सदन के भीतर मार्शल घुसाने और महिला सांसदों से बदसलूकी मामले में विपक्षी दलों ने निकाला विरोध मार्च

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कल राज्यसभा में बाहर से लाकर मॉर्शल घुसाने और विपक्षी महिला सांसदों से बदतमीजी के मामले को लेकर आज गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष की करीब 15 पार्टियों ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला।

विरोध मार्च संसद परिसर में मौजूद गांधी प्रतिमा के पास से निकाला गया। विपक्षी पार्टियों के साझा मार्च से पहले सभी नेताओं ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक की। इसमें राहुल गांधी, संजय राउत समेत अन्य नेता शामिल हुये।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि मार्शल किस तरह सदन में घुसे और उन्होंने किसके कहने पर महिला सांसदों के साथ बदतमीजी की।

साझा मार्च के बाद विपक्ष के कई नेताओं ने राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू से भी मुलाकात की, इनमें शरद पवार, मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा, रामगोपाल यादव शामिल रहे।

राज्यसभा चेयरमैन से मुलाकात करने के बाद विपक्षी नेताओं ने कहा कि हमने बीते दिन जो सदन में हुआ, उसको लेकर शिक़ायत की है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “हम 15 पार्टियों के सभी नेता राज्यसभा के सभापति से मिले और एक ज्ञापन दिया। सभी पार्टियों के नेताओं और वरिष्ठ नेता शरद पवार ने भी सदन में जो घटनाएं घटीं उसके बारे में बताया। हम धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने हमारी बात सुनी और समझा।” 

‘लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकार’

साझा विरोध मार्च के बाद विपक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि देश के 60 फीसदी लोगों की आवाज दबाई जा रही है, राज्यसभा में सांसदों के साथ बदसलूकी की गई। हमने सरकार से पेगासस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही, हमने किसानों, महंगाई का मुद्दा उठाया। राहुल ने कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा-” राज्यसभा में बीते दिन मार्शल लॉ लगाया गया, ऐसा लग रहा था कि हम पाकिस्तान की सीमा पर खड़े थे। सरकार हर दिन लोकतंत्र की हत्या कर रही है, हम इस सरकार के ख़िलाफ़ लड़ते रहेंगे।” 

वहीं नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि – “हमने कहा है कि सरकार ने कई बिल हाउस ऑर्डर में न रहते हुए भी पास करा लिया। हर 10 मिनट में एक बिल पास हो गया और  बोलने का मौका नहीं मिला। कानूनों की कमियों को बताने के लिए  समय नहीं दिया गया। हमने संविधान संशोधन बिल को समर्थन दिया, मकसद यही था कि सदन ठीक से चले। “

दरअसल, राज्यसभा में बीते दिन महिला सांसदों के साथ बदसलूकी होने का आरोप लगाया गया है। विपक्ष द्वारा आरोप लगाया गया कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा बदतमीजी की गई, विपक्ष के नेताओं का कहना है कि संसद के इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ।

इससे पहले कल रात एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एएनआई से कहा था कि “अपने 55 साल के संसदीय करियर में मैंने ऐसा कभी नहीं देखा जिस तरह से आज (राज्यसभा में) महिला सांसदों पर हमले हुए हैं। 40 से अधिक पुरुषों और महिलाओं को बाहर से सदन में लाया गया। यह दर्दनाक है। यह लोकतंत्र पर हमला है।”

शिवसेना सांसद संजय राउत के मुताबिक, जब राज्यसभा में बिल पास हो रहा था, तब मार्शल को बुलाया गया। क्या हमें डराना चाहते हैं? विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है, 20 अगस्त को सोनिया गांधी कांग्रेस शासित राज्यों से बात करेंगी। उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में शामिल होंगे। 

मॉनसून सत्र को वक्त से पहले खत्म करने, चर्चा ना करने के विरोध में और पेगासस जासूसी, कृषि क़ानून समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्लियामेंट में सरकार को दो सप्ताह तक घेरने के बाद सभी विपक्षी दल एकता बनाकर सड़क पर सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। 

वहीं जंतर मंतर पर एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा है कि – “देश में दलितों, गरीबों, किसानों, मज़दूरों में आपको धीरे-धीरे एक आवाज़ सुनाई देगी। ये आवाज़ धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी, फिर एक दिन वो आवाज़ एक तूफान बन जाएगी और वो तूफान नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के घर से उठाकर बाहर फेंक देगी।

उन्होंने आगे कहा कि -” नरेंद्र मोदी किसानों पर अत्याचार करते हैं, जो उनका है वो उनसे ​छीनते हैं और फिर​ किसानों को देशद्रोही और ​खालिस्तानी कहते हैं”।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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