Friday, April 19, 2024

नहीं रही दिल्ली को नया चेहरा देने वाली

नई दिल्ली। तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित का निधन हो गया है। वह 81 साल की थीं। उन्हें आज सुबह ही एस्कार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दीक्षित आज सुबह अच्छा महसूस नहीं कर रही थीं तभी उन्हें एस्कार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद वह कोमा में चली गयीं। परिवार के सदस्यों के मुताबिक उसके कुछ समय बाद उनका निधन हो गया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दीक्षित के निधन पर गहरा शोक जाहिर किया है। उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा है कि श्रीमती शीला दीक्षित के निधन की भयंकर खबर अभी-अभी मिली है। यह दिल्ली के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मेरी उनके परिवार को दिल से संवेदना।

कांग्रेस की ओर से जारी शोक संवेदना में कहा गया है कि हम श्रीमती शीला दीक्षित के निधन पर बेहद दुखी हैं। जीवनभर कांग्रेसी रहने वाली और तीन बार की दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला ने दिल्ली को बिल्कुल बदल दिया था। उनके परिवार मित्रों के प्रति संवेदना। आशा है इस दुख के समय उन्हें ताकत मिलेगी।

जनचौक से जुड़े

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments

Latest Updates

Latest

शिवसेना और एनसीपी को तोड़ने के बावजूद महाराष्ट्र में बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं

महाराष्ट्र की राजनीति में हालिया उथल-पुथल ने सामाजिक और राजनीतिक संकट को जन्म दिया है। भाजपा ने अपने रणनीतिक आक्रामकता से सहयोगी दलों को सीमित किया और 2014 से महाराष्ट्र में प्रभुत्व स्थापित किया। लोकसभा व राज्य चुनावों में सफलता के बावजूद, रणनीतिक चातुर्य के चलते राज्य में राजनीतिक विभाजन बढ़ा है, जिससे पार्टियों की आंतरिक उलझनें और सामाजिक अस्थिरता अधिक गहरी हो गई है।

केरल में ईवीएम के मॉक ड्रिल के दौरान बीजेपी को अतिरिक्त वोट की मछली चुनाव आयोग के गले में फंसी 

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग को केरल के कासरगोड में मॉक ड्रिल दौरान ईवीएम में खराबी के चलते भाजपा को गलत तरीके से मिले वोटों की जांच के निर्देश दिए हैं। मामले को प्रशांत भूषण ने उठाया, जिसपर कोर्ट ने विस्तार से सुनवाई की और भविष्य में ईवीएम के साथ किसी भी छेड़छाड़ को रोकने हेतु कदमों की जानकारी मांगी।

Related Articles

शिवसेना और एनसीपी को तोड़ने के बावजूद महाराष्ट्र में बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं

महाराष्ट्र की राजनीति में हालिया उथल-पुथल ने सामाजिक और राजनीतिक संकट को जन्म दिया है। भाजपा ने अपने रणनीतिक आक्रामकता से सहयोगी दलों को सीमित किया और 2014 से महाराष्ट्र में प्रभुत्व स्थापित किया। लोकसभा व राज्य चुनावों में सफलता के बावजूद, रणनीतिक चातुर्य के चलते राज्य में राजनीतिक विभाजन बढ़ा है, जिससे पार्टियों की आंतरिक उलझनें और सामाजिक अस्थिरता अधिक गहरी हो गई है।

केरल में ईवीएम के मॉक ड्रिल के दौरान बीजेपी को अतिरिक्त वोट की मछली चुनाव आयोग के गले में फंसी 

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग को केरल के कासरगोड में मॉक ड्रिल दौरान ईवीएम में खराबी के चलते भाजपा को गलत तरीके से मिले वोटों की जांच के निर्देश दिए हैं। मामले को प्रशांत भूषण ने उठाया, जिसपर कोर्ट ने विस्तार से सुनवाई की और भविष्य में ईवीएम के साथ किसी भी छेड़छाड़ को रोकने हेतु कदमों की जानकारी मांगी।