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सुशांत मामले में बिहार पुलिस लिख रही है सीआरपीसी की नई परिभाषा

पूरे देश में संविधान और कानून के शासन का सरकारी एजेंसियां डंके की चोट पर मखौल उड़ा रही हैं। फिर भला बिहार पुलिस किसी से कम है क्या? बिहार पुलिस दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की नई परिभाषा लिख रही है। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में बिहार पुलिस जांच करने के लिए मुंबई पहुंची हुई है। बिहार पुलिस अभी तक इस मामले में छह लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।

अमूमन कानूनी तौर पर एफआईआर वहां दर्ज की जाती है, जिस थाना क्षेत्र में अपराध या घटना घटित होती है। ऐसे में सुशांत सिंह खुदकुशी मामला मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन के तहत आता है।

मुंबई पुलिस इस पूरे मामले की जांच लगातार कर भी रही है, लेकिन अब खास परिस्थितियों का हवाला देते हुए सुशांत के पिता केके सिंह ने बिहार में इस मामले को लेकर मामला दर्ज करवाया है। प्रावधान है कि मामला चाहे कहीं भी दर्ज हो उसको संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दिया जाता है, लेकिन बिहार पुलिस ने ऐसा न करके खुद ही विवेचना शुरू कर दी है जो विधि सम्मत नहीं है।

सुशांत सिंह मौत मामले में बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती की याचिका पर उच्चतम न्यायालय पांच अगस्त को सुनवाई कर सकता है। उच्चतम न्यायालय की कंप्यूटर जनित लिस्ट में इस केस की सुनवाई की संभावित तारीख पांच अगस्त दिखाई दे रही है। रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार द्वारा बिहार में दर्ज कराई गई एफआईआर को मुंबई में ट्रांसफर कराने के लिए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।

रिया चक्रवर्ती ने उच्चतम न्यायालय में माना है कि वह सुशांत के साथ लिव इन रिलेशनशिप में थीं। रिया चक्रवर्ती ने अपनी याचिका में कहा है कि वह एक साल तक सुशांत के साथ लिव इन रिलेशन में रहीं थीं। आठ जून को वह सुशांत के घर से सांताक्रुज अपने घर चली गईं। सुशांत डिप्रेशन के मरीज थे। 14 जून को उन्होंने बांद्रा वेस्ट में अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

याचिका में यह कहा गया है कि रिया सुशांत से बहुत प्यार करती थीं। वह खुद इस घटना से काफी दुखी और परेशान हैं। यहां तक कि उन्होंने 16 जुलाई को एक ट्विट कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह प्रार्थना की कि वह मामले की जांच सीबीआई को सौंप दें। उधर, सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ही निशाना बना रहे हैं। उन्हें लालची कहा गया। उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए।

रिया ने कहा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उसे हत्या और बलात्कार की धमकी मिल रही हैं। उसने मुंबई के सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई है। याचिका में कहा गया है कि सुशांत के पिता का बिहार में काफी प्रभाव है। वहां निष्पक्ष जांच नहीं हो पाएगी। सुशांत के पिता को स्थानीय अधिकारियों का भी समर्थन है और वह जांच और ट्रायल को प्रभावित कर सकते हैं।

याचिका में कहा गया है कि यह मान भी लिया जाए कि आरोपों में सच्चाई है तो भी अपराध  पूरी तरह से मुंबई पुलिस के अधिकार क्षेत्र में होगा। अपनी ट्रांसफर याचिका में रिया ने दावा किया है कि सुशांत डिप्रेशन का शिकार थे और डिप्रेशन की दवा ले रहा थे।

सुशांत सिंह राजपूत की 14 जून को सुसाइड से मौत हुई। इसके बाद से मुंबई पुलिस प्रोफेशनल दुश्मनी से लेकर क्लिनिकल डिप्रेशन के एंगल की जांच कर रही है। सुशांत की मौत के बाद सोशल मीडिया पर नेपोटिज्म को लेकर बड़ी बहस छिड़ी।

कंगना रनौत ने एक वीडियो में दावा किया कि सुशांत नेपोटिज्म के शिकार हुए थे और इंडस्ट्री के दबाव की वजह से उनकी मौत हुई। मुंबई पुलिस ने 40 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें महेश भट्ट, रिया चक्रवर्ती, डायरेक्टर-प्रोड्यूसर संजय लीला भंसाली, फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा, मुकेश छाबड़ा, फिल्ममेकर शेखर कपूर, फिल्म क्रिटिक राजीव मसंद शामिल हैं।

