Saturday, January 22, 2022

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पुलिस का दावा मुठभेड़ में 26 नक्सलियों की मौत, मरने वालों में तेलतुंबडे के भाई मिलिंद भी शामिल

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भीमा कोरेगांव मामले में यूएपीए के तहत बन्द आनंद तेलतुंबडे के भाई दीपक उर्फ मिलिंद को पुलिस ने गढ़चिरौली के जंगल में मार दिया है। हालांकि अभी तक पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। आनंद पर आरोप है कि उनके लिखे साहित्य से मिलिंद नक्सली हिंसा का प्रसार कर रहे थे। गढ़चिरौली जंगल में 26 नक्सलियों के मारे जाने की ख़बर है।

महाराष्ट्र पुलिस के सी 60 कमांडो ने यह एनकाउंटर किया। दीपक काफी पढ़े-लिखे थे। 18 मई को छत्तीसगढ़ पुलिस को इंटेलिजेंस अधिकारियों से दीपक तेलतुंबडे के मध्य प्रदेश के मंडला जिले के जंगलों में कुछ ग्रामीणों से मिलने की खबर मिली थी। दीपक का पता लगाने के लिए पुलिस ने तुरंत एक्शन लेना शुरू किया। लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें यह जानकारी एक दिन देर से मिली थी।

नक्सली कमांडर दीपक तेलतुंबडे उर्फ मिलिंद बाबूराव तेलतुंबडे को इलाके के जंगलों की अच्छी जानकारी थी, वह प्रशिक्षक और बौद्धिक गतिविधियों के भी माहिर थे। कहते हैं कबीर कला मंच जैसे संगठन उन्हीं के दिमाग की उपज हैं।

वह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जोन के विशेष क्षेत्र के सचिव थे…उन्होंने एमएमसी के विस्तार दलम नाम के कमांडो यूनिट के लिए करीब 200 स्थानीय लोगों की भर्ती भी की थी।

पुलिस की मानें तो नक्सली दीपक बहुत बीमार थे। उन्हें स्पॉन्डिलाइटिस था, डायबिटीज भी थी और वह कई बार जंगल में चलते हुए बेहोश हो जाते थे। उनके दाहिने घुटने का एक बार ऑपरेशन भी हो चुका था। वह जंगल में हमेशा भारी हथियारों से लैस बॉडीगार्ड्स और माओवादियों की एक प्लाटून के साथ ही जाते थे।

सन 2018 में सरेंडर करने वाले सीनियर नक्सली नेता पहाड़ सिंह के मुताबिक क्षेत्र के सभी बड़े फैसले दीपक ही लेते थे। उन्होंने ही साल 2016 में हुई एक बैठक में अमरकंटक को एमएमसी के ‘आधार क्षेत्र’ के रूप में विकसित करने के की बात कही थी।

2011 में मिलिंद तेलतुंबडे की पत्नी एंजेला सोनटक्के की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। मिलिंद प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे के भाई हैं।

प्रदेश की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले के धनोरा ताल्लुका के ग्यारापत्ती कोटगुल के जंगलों में पुलिस माओवादियों के बीच हुए मुठभेड़ में जवानों ने 26 माओवादियों को मार गिराया है, वहीं 4 जवान भी घायल हुए हैं। घायल जवानों को बेहतर उपचार के लिए हेलीकाफ्टर से नागपुर ले जाया गया है, जहां सभी घायलों का उपचार जारी है ।

गढ़चिरोली एसपी अंकित गोयल ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस के सी 60 दस्ते के जवान 12 नवम्बर से नक्सल विरोधी अभियान में निकले हुए थे । इसी अभियान के दौरान धनोरा ताल्लुका के ग्यारापत्ती और कोटगुल के जंगलों में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर हमारे जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेरने का प्रयास किया, किंतु जैसे है माओवादियों को पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिली उन्होंने पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया।

पुलिस की सी 60 के जवानों ने भी हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया। उनका कहना था कि इस मुठभेड़ में हमारे जवानों ने 26 माओवादियों को मार गिराया है, जिनके शव भी बरामद कर लिये गये हैं । वहीं इस भीषण मुठभेड़ में हमारे चार जवान भी घायल हुए है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए हेलीकाफ्टर से नागपुर भेजा गया है, जहां उपचार जारी है । मारे गए माओवादियों में बड़े केडर के माओवादी भी शामिल हैं, जिनकी शिनाख्त होनी बाकी है।

(वरिष्ठ पत्रकार पंकज चतुर्वेदी के इनपुट के साथ बस्तर से जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

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