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उमा भारती ने फिर अपनाए बगावती तेवर, कहा- राम और अयोध्या भाजपा की बपौती नहीं

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के मोदी-शाह एकाधिकार वाले दौर में अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर शिलान्यास से दो दिन पहले मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहीं उमा भारती ने अपने बयानों से कुछ हलचल पैदा कर दी है। उमा भारती ने कहा है कि भगवान राम का नाम और अयोध्या भाजपा की बपौती नहीं हैं। इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि वे मंदिर शिलान्यास समारोह में उपस्थित रहने के बजाय उस दौरान सरयू तट पर रहेंगी। गृह मंत्री अमित शाह को कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि वे शिलान्यास में उपस्थित रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर चिंतित हैं।

उमा भारती राम जन्मभूमि आंदोलन की शुरुआत में ही अपने भड़काऊ भाषणों को लेकर चर्चित हो गई थीं और उनके नाम के साथ मीडिया ने `फायर ब्रांड` जोड़ दिया था। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहीं उमा को बीच में बीजेपी छोड़कर अपनी पार्टी भी बनानी पड़ी थी पर बाद में उनकी घर वापसी हो गई थी। मोदी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में वे मंत्री पद पाने में सफल रही थीं पर इस बार वे चुनाव लड़ने से भी वंचित रहीं। अभी 25 जुलाई को उन्होंने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में ईश्वर का अंश दिखता है। लेकिन लगता है कि उनकी यह तरकीब काम नहीं आ सकी है और उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिल सका है।

उन्होंने अचानक अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं का नाम लिए बिना हमलावर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम का नाम और अयोध्या बीजेपी की बपौती नहीं हैं। वे सबके हैं, जो बीजेपी में हैं और जो बीजेपी में नहीं हैं। जो भी राम को मानते हैं चाहे वे किसी भी धर्म के हों, किसी भी पार्टी के हों, किसी भी समुदाय के हों, भारत ही नहीं, विश्व में कहीं के भी निवासी हों, जो राम के नाम पर आस्था रखते हैं, राम को मानते हैं, वे सब अधिकार रखते हैं कि वे इस बारे में अपनी राय दें। अगर हम उस अधिकार को रोकने का अहंकार पाल लेंगे, कि राम पर हमारा पेटेंट हैं, तो हम भूल रहे हैं कि हमारा अंत होना है, राम तो अनादि और अनंत हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने ट्वीट के जरिये यह जानकारी दी थी कि वे मंदिर भूमि पूजन के मौके पर वे कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय अयोध्या में ही सरयू तट पर रहेंगी और भूमि पूजन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रामलला के दर्शन करेंगी। उमा भारती ने लिखा था कि उन्होंने इसकी जानकारी राम जन्मभूमि ट्रस्ट और पीएमओ को दे दी है। उन्होंने इसकी वजह कोरोना संक्रमण से पैदा स्थिति को बताया था।

उमा भारती के ट्वीट – “कल जब से मैंने श्री अमित शाह जी तथा बीजेपी के नेताओं के बारे में कोरोना पोज़िटिव होने का सुना तभी से मैं अयोध्या में मंदिर के शिलान्यास में उपस्थित लोगों के लिये, ख़ासकर नरेंद्र मोदी जी के लिये चिंतित हूँ। इसीलिये मैंने राम जन्मभूमि न्यास के अधिकारियों को सूचना दी है कि शिलान्यास के कार्यक्रम के मुहूर्त पर मैं अयोध्या में सरयू के किनारे पर रहूँगी”।

“मैं भोपाल से आज रवाना होऊंगी। कल शाम अयोध्या पहुंचने तक मेरी किसी संक्रमित व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। ऐसी स्थिति में जहाँ नरेंद्र मोदी और सैकड़ों लोग उपस्थित हों मैं उस स्थान से दूरी रखूँगी। तथा नरेंद्र मोदी और सभी समूह के चले जाने के बाद ही मैं रामलला के दर्शन करने पहुँचूँगी”।

“यह सूचना मैंने अयोध्या में राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ अधिकारी और पीएमओ को भेज दी है कि माननीय नरेंद्र मोदी के शिलान्यास कार्यक्रम के समय उपस्थित समूह के सूची में से मेरा नाम अलग कर दें”।

गौरतलब है कि मंदिर आंदोलन के सहारे प्रधानमंत्री पद की दावेदारी तक पहुंचे और फिर मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भयंकर उपेक्षा झेल रहे लाल कृष्ण आडवाणी और भाजपा में उनके समकालीन मुरली मनोहर जोशी भी कार्यक्रम में नहीं होंगे।

(जनचौक ब्यूरो रिपोर्ट।)

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This post was last modified on August 3, 2020 10:04 pm

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