पुलिस ने 27 जुलाई को कहा कि सुशांत की विसरा रिपोर्ट से सुसाइड की पुष्टि हुई है। कोई गड़बड़ नहीं हुई थी। इस केस में 28 जुलाई को तब बड़ा मोड़ आया, जब सुशांत के पिता ने बिहार के पटना में रिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।

एफआईआर में सुसाइड के लिए उकसाने समेत कई आरोप लगाए गए। एफआईआर में रिया, उनके भाई और परिवार के कई सदस्यों का नाम हैं। आरोप लगाया गया कि रिया ने सुशांत के साथ धोखाधड़ी की थी और मानसिक रूप से उत्पीड़न किया था।

एक साल में सुशांत के बैंक अकाउंट से किसी अज्ञात अकाउंट में 15 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। सुशांत के क्रेडिट कार्ड और बैंक अकाउंट रिया और उनका परिवार चलाते थे। रिया आठ जून को सुशांत के कैश, ज्वेलरी, एटीएम कार्ड्स, लैपटॉप और कई सामान के साथ चली गईं। सुशांत फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर ऑर्गेनिक फार्मिंग करना चाहते थे, लेकिन रिया ने उन्हें रोका और उनकी मेडिकल रिपोर्ट सार्वजानिक करने की धमकी दी।

उच्चतम न्यायालय ने 31 जुलाई को सुशांत की मौत की सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा कि पुलिस को अपना काम करने दीजिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता अल्का प्रिया से कहा कि अगर आपके पास कुछ ठोस है तो बॉम्बे हाई कोर्ट जाइए।

29 जुलाई को महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सीबीआई जांच की उठ रही मांगों पर कहा था कि इसका सवाल ही नहीं बनता है। रिया चक्रवर्ती ट्विटर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच की मांग कर चुकी हैं।

सुशांत के सीए ने 30 जुलाई को एक्टर और रिया चक्रवर्ती के बीच किसी बड़े अमाउंट के ट्रांसफर के दावों को खारिज किया है। सीए संदीप श्रीधर ने कहा, “कुछ हजार को छोड़ कर रिया के अकाउंट में ऐसा कोई बड़ा ट्रांसफर नहीं हुआ है। सीए ने बताया कि एक बार रिया की मां ने सुशांत को 33,000 रुपये ट्रांसफर किए थे।

श्रीधर ने कहा कि वो फिल्म स्टार था और इसलिए उसे अपना खर्चा और लाइफस्टाइल मेंटेन रखना होता था। वो दोनों साथ में ट्रेवल करते थे और वो अपनी मर्जी से जीता था। मुंबई पुलिस को अपने बयान में सीए ने कहा कि जितना परिवार दावा कर रहा है, उतना पैसा सुशांत के पास नहीं था।

इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जुलाई को सुशांत की मौत के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का एक केस दर्ज किया है। ये केस बिहार पुलिस की FIR के आधार पर दर्ज हुआ है। सुशांत के पिता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे के अकाउंट से रिया और कई लोगों के बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ है।

गौरतलब है कि जिस तरह से बिहार सरकार में शामिल भाजपा के दर्जनों विधायकों, मंत्रियों और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, सांसद अजय निषाद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है, उससे यह मामला किसी और ही दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई केंद्रीय मंत्री भी सीबीआई से जांच की मांग कर रहे हैं। इसे देखते हुए यह सवाल उठने लगे हैं कि इस आत्महत्या की जांच को क्या राजनीतिक रंग दिया जा रहा है?

दरअसल बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है और कोई भी दल विशेष रूप से एनडीए में शामिल भाजपा राजपूत वोट बैंक को नाराज़ नहीं करना चाहती। इसलिए बढ़ चढ़ कर इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है।

सुशांत सिंह राजपूत मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर पक्ष रखने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने भी उच्चतम न्यायालय में कैविएट दाखिल किया है। राज्य सरकार चाहती है कि रिया की याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष भी सुना जाए। इसके पहले बिहार सरकार और सुशांत के पिता भी कैविएट दाखिल कर चुके हैं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

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This post was last modified on August 2, 2020 9:39 am

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