बिजली बिल नहीं चुका पाया तो बाइक नीलाम कर दी गई, अब संपत्ति नीलाम होगी

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“लिया है तो चुकाना तो पड़ेगा ही ” इस टैगलाइन के साथ साल 2008 में एक फिल्म आई थी ‘ईएमआई ‘। पूंजीवाद का एक ही उसूल है उपभोग करने का अधिकार उसे है जो उसकी कीमत चुका सकता है। लेकिन यह वसूल बड़े-बड़े कार्पोरेट पर लागू नहीं होती। आम आदमी अगर बिजली का बिल नहीं चुका पाता बैंक का कर्ज़ नहीं चुका पाता तो उसके खेत खलिहान, घर-बार, सर-सामान कुर्क करवा लिये जाते हैं वहीं अगर कोई बड़ा कार्पोरेट कर्ज नहीं चुका पाता तो उसकी कर्ज राशि बैंक के बट्टे खाते (NPA) में डालकर उसे नया कर्ज़ दे दिया जाता है।

ये कार्पोरेट की दुनिया है। अंबानी अडानी की दुनिया में आपका स्वागत है। तो नया मामला ये है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली के बकाया बिल की वसूली के लिए एक उपभोक्ता की मोटर बाइक नीलाम कर दी है। यह पहला मौका है जब बिजली कंपनी ने बकाया वसूलने के लिए संपत्ति नीलाम कर दी।

अधीक्षण यंत्री के अनुसार ग्राम जामगोदा चंबल की बिजली उपभोक्ता जानकी बाई पर बिजली बिल के 42 हजार रुपये बकाया थे। वसूली के लिए पहले नोटिस दिए गए फिर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्रामीण अधीक्षण यंत्री ध्रुवनारायण शर्मा के निर्देश पर कल 18 मार्च गुरुवार को देपालपुर क्षेत्र में पदेन तहसीलदार कार्यालय पर बाइक की नीलामी कर दी गई।

बता दें कि बीते दिनों पदेन तहसीलदार विजयकुमार ने बाइक क्रमांक एमपी 09 एनवाय 2487 को कुर्क किया था। कुर्की के बाद उपभोक्ता को बिल जमा करने का समय दिया गया। समय देने व नोटिस देने के बाद भी उपभोक्ता ने बिल जमा नहीं किया तो कुर्क बाइक नीलाम कर दी।

कार्यपालन यंत्री आकाश बंसल ने मीडिया को बताया है कि नीलामी प्रक्रिया में तीन बोलीदार आए। सबसे ज्यादा 15 हजार 650 रुपये की बोली लगाकर गौतमपुरा के सोमेश कुमार नागेश्वर ने बाइक खरीद ली। बिजली कंपनी ने अब आरटीओ को सूचना देकर बाइक नीलामी खरीदार के नाम रजिस्टर्ड करने के लिए कहा है। चूंकि अब भी बिल की पूरी राशि नहीं वसूली जा सकी है। आगे बकायादार उपभोक्ता की अन्य संपत्ति कुर्क कर शेष बिल की भी वसूली होगी।

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