26.1 C
Delhi
Thursday, September 16, 2021

Add News

पांचवें दौर की वार्ता भी नाकाम, 9 दिसंबर को फिर बातचीत की सरकार की पेशकश

ज़रूर पढ़े

किसानों की पांचवे दौर की बैठक भी बेनतीजा खत्म हो गई है। अब 9 दिसंबर को फिर से बैठक होगी। किसान नेता कानून को रद्द की मांग कर रहे हैं और सरकार संशोधन का आश्वासन दे रही है। इस बीच किसान नेताओं ने बहुत साफ कह दिया है, “हमारे पास एक साल ठहरने भर के लिए सामग्री है। हम पिछले कई दिनों से सड़क पर हैं। अगर सरकार चाहती है कि हम सड़क पर रहें, तो हमें कोई समस्या नहीं है।” वहीं बैठक में कृषि कानूनों पर बातचीत के पांचवें दौर में केंद्र से किसान नेताओं ने कहा, “हम कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते हैं। इस कानून से सरकार को फायदा होगा, किसान को नहीं।”

वहीं लंच ब्रेक के बाद विज्ञान भवन में  किसानों और सरकार के बीच पांचवें दौर की बातचीत के लिए बैठक फिर से शुरू हुई तो किसानों ने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर निर्णय ले, अन्यथा हम बैठक से वॉकआउट कर देंगे।

किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच पांचवें दौर की बातचीत के दौरान किसानों ने कहा कि उन्हें समाधान और वादे की आवश्यकता है। वे आगे चर्चा नहीं करना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि सरकार ने किसानों की मांग पर क्या निर्णय लिया है। इसके बाद सरकार ने किसानों को बैठक के बिन्दुवार लिखित जवाब दिए और फिर 15 मिनट का ब्रेक लिया।

बता दें कि आज दोपहर दो बजे से कानूनों पर बीच का रास्ता निकालने के लिए 40 किसान संगठनों के नेता और सरकार के बीच पांचवें दौर बैठक शुरू हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल मौजूद रहे। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि कानूनों की बैठक में उपस्थित किसान नेताओं से आंदोलन स्थल से बच्चों और स्त्रियों को हटाने की अपील करते हुए कहा, “मैं आप सभी से वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों से, विरोध स्थल पर, घर जाने की अपील करता हूं।”

सरकार ने दिया कृषि कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव
आज की बैठक में केंद्र सरकार ने किसानों के सामने तीनों कृषि कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। किसान नेताओं ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि इन नए कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाए। प्रदर्शनकारी किसान नए कानूनों में संशोधन नहीं चाहते हैं, बल्कि वे चाहते हैं कि इन कानूनों को रद्द किया जाए। किसान अपनी मांगों को लेकर किसी भी सूरत में झुकने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने सरकार से जल्द उनकी मांगे मानने की अपील की है। इसके साथ ही किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का एलान किया है। साथ ही उन्होंने इस दिन टोल प्लाजाओं पर कब्जे की भी चेतावनी दी है।

किसानों ने आज फिर अपना खाना और चाय मंगवाई
3 दिसंबर की बैठक की तर्ज पर ही आज हुई किसानों और केंद्र के बीच 5वें दौर की वार्ता के दौरान भी किसान प्रतिनिधियों ने टी ब्रेक के दौरान अपने साथ लाया हुआ भोजन ही खाया। थोड़ी देर पहले एक कारसेवा वाहन भोजन लेकर विज्ञान भवन में पहुंचा था। बता दें कि दो दिन पहले 3 दिसंबर को हुई चौथे दौर की वार्ता के दौरान भी किसानों ने सरकार की ओर दिया गया भोजन ठुकरा दिया था और अपने साथ लेकर आया खाना खाया था।

किसानों संग बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बुलाई मंत्रियों की बैठक
वहीं किसानों के साथ बैठक से पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम बैठक बुलाई थी। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल भी मौजूद थे। बता दें कि किसान नेताओं और सरकार के बीच गुरुवार 3 दिसंबर को हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका था।

किसानों ने फूंका नरेंद्र मोदी का पुतला
गुरुग्राम में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरे मजदूर संगठन AIUTUC ने शनिवार को राजीव चौक पर पैदल मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी और गौतम अडानी के पुतले फूंके। इस दौरान मजदूरों ने सरकार और उद्योगपतियों में सांठगांठ होने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।

