Monday, January 24, 2022

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देश के तमाम संगठनों ने ‘भारत बंद’ में बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी का किया ऐलान

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Janchowk Official Journalists in Delhi

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पिछले 12 दिनों से दिल्ली को घेरकर बैठे तमाम किसान संगठनों ने कल 8 दिसंबर को भारतबंद का आह्वान दिया है। उसी कड़ी में आज तमाम छात्र, मजदूर किसान संगठनों व राजनीतिक दलों ने कल के भारतबंद की रूपरेखा तय की है।

दिल्ली-हरियाणा सिंघू सीमा पर किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने कल के भारत बंद की रूपरेखा तय करते हुए कहा कि “कल पूरे दिन बंद का अवलोकन किया जाएगा। दोपहर 3 बजे तक चक्का जाम होगा। यह एक शांतिपूर्ण बंद होगा। हम अपने मंच पर किसी भी राजनीतिक नेता को अनुमति नहीं देने पर दृढ़ हैं।”

वहीं सिंघू सीमा से ही किसान नेता निर्भय सिंह धुडिके ने आंदोलन के बाबत कहा कि “हमारा विरोध केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। कनाडा से ट्रूडो जैसे दुनिया भर के नेता भी हमें समर्थन दे रहे हैं। हमारा शांतिपूर्ण विरोध है।”

सीपीआई (एमएल) और उसके तमाम सहयोगी संगठनों ने किया भारत बंद का सक्रिय समर्थन

सीपीआई माले ने भी कल होने वाले भारत बंद में सक्रिय भागीदारी की रूप रेखा तय किया है। भाकपा-माले से जुड़े तमाम महिला, छात्र, मजदूर संगठन जैसे कि ऐक्टू, ऐपवा, आइसा, इनौस व अन्य संगठन भी किसान संगठनों के आह्वान पर आयोजित भारत बंद में प्रमुखता से शामिल होंगे।

इस संदर्भ में बिहार माले राज्य सचिव कुणाल ने एक बयान जारी करके कहा कि “तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी, न्यनूतम समर्थन मूल्य पर सभी फसलों की खरीद की गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने, प्रस्तावित बिजली बिल 2020 वापस लेने, किसान नेताओं सहित सभी लोकतंत्र-मानवाधिकार की लड़ाई लड़ रहे कार्यकर्ताओं पर लादे गए फर्जी मुकदमों की वापसी आदि मांगों पर 8 दिसंबर का भारत बंद ऐतिहासिक होगा और यह बंद केंद्र सरकार को तीनों काले कानून वापस करने पर विवश करेगा”।

बंद से आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया है। पार्टी कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि सुबह से ही सभी प्रमुख राष्ट्रीय पथों, उच्च पथों, रेल सेवाओं का परिचालन ठप्प करके बंद को ऐतिहासिक बनाने का काम करें।

माले के पटना के कल के मार्च में तरारी से माले विधायक व अखिल भारतीय किसान महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सुदामा प्रसाद भी भाग लेंगे।

भारत-बंद में सक्रिय भागीदारी करेगा ‘अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा’

कल के भारत बंद में सक्रिय भागीदारी लेने की घोषणा करते हुए अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के महासचिव धीरेन्द्र झा ने भी बयान जारी करके कहा है कि “उनका संगठन भी कल के बंद में सक्रिय तौर पर शामिल होगा। किसानों के मुद्दों के साथ-साथ खेत व ग्रामीण मजदूरों के वास-आवास और रोजी-रोटी जैसे सवालों को उठाते हुए कल के बंद में भागीदारी होगी।

किसानों के भारत बंद को एआईपीएफ ने दिया समर्थन

कल होने वाले किसानों के भारत बंद को आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (AIPF) ने भी समर्थन दिया है। एक प्रेस रिलीज में एआईपीएफ प्रवक्ता दारापुरी ने बताया है कि किसान विरोधी तीन कानूनों की वापसी, एमएसपी के लिए कानून बनाने, विद्युत संशोधन कानून को रद्द करने की मांग पर कल के भारत बंद का सक्रिय समर्थन आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने किया है। इसके तहत भारत बंद में एआईपीएफ और मजदूर किसान मंच के कार्यकर्ता किसानों की मांगों के पक्ष में प्रतिवाद दर्ज करायेंगे। इस आशय का प्रस्ताव एआईपीएफ की हुई वर्चुअल बैठक में लिया गया।

भारत बंद का लोकमोर्चा ने किया  समर्थन 

कल होने वाले ऐतिहासिक भारत बंद का लोकमोर्चा ने भी समर्थन किया है। लोकमोर्चा के संयोजक अजीत सिंह यादव ने आज एक बयान जारी करके कल के कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की है। उन्होंने बताया है कि भारत बंद के समर्थन में वे खुद अम्बेडकर पार्क से दोपहर 12 बजे पदयात्रा शुरू कर बदायूँ वासियों से बंद का समर्थन करने की अपील करेंगे। सूचना के मुताबिक पदयात्रा अम्बेडकर पार्क से लबेला चौराहा , छह सडका , लालपुल होते हुए कचहरी पहुंचेगी ,जहां जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा जाएगा।

इनौस -आइसा ने कल भारत बंद के समर्थन में जुलूस निकालकर सभा की

इलाहाबाद में इंकलाबी नौजवान सभा (इनौस ), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन  (आइसा) से जुड़े छात्र -युवाओं ने कल होने वाले भारत बंद के समर्थन में आज ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज गेट से शुक्ला मार्केट सब्जी मंडी तक़ जुलूस निकालकर लोगों से कल होने वाले आम हड़ताल के समर्थन का आह्वान किया। 

इंकलाबी नौजवान सभा (इनौस)  के नेता सुमित गौतम व आइसा के विवेक ने कहा कि गाँव में खेती लाभदायक रोज़गार नहीं रह गया। फसल के अलाभकारी दाम, क्रय केन्द्रों की मनमानी, बिजली की दर में बढ़ोत्तरी, आवारा पशुओं का आतंक आदि के चलते गाँव के तमाम नौजवान पहले से ही खेती छोड़ने को मजबूर होते जा रहे थे। सरकार के तमाम दावों के बावजूद मनरेगा की दशा खराब ही है। उस पर सरकार तीन किसान विरोधी कानून भी ले आई है।

किसानों की लड़ाई बहुजनों की लड़ाई है

तमाम किसान संगठनों के आह्वान पर कल 8 दिसंबर को होने वाले ‘भारत बंद’ को बिहार,यूपी और झारखंड के कई बहुजन संगठनों ने सक्रिय समर्थन दिया है।

रिहाई मंच के राजीव यादव,बिहार के चर्चित बहुजन बुद्धिजीवी डॉ.विलक्षण रविदास, सामाजिक न्याय आंदोलन(बिहार) के रिंकु यादव व रामानंद पासवान, झारखंड जनतांत्रिक महासभा के दीपक रणजीत,सोशलिस्ट पार्टी(इंडिया) के गौतम कुमार प्रीतम, अब-सब मोर्चा(बिहार) के संस्थापक हरिकेश्वर राम,बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच के अजय कुमार राम,बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन(बिहार) के सोनम राव,अतिपिछड़ा अधिकार मंच(बिहार) के नवीन प्रजापति व सौरव तिवारी की ओर से साझा बयान जारी करके ये सूचना दी गई है। इन संगठनों ने जारी किसान आंदोलन के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए कल 8 दिसंबर के भारत बंद में सड़क पर उतरने का एलान किया है।

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