैंडल के अन्य आरोपी सुषेन मोहन गुप्ता का भी एक ट्रस्ट टैक्स हैवेंस में है। पैंडोरा पेपर्स के दस्तावेजों के मुताबिक, साल 2005 में गुप्ता के पिता देव मोहन गुप्ता ने टैक्स हैवेंस बेलीज में लैंग ट्रस्ट नाम से एक ट्रस्ट गठित किया था, जिसमें सुषेन मोहन गुप्ता और उनकी मां शुभ्रा गुप्ता लाभार्थी थे।

भारत ने इतावली कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था. यह सौदा 2010 में 3,600 करोड़ रुपये में हुआ था।ऐसे आरोप हैं कि इस सौदे के लिए टेंडर के मापदंड में बदलाव किए गए थे, जैसे कि हेलीकॉप्टर की ऊंचाई को 6,000 मीटर से कम कर 4,500 मीटर करने का फैसला किया गया था, ताकि अगस्ता वेस्टलैंड इस सौदे के लिए बोली लगाने के योग्य हो जाए, जिसके लिए अगस्ता वेस्टलैंड ने कथित तौर पर भुगतान किया था।

सीबीआई ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले की शुरुआती जांच के बाद 14 मार्च 2013 में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) एसपी त्यागी और 12 अन्य को आरोपी बनाया गया था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जांच कर रही है।

पैंडोरा पेपर्स में संदेसरा ग्रुप का नाम

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार वर्ष 2017-18 में जब जांच एजेंसियां नितिन संदेसरा और उनके समूह स्टर्लिंग बायोटेक के खिलाफ 2.1 बिलियन डॉलर से अधिक के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी के आपराधिक मामलों की जांच में व्यस्त थीं तब भारत से भागे संदेसरा नाइजीरियाई बैंकों और सॉलिसिटर से चरित्र प्रमाण पत्र एकत्र करने में व्यस्त थे। अपने तेल कारोबार का विस्तार करने के लिए ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड (बीवीआई) में कंपनियों की एक श्रृंखला बना रहे थे ।

फिडेलिटी कॉरपोरेट सर्विस लिमिटेड को फरवरी 2018 के संदर्भ पत्र में यूनियन बैंक ऑफ नाइजीरिया पीएलसी ने कहा था कि हम नितिन जयंतीलाल संदेसरा को वित्तीय रूप से विश्वसनीय और उनके साथ अपने व्यवहार से अच्छी नैतिक स्थिति के रूप में मानते हैं।नाइजीरियाई कानूनी फर्म ईआई से मार्च 2018 का एक और पत्र अलोसिबा एंड कंपनी ने कहा था कि हम नितिन संदेसरा को 15 वर्षों से जानते हैं और वह हमारी जानकारी और विश्वास के अनुसार कभी भी दिवालिएपन, आपराधिक या इसी तरह की कार्यवाही में शामिल नहीं रहे हैं।

इन पत्रों का इस्तेमाल संदेसरा ने बीवीआई में कम से कम आधा दर्जन कंपनियों को स्थापित करने के लिए किया था जो कॉन्स्टेंट कैपिटल एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड; प्राइम फाइनेंस एंड कैपिटल एलायंस लिमिटेड; स्टर्लिंग पेट्रोलियम ट्रेडिंग लिमिटेड; पश्चिम अफ्रीका कैपिटल लिमिटेड; अफ्रीकन कैपिटल एलायंस लिमिटेड और कॉन्टिनेंटल कैपिटल एलायंस लिमिटेड के नाम से जानी जाती हैं।

रिकॉर्ड के मुताबिक इन कंपनियों का मकसद फ्रांस, नाइजीरिया, यूके, यूएई और भारत में तेल और गैस कंपनियों में निवेश करना था।रिकॉर्ड बताते हैं कि नितिन संदेसरा इन फर्मों के एकमात्र लाभकारी मालिक हैं और उन्होंने घोषणा की है कि इन कंपनियों में लगाए गए धन उनकी बचत हैं।इनमें से अधिकांश कंपनियों को 0.5 मिलियन डॉलर के शुरुआती निवेश के साथ स्थापित किया गया है और संचालन के पहले वर्ष में 3 मिलियन डॉलर के राजस्व का एक समान प्रक्षेपण है।

कंपनी के रिकॉर्ड से पता चलता है कि वेस्ट अफ्रीका कैपिटल की स्थापना 8 नवंबर, 2017 को नितिन संदेसरा के एकमात्र मालिक के रूप में की गई थी, जिसके पास एकल वर्ग के 50,000 साधारण शेयर थे, जिनमें से प्रत्येक का मूल्य $ 1 था। अगले ही दिन, संदेसरा ने समान शेयरधारिता के साथ अफ्रीकन कैपिटल एलायंस नामक एक और फर्म खोली।कम से कम, दो फर्मों कॉन्स्टेंट कैपिटल और प्राइम फाइनेंस को एक ही दिन, 16 मार्च, 2018 को शामिल किया गया था, जिसमें संदेसरा के पास इन कंपनियों में प्रत्येक में $ 1 के 50,000 शेयर थे।

कॉन्सटेंट कैपिटल और प्राइम फाइनेंस को शामिल करते हुए, कॉर्पोरेट सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी, फिडेलिटी कॉरपोरेट सर्विसेज, ने बार-बार संदेसरा को नवगठित बीवीआई कंपनियों के लिए अपने ग्राहक को जानिए मानदंडों को पूरा करने के लिए “भारत से पुलिस मंजूरी प्रमाणपत्र” प्रदान करने के लिए कहा।संदेसरा ने इसे प्रस्तुत नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने अप्रैल 2018 में बीवीआई में कॉन्स्टेंट कैपिटल और प्राइम फाइनेंस को फिडेलिटी कॉरपोरेट से एक अन्य कॉर्पोरेट सेवा प्रदाता सेबल ट्रस्ट लिमिटेड में स्थानांतरित कर दिया।

महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि नवंबर 2017 और अप्रैल 2018 के बीच संदेसरा द्वारा स्थापित ये सभी फर्में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दोनों की जांच से बच गई हैं, जो स्टर्लिंग ग्रुप, संदेसरा, उनके भाई चेतन संदेसरा 2.1 अरब डॉलर से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी की जांच कर रहे हैं।  

संदेसरा और उनका परिवार 2017 में भारत से भाग गया था जब उनका व्यवसाय जांच के दायरे में आया था। सितंबर 2020 में, भारत ने नितिन और चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया।एजेंसियों द्वारा की गई जांच में पाया गया है कि संदेसरा बंधुओं ने कथित तौर पर स्टर्लिंग ग्रुप द्वारा प्राप्त ऋण को गैर-अनिवार्य उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किया, इसे कई घरेलू और साथ ही अपतटीय संस्थाओं के वेब के माध्यम से स्तरित और लॉन्ड्र किया। ईडी ने आरोप लगाया है कि संदेसरा परिवार ने अपने कर्मचारियों के नाम का इस्तेमाल किया और 249 घरेलू और 96 विदेशी मुखौटा कंपनियों को शामिल किया।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल इलाहाबाद मेंरहते है।)

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