वहीं कृषि कानूनों के विरोध में गाजियाबाद के एक्सप्रेस-वे पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत का पुतला जलाने की कोशिश की, हालांकि यूपी पुलिस ने किसानों से पुतला छीन लिया और जलाने नहीं दिया।

सैंकड़ों किसान गिरफ्तार किए गए
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो प्वॉइंट पर दिल्ली कूच कर रहे करीब 200 किसानों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सभी किसानों को सूरजपुर पुलिस लाइन में बनाई गई अस्थायी जेल में रखा गया है। वहीं चिल्ला बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे भाकियू (भानू) के कार्यकर्ताओं को जेवर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में नोएडा-चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने हंगामा करते हुए दिल्ली से आने वाले वाहनों को रोक दिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस और किसानों की नोंकझोंक भी हुई।

बता दें कि किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए उत्तराखंड के बिलासपुर से आए किसान यूपी-दिल्ली को जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर धरना दे रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

किसान आंदोलन में अलीगढ़ के टप्पल से दिल्ली जा रहे किसानों को यमुना एक्सप्रेस में जीरो पॉइंट पर पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने उन्हें मनाने की लाख कोशिश की, लेकिन वह दिल्ली की तरफ कूच कर गए।

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं हैं। पंजाब और हरियाणा के किसानों के साथ ही उत्तर प्रदेश के किसान भी सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों ने नोएडा से आगरा की तरफ जाने वाले यमुना एक्सप्रेस-वे को भी जाम करने की कोशिश की।

गौतम बुद्ध नगर के एडिशनल सीपी लव कुमार ने कहा कि चिल्ला बॉर्डर को किसानों ने ब्लॉक किया हुआ है। दिल्ली की टीमों के साथ हमारा पूरा को-ऑर्डिनेशन है। ट्रैफिक डाइवर्ट करके यातायात को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। सभी जगह हमने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है, ताकि असुविधा न हो।

गायक दिलजीत दोसाझ पहुंचे सिंधु बॉर्डर
सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सिंधू बॉर्डर पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “किसानों ने एक नया इतिहास रचा है। यह इतिहास आने वाली पीढ़ियों को सुनाया जाएगा।”

वार्ता विफल होने पर दी यमुना एक्सप्रेस-वे को जाम करने की चेतावनी
दिल्ली से सटे यूपी बॉर्डर पर धरना दे रही भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के नेताओं ने केंद्र सरकार के साथ वार्ता विफल होने की सूरत में यमुना एक्सप्रेस-वे को जाम करने की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा है कि जब तक भारत सरकार किसानों की बात को नहीं मान लेती है, तब तक किसान दिल्ली के बॉर्डर पर ही डटे रहेंगे। चाहे उन्हें कितना भी बड़ा आंदोलन करना पड़े।

वहीं बीकेयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान और राष्ट्रीय महासचिव अनिल तालान ने कहा, “आने वाले समय में किसानों और सरकार की वार्ता विफल होती है तो बीकेयू टिकैत गुट यमुना एक्सप्रेस-वे को जाम करेगा। अब किसान चुप बैठने वाला नहीं हैं। जल्द ही सभी किसान संगठन वार्ता कर कठोर फैसले लेंगे।”

किसान आंदोलन को लेकर सीएम योगी ने की हाई लेवल मीटिंग
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक पांच कालिदास मार्ग पर स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्‍च स्‍तरीय बैठक में मुख्‍यमंत्री ने कहा कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से प्रदेश के सभी जिलों में संवाद किया जाए और उनसे आगामी आठ दिसंबर, 2020 को प्रस्तावित बंद के संबंध में भी वार्ता की जाए।मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने किसानों के आंदोलन के चलते अधिकारियों को सचेत किया है और पूरी सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। साथ ही, उन्होंने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता करने की जिम्‍मेदारी भी अधिकारियों को सौंपी है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

यूपी में नहीं थम रहा है डेंगू का कहर, निशाने पर मासूम

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में जनसंख्या क़ानून तो लागू कर दिया लेकिन वो डेंगू वॉयरल फीवर,...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.