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वाटर कैनन बंद करने वाले नवदीप के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मुकदमा

पिछले 6 साल से नरेंद्र मोदी सरकार में एक चीज अनवरत चली आ रही है, और वो है आंदोलनकारियों का अपराधीकरण। सरकार और सरकार की एजेंसियों को हर आंदोलन में सरकार के खालिफ़ साजिश और प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश दिख जाती है। पहले भीमा कोरेगांव आंदोलनकारियों का अपराधीकरण करके नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में जेल में डाल दिया गया। उसके बाद सीएए-एनआरसी के खिलाफ़ आंदोलन करने वालों का अपराधीकरण करके जेल में डाल दिया गया।

अब आंदोलनरत किसानों की बारी है। 25 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन के तहत जब किसान दिल्ली की सीमा पर पहुंचे तो उन पर वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज किया गया। तब सरकार की वॉटर कैनन को बंद करने का साहस एक युवक नवदीप सिंह (26) ने किया। अब सरकार की ओर से अंबाला पुलिस ने नवदीप सिंह के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या का प्रयास करने का चार्ज लगाकर केस दर्ज़ किया है। साथ ही नवदीप सिंह के पिता जय सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।

नवदीप सिंह और उनके पिता का नाम उसी एफआईआर में शामिल किया गया है जिसके तहत भारतीय किसान यूनियन (BKU) अध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढ़ूनी के नाम केस दर्ज़ किया गया है।

आंदोलन का हीरो बन गए नवदीप सिंह

हरियाणा के अंबाला में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान वॉटर कैनन को बंद करने वाले नवदीप सिंह सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आंदोलन के हीरो बन गए। नवदीप सिंह ने भीषण ठंड में किसानों पर लगातार पानी बरसा रहे वॉटर कैनन के ऊपर चढ़कर उसे बंद कर दिया था। 26 साल के नवदीप सिंह अंबाला के रहने वाले किसान नेता जय सिंह जलबेरा के बेटे हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से साल 2015 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद नवदीप किसान संगठन से जुड़ गए थे। उनके खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है, जिसमें आजीवन कारावास, दंगों और कोविड -19 नियमों के उल्लंघन का अधिकतम जुर्माना होता है। एफआईआर में नवदीप के पिता जय सिंह और बीकेयू के किसान नेता गुरनाम सिंह चादूनी को भी आरोपी बनाया गया है।

एफआईआर पर नवदीप सिंह की प्रतिक्रिया

अपने और पिता के खिलाफ़ अंबाला पुलिस द्वारा हत्या के प्रयास में केस दर्ज़ किये जाने के मामले में नवदीप ने प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया में कहा है- “अपनी पढ़ाई के बाद, मैंने अपने पिता के साथ खेती करना शुरू किया जो एक किसान नेता हैं। मैं कभी किसी गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त नहीं रहा और वाहन पर चढ़ने और टैप को बंद करने की हिम्मत मुझे प्रदर्शनकारी किसानों की प्रतिबद्धता से मिली क्योंकि वॉटर कैनन से किसानों को चोट पहुंच रही थी। शांति से विरोध करते हुए हम दिल्ली के लिए एक मार्ग की मांग कर रहे थे लेकिन पुलिस ने हमारे मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। हमें सरकार पर सवाल उठाने और विरोध करने का पूरा अधिकार है अगर कोई जनविरोधी कानून पारित किया जाता है।”

किसानों पर अटैक कर रही पुलिस की वॉटर कैनन को बंद करने के लिए युवा नवदीप सिंह पुलिस का गाड़ी पर चढ़ा और किसानों पर पानी की बौछार कर रही कैनन को बंद कर दिया। इतना ही नहीं, जब पुलिस गाड़ी पर उसे पकड़ने पहुंची, तो वह वापस कूद कर अपनी ट्रॉली पर पहुंच गया। इस घटना के बारे में नवदीप बताते हैं कि,- “मैं हमेशा से पढ़ने-लिखने वाला लड़का था और चढ़ने-कूदने जैसी चीजें कभी नहीं की। आंदोलनकारी किसानों की बहादुरी ने मुझे प्रोत्साहित किया। मैं ट्रैक्टर ट्रॉली से ट्रक के ऊपर चढ़ा और नल तक पहुंचा। मैंने उसे बंद कर दिया, लेकिन एक पुलिसकर्मी मुझे पकड़ने ऊपर आ गया था। हालांकि उसी समय मेरा भाई पास में ट्रैक्टर लेकर आया और मैं उस पर कूद गया।”

नवदीप बताते हैं कि पुलिस ने उन्हें डंडों से मारा था, लेकिन उन्हें पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई नराजगी नहीं है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on December 3, 2020 3:35 pm

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