लक्षद्वीप के मसले पर राहुल गांधी ने लिखा पीएम को खत, कहा- एडमिनिस्ट्रेटर के फैसलों को तत्काल रद्द करें

Estimated read time 0 min read

नई दिल्ली। लक्षद्वीप राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मसले पर पीएम मोदी को एक लंबा खत लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि लक्षद्वीप के लोग विकास के नजरिए के कायल हैं, जो उनके जीवन के तरीके का सम्मान करता हो और उनकी आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता हो।

राहुल गांधी ने लिखा है कि प्रिय प्रधानमंत्री जी आशा करता हूं कि ये पत्र आपको अच्छा लगेगा। लक्षद्वीप की प्राकृतिक खूबसूरती और संस्कृति कई पीढ़ियों से चली आ रही है। वहां के प्रशासक का काम है आने वाली पीढ़ियों के लिए द्वीपसमूह की विरासत को संभालना। हालांकि लक्षद्वीप के प्रशासक की घोषित जनविरोधी नीतियों से लोगों के भविष्य को खतरा है।

जनता से राय लिए बिना किए फैसले

राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि लक्षद्वीप के प्रशासक ने निर्वाचित प्रतिनिधियों या जनता से कानूनी तौर पर सुझाव लिए बिना मनमाने परिवर्तन का प्रस्ताव रखा है। मसौदे में द्वीप की पारिस्थितिक पवित्रता को कम करने की एडमिनिस्ट्रेटर की कोशिश साफ है। राहुल गांधी ने लिखा है कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले में संज्ञान लेकर एडमिनिस्ट्रेटर के फैसलों को रद्द किया जाए।

समंदर में लक्षद्वीप भारत का आभूषण

बुधवार को भी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में नए नियमन के मसौदे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सागर में स्थित भारत के इस आभूषण को नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह लक्षद्वीप के लोगों के साथ खड़े हैं।

कांग्रेस ने की थी ये अपील

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि उसे तत्काल इन मसौदों को वापस लेना चाहिए और प्रफुल्ल खोड़ा पटेल को प्रशासक के पद से हटाना चाहिए। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा था कि कांग्रेस लक्षद्वीप के लोगों के साथ खड़ी है और उनकी सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए लड़ेगी। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल को वापस बुलाने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी कहा है कि प्रफुल्ल पटेल के कार्यकाल में लिए गए फैसलों को रद्द किया जाए।

क्या हैं नए फैसले

नए फैसलों के तहत लक्षद्वीप से शराब के सेवन पर रोक हटाई गई है। इसके अलावा पशु संरक्षण का हवाला देते हुए बीफ उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया है। लक्षद्वीप की अधिकांश आबादी मछली पालन पर निर्भर है, लेकिन विपक्षी नेताओं का आरोप है कि प्रफुल्ल पटेल ने तट रक्षक अधिनियम के उल्लंघन के आधार पर तटीय इलाकों में मछुआरों की झोपड़ियों को तोड़ने के आदेश दिए हैं।

You May Also Like

More From Author

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments