Tuesday, November 29, 2022

एंकर रोहित केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा – कल होगी सुनवाई, वकील ने कहा- हमने तो याचिका ही नहीं दायर की

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एक ओर महाराष्ट्र के मामले में उच्चतम न्यायालय से चाहे जितनी अर्जेंसी की दलील दी गयी हो लेकिन मामले को 11 जुलाई को सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया गया पर दूसरी ओर जी न्यूज़ के एंकर रोहित रंजन की याचिका दाखिल हुए बिना ही 7 जुलाई की तारीख लगा दी गयी। यह उच्चतम न्यायालय की स्वतंत्रता और निष्पक्षता का ज्वलंत उदाहरण है। दरअसल एंकर रोहित रंजन केस में बुधवार को उच्चतम न्यायालय में अजीबो-गरीब वाकया हो गया। वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के एक केस की सुनवाई जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ कर रही  थी। इसी दौरान अधिवक्ता ने पीठ को बताया कि जी न्यूज के एंकर रोहित रंजन के खिलाफ कई जगह एफआईआर हो गई हैं। इन्हें एक जगह किया जाए। इस पर पीठ ने कहा कि ठीक है, कल सुनवाई होगी।

तभी रोहित के अधिवक्ता ने कहा कि अभी तो हमने केस ही फाइल नहीं किया है। इस पर पीठ नाराज हो गयी। अधिवक्ता को डांट लगाते हुए पीठ ने कहा कि हमने आदेश जारी कर दिया और आपने केस तक फाइल नहीं किया। ऐसे में माना जा रहा है कि इस केस में 7 जुलाई को सुनवाई नहीं होगी। कारण यह कि रोहित रंजन के अधिवक्ता की तरफ से अभी तक सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर नहीं की गई है।

उधर, छत्तीसगढ़ पुलिस नोएडा सेक्टर-16A में मौजूद फिल्म सिटी में जी-मीडिया हाउस पर पहुंची। रायपुर पुलिस एंकर रोहित रंजन को ढूंढ रही है। पुलिस ने मीडिया हाउस में अंदर जाकर अधिकृत अधिकारियों से इस बारे में बातचीत की है। मंगलवार को रोहित रंजन की गिरफ्तारी में इंदिरापुरम पुलिस ने अड़चन डाली थी। इसकी शिकायत छत्तीसगढ़ के एसपी ने गाजियाबाद की एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा से की है। उन्होंने इंदिरापुरम एसएचओ और उनके साथी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की है।

बुधवार की सुबह-सुबह 9 बजे छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस फिर रोहित के फ्लैट पर पहुंची। वहां ताला बंद था। ये फ्लैट गाजियाबाद के इंदिरापुरम में नियो स्कॉटिस सोसाइटी में है। फ्लैट पर जाने से पहले गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपने आने की सूचना भी दी थी। रोहित की फरारी पंचनामा तैयार किया गया है। उनकी तलाश की जा रही है।

दरअसल, एक दिन पहले यानी मंगलवार को रोहित की गिरफ्तारी के लिए 14 घंटे का ड्रामा चला। यूपी और छत्तीसगढ़ पुलिस में तलवारें खिंच गईं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने यूपी पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायत की। गाजियाबाद पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस के खिलाफ थाने की जनरल डायरी में तस्करा डाल दिया। तस्करा पुलिस स्टेशन की रुटीन प्रक्रिया होती है, जिसमें पूरे दिन का लेखा-जोखा दर्ज किया जाता है।

छत्तीसगढ़ पुलिस और कांग्रेस नेताओं का दबाव बढ़ता रहा। आखिरकार मंगलवार रात करीब 10 बजे यूपी  की नोएडा पुलिस ने रोहित रंजन की गिरफ्तारी दिखा दी। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा भी कर दिया। रोहित कहां हैं? इसकी तलाश में अब रायपुर पुलिस जुट गई है। इस ड्रामे से इतने संकेत तो मिले हैं। यूपी पुलिस रोहित रंजन को रायपुर पुलिस के कब्जे से बचा ही लाई।

मामले की शुरुआत 3 जुलाई से हुई। छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के सिविल लाइन थाने में एफआईआर हुई। आरोपी बनाए गए जी ग्रुप के चेयरमैन, निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले एंकर रोहित रंजन। भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की तहरीर पर एक्शन हुआ। रायपुर पुलिस ने धोखाखड़ी, गाली गलौच, साजिश रचने, धमकी देने जैसी धाराओं में लिखा पढ़त की।विधायक का कहना है कि राहुल गांधी ने वायनाड में कांग्रेस कार्यालय पर हमले पर जो बयान दिया, वो उदयपुर की घटना से जोड़कर दिखाया गया था।

4 जुलाई को रायपुर की स्पेशल सीजेएम कोर्ट ने एंकर रोहित रंजन का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। इसी वारंट को लेकर रायपुर के नगर पुलिस अधीक्षक उदयन बिहार 5 जुलाई की सुबह 5 बजे गाजियाबाद के इंदिरापुरम के न्यू स्कोटिस सोसाइटी में पहुंचे। यहीं रोहित रंजन रहते हैं। 1200 किमी की दूरी तय करने वालों में 15 पुलिसकर्मियों की टीम थी।

जैसे ही रोहित रंजन के फ्लैट पर छत्तीसगढ़ पुलिस की गुड मॉर्निंग हुई तो उनका पूरा परिवार चौंक गया। मुख्य गेट का दरवाजा खोलने के लिए रोहित के भाई और पत्नी आए थे। रोहित उस वक्त बेडरूम में थे। वहीं से रोहित ने सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर एक ट्वीट किया, “बिना लोकल पुलिस को जानकारी दिए छत्तीसगढ़ पुलिस मेरे घर के बाहर मुझे अरेस्ट करने के लिए खड़ी है। क्या ये कानूनन सही है”।

दिल्ली बीजेपी के नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने एंकर के समर्थन में यूपी के देवरिया से बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी से मदद मांगी। ट्वीट करने के महज 15-20 मिनट बाद ही गाजियाबाद की इंदिरापुरम थाना पुलिस रोहित रंजन के घर पहुंच गई। गाजियाबाद पुलिस के दरोगा ने छत्तीसगढ़ पुलिस के वर्दी में नहीं होने पर आपत्ति जताई। रायपुर एसपी को पुलिस आई कार्ड दिखाना पड़ा। किसी न किसी मुद्दे पर दोनों राज्यों की पुलिस में बहस होती रही। इस बीच सुबह करीब सवा 7 बजे नोएडा पुलिस की वहां अचानक से एंट्री हो गई। ये पुलिस नोएडा सेक्टर-20 थाने की थी।

नोएडा पुलिस ने कहा कि रोहित रंजन मामले में हमारे यहां एक मुकदमा पहले से दर्ज है, इसलिए हम अरेस्टिंग करके ले जाएंगे। सहमति ये बनी कि रोहित रंजन को उनके घर से थाना इंदिरापुरम (गाजियाबाद) ले जाया जाएगा। एक प्राइवेट कार में रोहित को बैठाया गया। रायपुर पुलिस दूसरी कार में बैठी। रायपुर पुलिस जब इंदिरापुरम थाने पर पहुंची तो वहां उन्हें रोहित नहीं मिले। यहां पता चलता है कि रोहित को नोएडा सेक्टर-20 थाने की पुलिस अपने साथ ले गई है।गाजियाबाद में मुकदमा दर्ज होने की बात कहने वाली नोएडा पुलिस रोहित के कब्जे में आते ही बयान देने से कतराती रही। पूरे दिन किसी अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया कि रोहित को कहां रखा गया है? उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई है या नहीं या फिर उन्हें कौन से मुकदमे में पूछताछ के लिए ले जाया गया है?

रायपुर एसपी उदयन बिहार ने गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम में उसी थाने की पुलिस के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और वांरटी को छुड़ा ले जाने की एप्लिकेशन दे दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात थाना सेक्टर-20 के बाहर प्रदर्शन किया, इसके बाद रोहित रंजन की गिरफ्तारी और जमानत दिखाई गई।

रात साढ़े 8 बजे नोएडा के कांग्रेस कार्यकर्ता थाना सेक्टर-20 के बाहर पहुंच गए। वे इस बात का विरोध करने लगे कि रोहित रंजन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है और उन्हें अज्ञात स्थान पर क्यों रखा गया है। दबाव बढ़ने पर मंगलवार रात करीब 10 बजे नोएडा पुलिस ने रोहित रंजन की गिरफ्तारी दिखाई।

नोएडा पुलिस ने कहा कि 5 जुलाई 2022 को थाना सेक्टर-20 पर दर्ज मुकदमा के तहत रोहित रंजन को पूछताछ के लिए उनके आवास न्यू स्कोटिस सोसाइटी, इंदिरापुरम से नोएडा लाया गया। साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई। उनके ऊपर लगी धाराओं में जमानत दी जा सकती थी। उन्हें रिहा किया गया है।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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